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नए उपकेंद्र से भी राहत नहीं, सिरदर्द बनी आवाजाही
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अंबेडकरनगर। उपभोक्ताओं को राहत देने के लिए अशरफपुर बरवां में स्थापित नया विद्युत उपकेंद्र भी उपभोक्ताओं को राहत नहीं पहुंचा पा रहा है। भीषण गर्मी में अघोषित कटौती से बिजली की आवाजाही उपभोक्ताओं की सिरदर्दी बढ़ा रही है। इसके चलते ही रोस्टर के इतर ग्रामीण क्षेत्र के उपभोक्ताओं को 18 घंटे की जगह बमुश्किल 10 घंटे ही बिजली सप्लाई मिल पा रही है। परेशान उपभोक्ताओं का कहना है कि इससे बेहतर बिजली सप्लाई तो क्षेत्र के लोगों को अकबरपुर उपकेंद्र के साउथ बेस्ट फीडर से ही मिल रही थी।
अकबरपुर विद्युत उपकेंद्र के सबसे लंबे फीडर साउथ वेस्ट के लोड को कम करने व उपभोक्ताओं को सुचारु विद्युत आपूर्ति मुहैया कराने के लिए शासन द्वारा अशरफपुर बरवां में विद्युत उपकेन्द्र की स्थापना की गई है। पांच एमबी क्षमता के इस उपकेंद्र पर तीन दर्जन से अधिक गांवों की लगभग 35 हजार आबादी को सुचारु आपूर्ति उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी है। उपकेंद्र के शुरू होने के बाद साउथ वेस्ट फीडर का लोड काफी कम हो गया।
उधर अशरफपुर बरवां का नया उपकेंद्र होने के बावजूद यह उपभोक्ताओं को सुचारु आपूर्ति नहीं दे पा रहा है। विद्युत बदहाली का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि आपूर्ति बाधित होने के बाद इसके बहाल होने के इंतजार में घंटों बीत जाते हैं। गुरुवार को दोपहर बाद तीन बजे करीब अशरफपुर बरवां फीडर से ठप हुई आपूर्ति बहाल होने में करीब साढ़े छह घंटे का लंबा समय लगा। क्षेत्रीय लोगों के आक्रोश बाद रात करीब साढ़े नौ बजे करीब बिजली आपूर्ति बहाल हो सकी।
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शुक्रवार को भी इस फीडर से सप्लाई के दौरान दिन भर बिजली की आवाजाही रही। परेशान उपभोक्ताओं का कहना है कि इससे बेहतर बिजली तो उन लोगों अकबरपुर उपकेंद्र के ओवरलोड चल रहे साउथ वेस्ट फीडर से ही मिल रही थी। मरथुआ सरैया के नागरिकों नेे दोबारा साउथ वेस्ट फीडर से जोड़ने की मांग की है। स्थानीय पंकज कुमार, मनीराम, जयप्रकाश व राजकरन आदि का कहना है कि या तो व्यवस्था में सुधार किया जाए या फिर उन लोगों को दोबारा साउथ वेस्ट फीडर से जोड़ दिया जाए।
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अकबरपुर विद्युत उपकेंद्र के सबसे लंबे फीडर साउथ वेस्ट के लोड को कम करने व उपभोक्ताओं को सुचारु विद्युत आपूर्ति मुहैया कराने के लिए शासन द्वारा अशरफपुर बरवां में विद्युत उपकेन्द्र की स्थापना की गई है। पांच एमबी क्षमता के इस उपकेंद्र पर तीन दर्जन से अधिक गांवों की लगभग 35 हजार आबादी को सुचारु आपूर्ति उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी है। उपकेंद्र के शुरू होने के बाद साउथ वेस्ट फीडर का लोड काफी कम हो गया।
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उधर अशरफपुर बरवां का नया उपकेंद्र होने के बावजूद यह उपभोक्ताओं को सुचारु आपूर्ति नहीं दे पा रहा है। विद्युत बदहाली का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि आपूर्ति बाधित होने के बाद इसके बहाल होने के इंतजार में घंटों बीत जाते हैं। गुरुवार को दोपहर बाद तीन बजे करीब अशरफपुर बरवां फीडर से ठप हुई आपूर्ति बहाल होने में करीब साढ़े छह घंटे का लंबा समय लगा। क्षेत्रीय लोगों के आक्रोश बाद रात करीब साढ़े नौ बजे करीब बिजली आपूर्ति बहाल हो सकी।
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शुक्रवार को भी इस फीडर से सप्लाई के दौरान दिन भर बिजली की आवाजाही रही। परेशान उपभोक्ताओं का कहना है कि इससे बेहतर बिजली तो उन लोगों अकबरपुर उपकेंद्र के ओवरलोड चल रहे साउथ वेस्ट फीडर से ही मिल रही थी। मरथुआ सरैया के नागरिकों नेे दोबारा साउथ वेस्ट फीडर से जोड़ने की मांग की है। स्थानीय पंकज कुमार, मनीराम, जयप्रकाश व राजकरन आदि का कहना है कि या तो व्यवस्था में सुधार किया जाए या फिर उन लोगों को दोबारा साउथ वेस्ट फीडर से जोड़ दिया जाए।