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Ambedkar Nagar News: चार सौ गांवों को मॉडल बनाने के काम की रफ्तार सुस्त
Thu, 12 Dec 2024 11:52 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अम्बेडकरनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, अम्बेडकरनगर
Updated Thu, 12 Dec 2024 11:52 AM IST
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अंबेडकरनगर। स्वच्छ भारत मिशन के तहत लगभग चार सौ गांवों को मॉडल बनाने का काम पूरा नहीं हो सका है। जबकि दिसंबर माह तक काम पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित था। ऐसे में इन गांवों का मॉडल गांव बनने का सपना पूरा होना किसी चुनौती से कम नहीं है।
बुधवार को डीपीआरओ ने कई माॅडल गांवों का दौरा कर निर्माण कार्य की हकीकत परखी। इस दौरान मिली खामियों को जल्द दुरुस्त कराने के निर्देश दिए। गांव को साफ-सुथरा रखने के लिए सरकार की तरफ से ग्रामीणों को कई योजनाओं का लाभ दिया जा रहा है। इसी के तहत माॅडल गांवों का चयन किया गया था ताकि वहां रहने वाले ग्रामीणों को बेहतर लाभ मिल सके। योजना के तहत कूड़ा निस्तारण के लिए आरआरसी सेंटर, जल जमाव न होने पाए इसके लिए सोख्ता गड्ढे का निर्माण कराया जाना है।
जिले के 1539 गांवों को मॉडल बनाने की योजना थी, लेकिन अब तक लगभग 11 सौ गांव ही मॉडल बन पाए हैं। अब बचे गांवों को मॉडल गांव बनाना पंचायतराज विभाग के लिए बड़ी चुनौती है।
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समय से पूरा हो जाएगा काम
जिले के अधिकतर मॉडल गांव का काम पूरा हो गया है। अभी भी चार सौ के आसपास गांव में काम चल रहा है। समय से सभी जगहों पर काम पूरा करा लिया जाएगा। जहां पर काम की रफ्तार सुस्त है वहां पर तेजी से काम कराने के लिए कहा गया है। काम के साथ ही गुणवत्ता का भी ध्यान रखा जा रहा है। -एके श्रीवास्तव, डीपीआरओ
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बुधवार को डीपीआरओ ने कई माॅडल गांवों का दौरा कर निर्माण कार्य की हकीकत परखी। इस दौरान मिली खामियों को जल्द दुरुस्त कराने के निर्देश दिए। गांव को साफ-सुथरा रखने के लिए सरकार की तरफ से ग्रामीणों को कई योजनाओं का लाभ दिया जा रहा है। इसी के तहत माॅडल गांवों का चयन किया गया था ताकि वहां रहने वाले ग्रामीणों को बेहतर लाभ मिल सके। योजना के तहत कूड़ा निस्तारण के लिए आरआरसी सेंटर, जल जमाव न होने पाए इसके लिए सोख्ता गड्ढे का निर्माण कराया जाना है।
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जिले के 1539 गांवों को मॉडल बनाने की योजना थी, लेकिन अब तक लगभग 11 सौ गांव ही मॉडल बन पाए हैं। अब बचे गांवों को मॉडल गांव बनाना पंचायतराज विभाग के लिए बड़ी चुनौती है।
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समय से पूरा हो जाएगा काम
जिले के अधिकतर मॉडल गांव का काम पूरा हो गया है। अभी भी चार सौ के आसपास गांव में काम चल रहा है। समय से सभी जगहों पर काम पूरा करा लिया जाएगा। जहां पर काम की रफ्तार सुस्त है वहां पर तेजी से काम कराने के लिए कहा गया है। काम के साथ ही गुणवत्ता का भी ध्यान रखा जा रहा है। -एके श्रीवास्तव, डीपीआरओ