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Ambedkar Nagar News: पौराणिक श्रवण क्षेत्र मेले में दिनभर रही रौनक
Tue, 09 Dec 2025 11:06 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अम्बेडकरनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, अम्बेडकरनगर
Updated Tue, 09 Dec 2025 11:06 PM IST
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श्रवण क्षेत्र मेले में मंगलवार को धार्मिक वस्तुओं की खरीददारी करतीं हुईं महिलाएं।
श्रवणक्षेत्र (अंबेडकरनगर)। पौराणिक श्रवण क्षेत्र मेले में मंगलवार को छठवें दिन भी आस्था और उत्साह का समागम देखने को मिला। सुबह से ही मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लग गईं।
मेले का बाजार दिनभर रौनक से भरा रहा। विशेषकर महिलाओं ने चूड़ी, कंगन, सिंदूर और श्रृंगार सामग्री की जमकर खरीदारी की। बच्चों में ब्रेक डांस झूला, नाव झूला और अन्य राइड्स का उत्साह चरम पर रहा। खाद्य स्टॉलों पर खजला, गुड़ की जलेबी और पारंपरिक व्यंजनों का स्वाद लोगों को खूब पसंद आया। व्यापारी रामदुलारे और संतोष के मुताबिक मंगलवार की बिक्री पिछले दिनों की अपेक्षा बेहतर रही। खोया-पाया केंद्र भी लगातार सक्रिय रहा। मंगलवार को मेले में बिछड़े सात बच्चों को सुरक्षित उनके परिजनों से मिलवाया गया। मेले की व्यवस्थाओं पर पंचायत सचिव आनंद पांडेय, सुनील मिश्रा, ग्राम प्रधान शकुंतला देवी और अनिल निगरानी बनाए रहे।
पुलिसकर्मियों और आयोजन समिति के सदस्यों ने भी भीड़ प्रबंधन और सुरक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। कंट्रोल रूम से पूरे मेले की गतिविधियों पर सतत निगरानी रखी गई। स्वच्छता, पेयजल और प्राथमिक उपचार की व्यवस्थाएं भी सुचारु रहीं। स्थानीय व्यापारियों के अनुसार इस वर्ष मेले में भीड़ अधिक है, जिससे धार्मिक पर्यटन के साथ ही स्थानीय बाजार को भी लाभ मिल रहा है। आने वाले दिनों में श्रद्धालुओं की संख्या और बढ़ने की संभावना जताई जा रही है।
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मेले का बाजार दिनभर रौनक से भरा रहा। विशेषकर महिलाओं ने चूड़ी, कंगन, सिंदूर और श्रृंगार सामग्री की जमकर खरीदारी की। बच्चों में ब्रेक डांस झूला, नाव झूला और अन्य राइड्स का उत्साह चरम पर रहा। खाद्य स्टॉलों पर खजला, गुड़ की जलेबी और पारंपरिक व्यंजनों का स्वाद लोगों को खूब पसंद आया। व्यापारी रामदुलारे और संतोष के मुताबिक मंगलवार की बिक्री पिछले दिनों की अपेक्षा बेहतर रही। खोया-पाया केंद्र भी लगातार सक्रिय रहा। मंगलवार को मेले में बिछड़े सात बच्चों को सुरक्षित उनके परिजनों से मिलवाया गया। मेले की व्यवस्थाओं पर पंचायत सचिव आनंद पांडेय, सुनील मिश्रा, ग्राम प्रधान शकुंतला देवी और अनिल निगरानी बनाए रहे।
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पुलिसकर्मियों और आयोजन समिति के सदस्यों ने भी भीड़ प्रबंधन और सुरक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। कंट्रोल रूम से पूरे मेले की गतिविधियों पर सतत निगरानी रखी गई। स्वच्छता, पेयजल और प्राथमिक उपचार की व्यवस्थाएं भी सुचारु रहीं। स्थानीय व्यापारियों के अनुसार इस वर्ष मेले में भीड़ अधिक है, जिससे धार्मिक पर्यटन के साथ ही स्थानीय बाजार को भी लाभ मिल रहा है। आने वाले दिनों में श्रद्धालुओं की संख्या और बढ़ने की संभावना जताई जा रही है।
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