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1752 मरीजों का उपचार, 587 गोल्डन कार्ड बने
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अंबेडकरनगर। जिले के 29 स्वास्थ्य केंद्रों पर रविवार को मुख्यमंत्री जन आरोग्य मेले का आयोजन हुआ। इसमें विभिन्न क्षेत्रों से आए कुल 1752 मरीजों ने परीक्षण कराया। चिकित्सकों ने उनकी जांच कर दवाएं दीं। इस दौरान पात्र मिले 587 लोगों के गोल्डन कार्ड बनाए गए।
रविवार के अवकाश में भी मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने के लिए दो दर्जन से अधिक अस्पतालों पर मुख्यमंत्री जन आरोग्य मेले का आयोजन किया गया। भीटी सीएचसी पर अधीक्षक डॉ. ओम विकास मिश्र के नेतृत्व में मेले का आयोजन हुआ। डॉ. शशिकुमार, डॉ. मनीष कुमार, फार्मासिस्ट कृष्ण कुमार श्रीवास्तव व विनोद पांडेय ने 48 मरीजों का उपचार किया।
जिला अस्पताल के प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. संजय वर्मा ने बताया कि अलग-अलग केंद्रों पर आयोजित मेले में कुल 1752 मरीजों ने चिकित्सकों को दिखाया। इस मेले से ग्रामीण क्षेत्र के मरीजों को काफी लाभ मिल रहा है। मरीज आसानी से चिकित्सीय सलाह लेते हैं। मेले में लगभग सभी तरह के चिकित्सकों की उपलब्धता रहती है।
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उन्होंने बताया कि आयुष्मान भारत योजना के तहत 587 पात्रों के गोल्डन कार्ड बनाए गए। इतने ही लोगों की कोविड जांच की गई। 112 मरीजों की हेपेटाइटिस-बी जांच की गई। 17 मरीजों को जिला अस्पताल या फिर मेडिकल कॉलेज के लिए रेफर किया गया। कुल 46 एलोपैथिक चिकित्सकों व 12 आयुष चिकित्सकों ने मिलकर मरीजों को परामर्श दिया। 58 पैरा मेडिकल स्टॉफ ने मरीजों को दवाएं देने व जांच करने में सहयोग किया।
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रविवार के अवकाश में भी मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने के लिए दो दर्जन से अधिक अस्पतालों पर मुख्यमंत्री जन आरोग्य मेले का आयोजन किया गया। भीटी सीएचसी पर अधीक्षक डॉ. ओम विकास मिश्र के नेतृत्व में मेले का आयोजन हुआ। डॉ. शशिकुमार, डॉ. मनीष कुमार, फार्मासिस्ट कृष्ण कुमार श्रीवास्तव व विनोद पांडेय ने 48 मरीजों का उपचार किया।
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जिला अस्पताल के प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. संजय वर्मा ने बताया कि अलग-अलग केंद्रों पर आयोजित मेले में कुल 1752 मरीजों ने चिकित्सकों को दिखाया। इस मेले से ग्रामीण क्षेत्र के मरीजों को काफी लाभ मिल रहा है। मरीज आसानी से चिकित्सीय सलाह लेते हैं। मेले में लगभग सभी तरह के चिकित्सकों की उपलब्धता रहती है।
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उन्होंने बताया कि आयुष्मान भारत योजना के तहत 587 पात्रों के गोल्डन कार्ड बनाए गए। इतने ही लोगों की कोविड जांच की गई। 112 मरीजों की हेपेटाइटिस-बी जांच की गई। 17 मरीजों को जिला अस्पताल या फिर मेडिकल कॉलेज के लिए रेफर किया गया। कुल 46 एलोपैथिक चिकित्सकों व 12 आयुष चिकित्सकों ने मिलकर मरीजों को परामर्श दिया। 58 पैरा मेडिकल स्टॉफ ने मरीजों को दवाएं देने व जांच करने में सहयोग किया।