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पखवाड़े भर में दो क्रय केंद्रों ने खरीदा 238 क्विंटल धान
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कटेहरी (अंबेडकरनगर)। स्थानीय ब्लॉक मुख्यालय पर धान खरीद के लिए स्थापित क्रय केंद्रों पर किसानों को धान की बिक्री कर पाना मुश्किल हो रहा है। धान खरीद शुरू हुए पखवारे भर से अधिक का समय बीत गया लेकिन ब्लॉक मुख्यालय पर स्थापित दो क्रय केंद्रों ने अब तक महज 238.20 क्विंटल धान की खरीद सिर्फ पांच किसानों से की है। क्रय केंद्र पर चल रही इस सुस्त रफ्तारी खरीद से किसानों में नाराजगी का माहौल है। किसानों ने प्रशासन से क्रय केंद्रों पर धान खरीद में तेजी लाए जाने की मांग की है।
शासन के निर्देश पर जिले में पहली नवंबर से क्रय केंद्रों पर धान की खरीद का कार्य शुरू है। इसमें कटेहरी ब्लॉक मुख्यालय पर स्थित क्रय केंद्रों की खरीद को लेकर बरती जा रही सुस्ती किसानों पर भारी पड़ रही है। ब्लॉक मुख्यालय होने के चलते कटेहरी में किसानों की आमद अधिक है। ऐसे में प्रशासन ने यहां पर दो क्रय केंद्र स्थापित किए हैं। इनमें से एक क्रय केंद्र पीसीएफ का है तथा दूसरा विपणन विभाग का है।
खरीद में बरती जा रही मनमानी का आलम यह है कि खरीद शुरू हुए 15 दिन बीत गए लेकिन इन क्रय केंद्रों पर खरीद के नाम पर सिर्फ फर्ज अदायगी ही हो सकी है। हालात ये हैं कि पखवाड़े भर का समय बीतने के बावजूद दोनों क्रय केंद्रों द्वारा पांच किसानों से सिर्फ 238.20 क्विंटल धान की ही खरीद की जा सकी है।
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इसमें विपणन विभाग के क्रय केंद्र ने 133.20 क्विंटल तो वहीं पीसीएफ के क्रय केंद्र ने 105 क्विंटल धान की खरीद की है। हालत यह है कि किसान ट्रॉलियां लेकर क्रय केंद्र पर खड़े हैं लेकिन तौल नहीं हो पा रही है।
किसानों को उत्पादन का उचित दाम मिल सके, इसके लिए शासन ने कॉमन धान के लिए 1940 रुपये प्रति क्विंटल तथा ग्रेडेड धान का मूल्य 1960 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया है परंतु क्रय केंद्रों पर धान खरीद न हो पाने के चलते किसान आढ़तियों के हाथों 1100 से लेकर 1150 रुपये प्रति क्विंटल की दर से अपनी उपज बेचने के लिए विवश हैं।
किसानों को प्रति क्विंटल लगभग 800 रुपये तक का नुकसान हो रहा है। किसान राजितराम वर्मा, ओमप्रकाश तिवारी व संगमलाल आदि ने प्रशासन से क्रय केंद्रों पर धान की सुचारु खरीद कराए जाने की मांग की है।
पीसीएफ के क्रय केंद्र प्रभारी दिवाकर वर्मा ने बताया कि खरीद कार्य निर्धारित तिथि से काफी बाद शुरू हुई। आने वाले समय में धान की खरीद में तेजी लाई जाएगी। किसानों को दिक्कत नहीं होने दी जाएगी।
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शासन के निर्देश पर जिले में पहली नवंबर से क्रय केंद्रों पर धान की खरीद का कार्य शुरू है। इसमें कटेहरी ब्लॉक मुख्यालय पर स्थित क्रय केंद्रों की खरीद को लेकर बरती जा रही सुस्ती किसानों पर भारी पड़ रही है। ब्लॉक मुख्यालय होने के चलते कटेहरी में किसानों की आमद अधिक है। ऐसे में प्रशासन ने यहां पर दो क्रय केंद्र स्थापित किए हैं। इनमें से एक क्रय केंद्र पीसीएफ का है तथा दूसरा विपणन विभाग का है।
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खरीद में बरती जा रही मनमानी का आलम यह है कि खरीद शुरू हुए 15 दिन बीत गए लेकिन इन क्रय केंद्रों पर खरीद के नाम पर सिर्फ फर्ज अदायगी ही हो सकी है। हालात ये हैं कि पखवाड़े भर का समय बीतने के बावजूद दोनों क्रय केंद्रों द्वारा पांच किसानों से सिर्फ 238.20 क्विंटल धान की ही खरीद की जा सकी है।
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इसमें विपणन विभाग के क्रय केंद्र ने 133.20 क्विंटल तो वहीं पीसीएफ के क्रय केंद्र ने 105 क्विंटल धान की खरीद की है। हालत यह है कि किसान ट्रॉलियां लेकर क्रय केंद्र पर खड़े हैं लेकिन तौल नहीं हो पा रही है।
किसानों को उत्पादन का उचित दाम मिल सके, इसके लिए शासन ने कॉमन धान के लिए 1940 रुपये प्रति क्विंटल तथा ग्रेडेड धान का मूल्य 1960 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया है परंतु क्रय केंद्रों पर धान खरीद न हो पाने के चलते किसान आढ़तियों के हाथों 1100 से लेकर 1150 रुपये प्रति क्विंटल की दर से अपनी उपज बेचने के लिए विवश हैं।
किसानों को प्रति क्विंटल लगभग 800 रुपये तक का नुकसान हो रहा है। किसान राजितराम वर्मा, ओमप्रकाश तिवारी व संगमलाल आदि ने प्रशासन से क्रय केंद्रों पर धान की सुचारु खरीद कराए जाने की मांग की है।
पीसीएफ के क्रय केंद्र प्रभारी दिवाकर वर्मा ने बताया कि खरीद कार्य निर्धारित तिथि से काफी बाद शुरू हुई। आने वाले समय में धान की खरीद में तेजी लाई जाएगी। किसानों को दिक्कत नहीं होने दी जाएगी।