फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Ambedkar Nagar News ›   The lights of seven houses were extinguished, mourning spread

Ambedkar Nagar News: सात घरों के बुझ गए चिराग, पसरा मातम

Wed, 06 May 2026 01:21 AM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, अम्बेडकरनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, अम्बेडकरनगर Updated Wed, 06 May 2026 01:21 AM IST
विज्ञापन
The lights of seven houses were extinguished, mourning spread
अपनी रिश्तेदार के साथ गम में इंद्रेश का पुत्र।
हजपुरा (अंबेडकरनगर)। जलालपुर इलाके के अशरफपुरभुआ में रविवार रात हुआ सड़क हादसा लोगों की जिंदगी में ऐसा दर्द छोड़ गया, जिसे शायद ही कभी भुलाया जा सके। भीषण सड़क हादसे ने देखते ही देखते सात घरों की खुशियां छीन लीं। जहां कल तक हंसी-खुशी गूंजती थी, वहां आज सन्नाटा पसरा है।
विज्ञापन


हर आंगन में चीखें हैं, हर आंख में आंसू हैं और हर मन में एक ही सवाल, आखिर कसूर किसका था? पीछे छूट गए हैं सिर्फ आंसू, यादें और एक ऐसा खालीपन जिसे कोई कभी भर नहीं पाएगा। इस बीच मंगलवार को कल्याणपुर के इंद्रेश और साहिल के शवों का गमगीन माहौल में अंतिम संस्कार कराया गया।
विज्ञापन


पीड़ित परिवारों के अनुसार हादसे के पीछे तेज रफ्तार और नशे की आशंका जताई जा रही है। बताया जा रहा है कि बरात से लौट रही कार बेकाबू गति में थी और चालक के नशे में होने की भी चर्चा है। वाहन से शराब और बीयर की बोतलें मिलने की बात इस शक को और गहरा करती है।
विज्ञापन
विज्ञापन



खौफनाक मंजर को याद कर सिहर उठे संजय
जलालपुर/हजपुरा। सम्मनपुर के बड़ेपुर निवासी संजय वर्मा इस दर्दनाक हादसे में घायल होने के साथ चश्मदीद भी हैं। संजय बताते हैं कि रविवार रात रात सड़क पर घायल युवक की मदद के लिए वह भी पहुंचे थे। इसी दौरान वह डायल 112 पर फोन करने के लिए थोड़ा किनारे हट गए। तेज रफ्तार कार आती देखकर चीखते हुए बचने व बचाने का प्रयास किया लेकिन फिर भी वह चपेट में आ गए और पैर टूट गया।

संजय ने बताया कि वह नेवादा एक निजी कार्यक्रम में दावत से लौट रहे थे। कार की रफ्तार 80 से 100 किमी रही होगी। हादसे के बाद इतना देखा कि कार चालक एयरबैग खुलने की वजह से बच गया और जैसे तैसे बाहर निकलकर भाग निकला था। इसके बाद अस्पताल पहुंचने पर ही आंख खुली।

दोनों बेटे बिना बुलाए गए थे बरात
जैनापुर के सगे भाई आदित्य और दिव्यांशु को खोने के बाद पिता मयाराम, मां और बहन पूरी तरह से टूट चुके हैं। उनके घर का दृश्य इतना दर्दनाक था कि वहां मौजूद हर शख्स की आंखें नम हो गईं। मां और बहनों का करुण क्रंदन सुनकर हर दिल दहल उठा। बार-बार एक ही बात जुबां पर आ रही थी, काश, वे बरात में न गए होते। मायाराम के मुताबिक, आदित्य और दिव्यांशु को बरात में निमंत्रण नहीं था लेकिन दोस्तों के कहने पर वे चले गए। मना करने पर भी नहीं माने। उनकी यह छोटी-सी जिद परिवार के लिए जिंदगी भर का दर्द बन गई।



एक साथ जलीं दोस्तों की चिताएं
कल्याणपुर के इंद्रेश और साहिल की दोस्ती की मिसाल दी जाती थी लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था। दोनों दोस्त एक ही हादसे में दुनिया छोड़ गए और मंगलवार को एक ही घाट पर उनकी चिताएं साथ जलीं। साहिल के पिता सालिकराम, माता पियारी देवी व पत्नी विमलेश का रो-रोकर बुरा हाल है। साहिल का आठ साल का दिव्यांग बेटा शौर्य मंगलवार को भी बार-बार अपने पापा को याद करता रहा। उस मासूम की पुकार ने इस त्रासदी को और भी असहनीय बना दिया। माता शीला देवी के साथ पत्नी मनीषा देवी का रो-रोकर बुरा हाल है। 8 वर्षीय उत्कर्ष और 5 वर्षीय नायरा काे बिलखता देखकर हर किसी के होश उड़ गए।

मदद को निकले, मौत ने घेर लिया
पट्टी मुय्यनपुर के लालचंद को जैसे ही हादसे की खबर मिली वह मदद के इरादे से मौके पर पहुंचे थे। नियति को कुछ और ही मंजूर था। तेज रफ्तार वाहन ने उन्हें भी अपनी चपेट में ले लिया। अपनों की जुबां पर बस यही है कि वह तो दूसरों का दुख बांटने गए थे लेकिन खुद ही हमेशा के लिए चले गए।




अब सिर्फ सवाल और सिसकियां
क्या थोड़ी-सी सावधानी इन जिंदगियों को बचा सकती थी? क्या रफ्तार पर काबू होता तो ये घर उजड़ने से बच जाते? क्या नशे में ड्राइविंग ने यह सब कुछ छीन लिया? इन सवालों के जवाब भले जांच में मिलें, लेकिन सच यही है कि इस हादसे ने सात परिवारों की दुनिया उजाड़ दी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed