{"_id":"6aad732616a29950e409c375","slug":"the-principal-woke-up-when-the-salary-was-delayed-online-attendance-started-getting-recorded-ambedkar-nagar-news-c-91-1-brp1007-165123-2026-09-18","type":"story","status":"publish","title_hn":"Ambedkar Nagar News: वेतन रुका तो जागे प्रधानाचार्य, दर्ज होने लगी ऑनलाइन उपस्थिति","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Ambedkar Nagar News: वेतन रुका तो जागे प्रधानाचार्य, दर्ज होने लगी ऑनलाइन उपस्थिति
विज्ञापन
अंबेडकरनगर। माध्यमिक विद्यालयों में छात्रों, शिक्षकों और कर्मचारियों की दैनिक ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज कराने में लापरवाही पर हुई कार्रवाई के बाद प्रधानाचार्य सक्रिय हो गए हैं। जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय की सख्ती के बाद कई विद्यालयों में अब नियमित रूप से पोर्टल पर उपस्थिति दर्ज की जा रही है। ऑनलाइन उपस्थिति के मामले में जिले की प्रदेश स्तरीय रैंक भी प्रभावित हुई है, जिसके बाद विभाग ने लापरवाह विद्यालयों पर शिकंजा कसा है।
डीआईओएस कौस्तुभ कुमार सिंह ने ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज नहीं कराने पर 17 राजकीय और 41 अशासकीय सहायता प्राप्त विद्यालयों के प्रधानाचार्यों का सितंबर माह का वेतन अग्रिम आदेश तक रोक दिया है। वहीं, 242 स्ववित्तपोषित विद्यालयों को तीन कार्यदिवस में स्पष्टीकरण देने का अंतिम मौका दिया गया है। संतोषजनक जवाब न मिलने पर मान्यता प्रत्याहरण के साथ आगामी यूपी बोर्ड परीक्षा में परीक्षा केंद्र बनाए जाने से वंचित करने की संस्तुति की चेतावनी दी गई है।
पूर्व में विभाग की ओर से ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज कराने के लिए 21 अप्रैल, पांच मई, 23 जुलाई और आठ सितंबर को निर्देश जारी किए गए थे। इसके बावजूद निर्धारित पोर्टल पर दैनिक उपस्थिति दर्ज नहीं कराई जा रही थी। विभाग ने इसे परिषद के कार्यों में व्यवधान और अनुशासनहीनता मानते हुए कार्रवाई की।
विज्ञापन
कार्रवाई के बाद विद्यालयों में हलचल बढ़ गई है। प्रधानाचार्य अब शिक्षकों और कर्मचारियों की ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज कराने के साथ पोर्टल पर छात्रों की उपस्थिति भी अपडेट करा रहे हैं।
लापरवाही पर होगी कार्रवाई
ऑनलाइन उपस्थिति की निगरानी लगातार की जा रही है। कई बार निर्देशों के बाद भी अपेक्षित सुधार न होने पर कार्रवाई की जा रही है। इसके बाद भी ऑनलाइन उपस्थिति न दर्ज होने पर कड़ी कार्रवाई होगी। - कौस्तुभ कुमार सिंह, डीआईओएस
विज्ञापन
डीआईओएस कौस्तुभ कुमार सिंह ने ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज नहीं कराने पर 17 राजकीय और 41 अशासकीय सहायता प्राप्त विद्यालयों के प्रधानाचार्यों का सितंबर माह का वेतन अग्रिम आदेश तक रोक दिया है। वहीं, 242 स्ववित्तपोषित विद्यालयों को तीन कार्यदिवस में स्पष्टीकरण देने का अंतिम मौका दिया गया है। संतोषजनक जवाब न मिलने पर मान्यता प्रत्याहरण के साथ आगामी यूपी बोर्ड परीक्षा में परीक्षा केंद्र बनाए जाने से वंचित करने की संस्तुति की चेतावनी दी गई है।
विज्ञापन
पूर्व में विभाग की ओर से ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज कराने के लिए 21 अप्रैल, पांच मई, 23 जुलाई और आठ सितंबर को निर्देश जारी किए गए थे। इसके बावजूद निर्धारित पोर्टल पर दैनिक उपस्थिति दर्ज नहीं कराई जा रही थी। विभाग ने इसे परिषद के कार्यों में व्यवधान और अनुशासनहीनता मानते हुए कार्रवाई की।
विज्ञापन
कार्रवाई के बाद विद्यालयों में हलचल बढ़ गई है। प्रधानाचार्य अब शिक्षकों और कर्मचारियों की ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज कराने के साथ पोर्टल पर छात्रों की उपस्थिति भी अपडेट करा रहे हैं।
लापरवाही पर होगी कार्रवाई
ऑनलाइन उपस्थिति की निगरानी लगातार की जा रही है। कई बार निर्देशों के बाद भी अपेक्षित सुधार न होने पर कार्रवाई की जा रही है। इसके बाद भी ऑनलाइन उपस्थिति न दर्ज होने पर कड़ी कार्रवाई होगी। - कौस्तुभ कुमार सिंह, डीआईओएस