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अवैध धन उगाही की शिकायत पर नपे दो लिपिक, टेंडर निरस्त
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अंबेडकरनगर। सिंचाई खंड कार्यालय में निर्धारित मूल्यों से अधिक कीमत पर टेंडर बेचे जाने के मामले में शिकायत के बाद से विभाग में खलबली मची है। उच्चाधिकारियों के निर्देश पर जहां दोनों लिपिकों को उनके पटल से हटा दिया गया। वहीं विभिन्न नालों की सफाई के लिए निकाले गए सभी 42 टेंडर को निरस्त कर दिया गया।
गौरतलब है कि सिंचाई खंड कार्यालय टांडा में 42 नालों की सफाई के लिए टेंडर फार्म को निर्धारित सरकारी कीमत से कई गुना अधिक कीमत पर बेचे जाने का मामला बीते दिनों सामने आया था। इसे संज्ञान लेकर सिंचाई विभाग के मंडलीय अधिकारी सहित उपजिलाधिकारी महेन्द्र पाल सिंह ने भी अधिशाषी अभियंता को पत्र लिखकर जवाब मांगा था। इसे लेकर विभाग में हड़कंप मचा हुआ था।
इस बीच मामले को तूल पकड़ा देख अधिशाषी अभियंता बीसी लाल ने लिपिक दुर्गेश कुमार व लिपिक निलांबुज पांडेय पर अनुशासकीय कार्रवाई करते हुए तत्काल प्रभाव से पटल से हटाते हुए जवाब तलब किया। वहीं नालों की सफाई के लिए निकाले गए 42 टेंडर को भी निरस्त कर दिया गया। टेंडर निरस्त होने के कारण अब बरसात से पूर्व नालों की समुचित सफाई नहीं हो सकेगी। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में जलभराव की समस्या पैदा हो सकती है। ऐसे में इसका खामियाजा आम लोगों को भुगतना पड़ेगा।
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गौरतलब है कि सिंचाई खंड कार्यालय टांडा में 42 नालों की सफाई के लिए टेंडर फार्म को निर्धारित सरकारी कीमत से कई गुना अधिक कीमत पर बेचे जाने का मामला बीते दिनों सामने आया था। इसे संज्ञान लेकर सिंचाई विभाग के मंडलीय अधिकारी सहित उपजिलाधिकारी महेन्द्र पाल सिंह ने भी अधिशाषी अभियंता को पत्र लिखकर जवाब मांगा था। इसे लेकर विभाग में हड़कंप मचा हुआ था।
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इस बीच मामले को तूल पकड़ा देख अधिशाषी अभियंता बीसी लाल ने लिपिक दुर्गेश कुमार व लिपिक निलांबुज पांडेय पर अनुशासकीय कार्रवाई करते हुए तत्काल प्रभाव से पटल से हटाते हुए जवाब तलब किया। वहीं नालों की सफाई के लिए निकाले गए 42 टेंडर को भी निरस्त कर दिया गया। टेंडर निरस्त होने के कारण अब बरसात से पूर्व नालों की समुचित सफाई नहीं हो सकेगी। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में जलभराव की समस्या पैदा हो सकती है। ऐसे में इसका खामियाजा आम लोगों को भुगतना पड़ेगा।
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