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Ambedkar Nagar News: सरयू नदी का जलस्तर फिर बढ़ा, कटान तेज
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टांडा क्षेत्र में लगातार बढ़ रहा सरयू नदी का जलस्तर।संवाद
राजेसुल्तानपुर। पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार बारिश और बैराजों से पानी छोड़े जाने के कारण सोमवार को सरयू नदी का जलस्तर नौ सेंटीमीटर बढ़ गया। इटौरा ढोलीपुर के मांझा क्षेत्र में कटान शुरू हो गया है। नदी किनारे के निचले इलाकों में पानी पहुंचने लगा है, हालांकि नदी अभी भी खतरे के निशान से 1.08 मीटर नीचे बह रही है।
रविवार को जलस्तर 84.39 मीटर था, जो सोमवार को बढ़कर 84.48 मीटर पहुंच गया। इस वृद्धि के बाद इटौरा ढोलीपुर गांव के पूर्वी मांझा क्षेत्र में कटान तेज हो गया है। कटान प्रभावित हिस्से में विभाग की टीम बंबू क्रेट लगा रही है। इसका उद्देश्य तेज धारा से हो रहे कटान को रोकना और कृषि भूमि की सुरक्षा करना है। मांझा कम्हरिया के ग्रामीण रामचंद्र और सतिराम ने बताया कि जलस्तर बढ़ने से हरे चारे और खेती पर असर पड़ सकता है। एसडीएम धर्मेंद्र सिंह ने कहा कि सरयू नदी का जलस्तर बढ़ा है, पर फिलहाल किसी गांव या आबादी पर खतरे की स्थिति नहीं है। कटान प्रभावित स्थानों पर बचाव कार्य कराया जा रहा है और जलस्तर की लगातार निगरानी की जा रही है।
बनाई गईं पांच बाढ़ चौकियां, निगरानी तेज
विद्युतनगर। टांडा क्षेत्र में सरयू नदी के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए संवेदनशील क्षेत्रों पर लगातार नजर रखी जा रही है। संबंधित विभागों को हर समय सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। एसडीएम टांडा संजीव सिंह ने बताया कि पांच बाढ़ चौकियां स्थापित की हैं। इसके अलावा 21 नावों की व्यवस्था की गई है। राहत एवं बचाव कार्यों में सहयोग के लिए 20 आपदा मित्रों को प्रशिक्षित किया गया है, जबकि 51 नाविक और 12 गोताखोरों को अलर्ट मोड पर रखा गया है। आवश्यकता पड़ने पर इन्हें तत्काल बचाव कार्य में लगाया जाएगा। बाढ़ खंड अयोध्या की ओर से छज्जापुर और हंसवर क्षेत्र में तट सुरक्षा के लिए स्वीकृत परियोजनाओं का कार्य पूरा हो चुका है। सरयू नदी का जलस्तर खतरे के निशान के करीब पहुंचने पर टांडा तहसील के लगभग 20 गांवों की करीब दस हजार की आबादी बाढ़ से प्रभावित होती है।
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रविवार को जलस्तर 84.39 मीटर था, जो सोमवार को बढ़कर 84.48 मीटर पहुंच गया। इस वृद्धि के बाद इटौरा ढोलीपुर गांव के पूर्वी मांझा क्षेत्र में कटान तेज हो गया है। कटान प्रभावित हिस्से में विभाग की टीम बंबू क्रेट लगा रही है। इसका उद्देश्य तेज धारा से हो रहे कटान को रोकना और कृषि भूमि की सुरक्षा करना है। मांझा कम्हरिया के ग्रामीण रामचंद्र और सतिराम ने बताया कि जलस्तर बढ़ने से हरे चारे और खेती पर असर पड़ सकता है। एसडीएम धर्मेंद्र सिंह ने कहा कि सरयू नदी का जलस्तर बढ़ा है, पर फिलहाल किसी गांव या आबादी पर खतरे की स्थिति नहीं है। कटान प्रभावित स्थानों पर बचाव कार्य कराया जा रहा है और जलस्तर की लगातार निगरानी की जा रही है।
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बनाई गईं पांच बाढ़ चौकियां, निगरानी तेज
विद्युतनगर। टांडा क्षेत्र में सरयू नदी के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए संवेदनशील क्षेत्रों पर लगातार नजर रखी जा रही है। संबंधित विभागों को हर समय सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। एसडीएम टांडा संजीव सिंह ने बताया कि पांच बाढ़ चौकियां स्थापित की हैं। इसके अलावा 21 नावों की व्यवस्था की गई है। राहत एवं बचाव कार्यों में सहयोग के लिए 20 आपदा मित्रों को प्रशिक्षित किया गया है, जबकि 51 नाविक और 12 गोताखोरों को अलर्ट मोड पर रखा गया है। आवश्यकता पड़ने पर इन्हें तत्काल बचाव कार्य में लगाया जाएगा। बाढ़ खंड अयोध्या की ओर से छज्जापुर और हंसवर क्षेत्र में तट सुरक्षा के लिए स्वीकृत परियोजनाओं का कार्य पूरा हो चुका है। सरयू नदी का जलस्तर खतरे के निशान के करीब पहुंचने पर टांडा तहसील के लगभग 20 गांवों की करीब दस हजार की आबादी बाढ़ से प्रभावित होती है।
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