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आंधी ने बरपाया कहर, पेड़ गिरने से महिला की मौत
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अंबेडकरनगर। जिले में बीती देर शाम आई आंधी ने जगह-जगह कहर बरपाया। कटका थाना क्षेत्र के पुरैना गांव में पेड़ गिर गया, जिसके नीचे दबकर एक महिला की मौत हो गई। इसके साथ ही जहां दो दर्जन से अधिक टिन शेड उड़ गए, वहीं करीब एक दर्जन जगह पेड़ धराशायी हो गए। आंधी के चलते जिले में विद्युत आपूर्ति व्यवस्था छिन्न-भिन्न हो गई, जिससे लगभग डेढ़ लाख की आबादी प्रभावित हुई। शहरी क्षेत्रों में तो शुक्रवार देर रात तक गड़बड़ी दूर कर आपूर्ति बहाल कर दी गई, लेकिन तमाम ग्रामीण क्षेत्रों में शनिवार को दोपहर बाद ही बिजली आपूर्ति बहाल हो सकी।
जिले में शुक्रवार देर शाम आई आंधी ने जगह-जगह कहर बरपाया। इससे कहीं टिन शेड उड़ गए, तो कहीं छप्पर। दर्जनों पेड़ धराशायी हो गए, तो जर्जर विद्युत खंभे व तार भी क्षतिग्रस्त हो गए। आंधी ने एक महिला की जान ले ली। देर शाम कटका थाना क्षेत्र के पुरैना गांव निवासी सुशीला (30) पत्नी दीपक खेत में काम कर घर लौट रही थी। बताया जाता है कि इसी बीच आंधी आ गई। वह इससे बचने के लिए एक पेड़ के नीचे खड़ी हो गई। इसी बीच पेड़ धराशायी हो गया। इससे वह उसकी चपेट में आ गई। चीख पुकार पर आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे और उसे पेड़ के नीचे से बाहर निकाला। गंभीर हालत में उसे सीएचसी बसखारी ले जाया गया, जहां हालत नाजुक देख केजीएमयू लखनऊ रेफर कर दिया गया। मगर रास्ते में ही उसकी मौत हो गई। उधर, एसओ कटका विजय तिवारी ने बताया कि उन्हें ऐसी किसी घटना की जानकारी नहीं है। इसके अलावा जिले के विभिन्न क्षेत्रों में न सिर्फ टिन शेड, बल्कि छप्पर भी उड़ गए।
इन क्षेत्रों के लोगों ने झेला बिजली संकट
जिले में देर शाम आई आंधी से विद्युत आपूर्ति पूरी तरह ध्वस्त हो गई। कहीं पेड़ व डाल तार पर गिरने, तो कहीं विद्युत खंभा क्षतिग्रस्त हो जाने से संबंधित क्षेत्र की विद्युत आपूर्ति बाधित हो गई। बदतर विद्युत आपूर्ति का खामियाजा लगभग डेढ़ लाख आबादी को भुगतना पड़ा। आंधी के चलते तार टूटने व विद्युत खंभा क्षतिग्रस्त होने से महरुआ विद्युत उपकेंद्र से जुड़े करौना, मंशाराम, पांती, पतौना, कटरिया, बड़ागांव, दांदूपुर, मीरपुर, सेमरी, बरामदपुर जरियारी, कुड़िया, गोइथा, दरकपुर, नरायनपुर, महरुआ, लोकनाथपुर, मगनपुर, बाहरपुर, रामपुर हरिनंदन समेत तीन दर्जन से अधिक गांवों की विद्युत आपूर्ति बाधित हो गई। कुछ गांवों में तो रात तक गड़बड़ी दूर कर आपूर्ति बहाल कर दी गई, लेकिन ज्यादातर गांवों में शनिवार दोपहर बाद आपूर्ति बहाल हो सकी। इससे लगभग 50 हजार आबादी को अंधेरे में ही रात गुजारनी पड़ी। आंधी के चलते अकबरपुर विद्युत उपकेंद्र के आठ फीडरों को बंद कर दिया गया। हालांकि देर रात तक एक-एक कर फीडर शुरू तो किए गए, लेकिन टाउन फीडर, साउथ वेस्ट व स्पेयर फीडर से जुड़े 3 दर्जन से अधिक गांवों की विद्युत आपूर्ति शनिवार सुबह बहाल हो सकी। ऐसे में इससे जुड़ी लगभग एक लाख आबादी को अंधेरे में रात गुजारने को मजबूर होना पड़ा। इसके अलावा भीटी, जलालपुर, टांडा व आलापुर तहसील क्षेत्र में लगभग 50 हजार आबादी को विभिन्न गड़बड़ियों के चलते अंधेरे में रहना पड़ा। उधर, अधिशाषी अभियंता विद्युत अकबरपुर वीके पटेल ने बताया कि ज्यादातर क्षेत्रों में गड़बड़ी दूर कर विद्युत आपूर्ति बहाल कर दी गई थी।
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जिले में शुक्रवार देर शाम आई आंधी ने जगह-जगह कहर बरपाया। इससे कहीं टिन शेड उड़ गए, तो कहीं छप्पर। दर्जनों पेड़ धराशायी हो गए, तो जर्जर विद्युत खंभे व तार भी क्षतिग्रस्त हो गए। आंधी ने एक महिला की जान ले ली। देर शाम कटका थाना क्षेत्र के पुरैना गांव निवासी सुशीला (30) पत्नी दीपक खेत में काम कर घर लौट रही थी। बताया जाता है कि इसी बीच आंधी आ गई। वह इससे बचने के लिए एक पेड़ के नीचे खड़ी हो गई। इसी बीच पेड़ धराशायी हो गया। इससे वह उसकी चपेट में आ गई। चीख पुकार पर आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे और उसे पेड़ के नीचे से बाहर निकाला। गंभीर हालत में उसे सीएचसी बसखारी ले जाया गया, जहां हालत नाजुक देख केजीएमयू लखनऊ रेफर कर दिया गया। मगर रास्ते में ही उसकी मौत हो गई। उधर, एसओ कटका विजय तिवारी ने बताया कि उन्हें ऐसी किसी घटना की जानकारी नहीं है। इसके अलावा जिले के विभिन्न क्षेत्रों में न सिर्फ टिन शेड, बल्कि छप्पर भी उड़ गए।
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इन क्षेत्रों के लोगों ने झेला बिजली संकट
जिले में देर शाम आई आंधी से विद्युत आपूर्ति पूरी तरह ध्वस्त हो गई। कहीं पेड़ व डाल तार पर गिरने, तो कहीं विद्युत खंभा क्षतिग्रस्त हो जाने से संबंधित क्षेत्र की विद्युत आपूर्ति बाधित हो गई। बदतर विद्युत आपूर्ति का खामियाजा लगभग डेढ़ लाख आबादी को भुगतना पड़ा। आंधी के चलते तार टूटने व विद्युत खंभा क्षतिग्रस्त होने से महरुआ विद्युत उपकेंद्र से जुड़े करौना, मंशाराम, पांती, पतौना, कटरिया, बड़ागांव, दांदूपुर, मीरपुर, सेमरी, बरामदपुर जरियारी, कुड़िया, गोइथा, दरकपुर, नरायनपुर, महरुआ, लोकनाथपुर, मगनपुर, बाहरपुर, रामपुर हरिनंदन समेत तीन दर्जन से अधिक गांवों की विद्युत आपूर्ति बाधित हो गई। कुछ गांवों में तो रात तक गड़बड़ी दूर कर आपूर्ति बहाल कर दी गई, लेकिन ज्यादातर गांवों में शनिवार दोपहर बाद आपूर्ति बहाल हो सकी। इससे लगभग 50 हजार आबादी को अंधेरे में ही रात गुजारनी पड़ी। आंधी के चलते अकबरपुर विद्युत उपकेंद्र के आठ फीडरों को बंद कर दिया गया। हालांकि देर रात तक एक-एक कर फीडर शुरू तो किए गए, लेकिन टाउन फीडर, साउथ वेस्ट व स्पेयर फीडर से जुड़े 3 दर्जन से अधिक गांवों की विद्युत आपूर्ति शनिवार सुबह बहाल हो सकी। ऐसे में इससे जुड़ी लगभग एक लाख आबादी को अंधेरे में रात गुजारने को मजबूर होना पड़ा। इसके अलावा भीटी, जलालपुर, टांडा व आलापुर तहसील क्षेत्र में लगभग 50 हजार आबादी को विभिन्न गड़बड़ियों के चलते अंधेरे में रहना पड़ा। उधर, अधिशाषी अभियंता विद्युत अकबरपुर वीके पटेल ने बताया कि ज्यादातर क्षेत्रों में गड़बड़ी दूर कर विद्युत आपूर्ति बहाल कर दी गई थी।
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