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दूसरे प्रोजेक्ट में शिफ्ट कर दी अस्पताल की रकम

Wed, 19 Oct 2022 11:27 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Wed, 19 Oct 2022 11:27 PM IST
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The amount of the hospital shifted to another project
अंबेडकरनगर। बेहतर इलाज के लिए अस्पतालों को शुरू करने में धनाभाव आड़े आ रहा है। एक तरफ जहां जिला अस्पताल में ट्रॉमा विंग नहीं शुरू हो पा रहा है तो वहीं दो पीएचसी व एक सीएचसी का निर्माण भी अधर में है। हालात ये हैं कि दो अस्पतालों का पैसा दूसरे प्रोजेक्ट में शिफ्ट कर दिया गया। इससे जिन अस्पतालों का निर्माण पूरा कर उन्हें शुरू किया जा सकता था, वह नहीं हो पाया।
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एक तरफ राज्य सरकार बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मुहैया कराने पर जोर दे रही है तो दूसरी तरफ निर्माणाधीन अस्पतालों को प्राथमिकता के साथ शुरू करने की योजना धराशायी साबित हो रही है। जिला अस्पताल में मरीजों के लिए ट्रॉमा विंग के निर्माण का निर्णय लिया गया था। अस्पताल में इसके लिए अलग से भवन तो बनकर तैयार है लेकिन इसे मरीजों के लिए शुरू नहीं किया जा सका है।
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कई बार ट्रॉमा विंग का निर्माण धनाभाव का शिकार होता रहा है। तमाम कवायद के बाद भी मरीजों को ट्रॉमा विंग का लाभ मिलने का इंतजार बना हुआ है। 90 लाख की लागत से इसका निर्माण शुरू हुआ था।
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बाद में इसकी लागत बढ़कर एक करोड़ 19 लाख रुपये हो गई। यहां अभी भवन के आसपास साइड डेवलपमेंट का काम होना बाकी है। भवन में बिजली का कनेक्शन होने की प्रक्रिया अधर में है। ट्रॉमा विंग के लिए नए उपकरणों का भी इंतजार बना हुआ है।
जल्लापुर में पीएचसी भवन के निर्माण का निर्णय स्थानीय नागरिकों को बेहतर इलाज की सुविधा देने के लिए हुआ था। यहां एक करोड़ 83 लाख रुपये की लागत से अस्पताल का निर्माण शुरू कराया गया। यहां भी चारदीवारी व पानी की टंकी का निर्माण होना बाकी है।
यहां चिकित्सकों के आवास के लिए 200 वर्ग मीटर भूमि की जरूरत है। इसके अभाव में यहां भी जल्द अस्पताल संचालन की उम्मीद दम तोड़ रही है। भूमि की उपलब्धता के लिए कई प्रयास किए गए लेकिन सफलता नहीं मिल सकी। चिकित्सकों के आवास के लिए भूमि मिलने के बाद ही यहां भवन का निर्माण हो सकेगा।
पहाड़पुर कौड़ाही में पीएचसी की स्थापना का निर्णय बीते दिनों हुआ तो नागरिकों में खुशी देखने को मिली थी। ऐसा इसलिए जिससे यहां स्थानीय स्तर पर ही बेहतर इलाज की सुविधा मिल सके। एक करोड़ 92 लाख की लागत से यहां निर्माण कार्य शुरू कराया गया।
भवन बनकर तैयार है लेकिन चारदीवारी नहीं बन सकी है। परिसर का सौंदर्यीकरण नहीं हो पाया है तथा ओवरहेड टैंक का निर्माण होना बाकी है। यह सब कुछ धनाभाव के चलते रुका पड़ा है। दरअसल यहां निर्माण के लिए आई रकम में से लगभग 78 लाख रुपये दूसरे प्रोजेक्ट में दे दिए गए। इसके बाद से यहां निर्माण कार्य रुका हुआ है।
आलापुर तहसील क्षेत्र के राजेसुल्तानपुर में सीएचसी भवन का निर्माण अधर में है। पांच करोड़ दो लाख रुपये की लागत से यहां सीएचसी भवन का निर्माण शुरू हुआ। भवन तो बन गया लेकिन फिनिशिंग बाकी है। यहां दरवाजे नहीं लग पाए हैं।
बिजली का कनेक्शन नहीं जुड़ पाया है जबकि ओवरहेड टैंक का निर्माण पूरा होना है। रंग-रोगन का काम भी यहां कराया जाना है। इन सब कामों के लिए धन नहीं है। ऐसा इसलिए क्योंकि यहां निर्माण के लिए आई डेढ़ करोड़ की रकम दूसरे प्रोजेक्ट में स्थानांतरित कर दी गई।
ट्रॉमा विंग का निर्माण करा रहे अवर अभियंता विजयपाल ने बताया कि हम सब को निर्माण पूरा करके देना है। स्टॉफ की जिम्मेदारी हमारी नहीं है। जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. ओमप्रकाश ने कहा कि स्टॉफ की तैनाती को लेकर अभी कोई निर्देश नहीं मिला है। स्थिति साफ होते ही जानकारी दी जाएगी। सीएमओ डॉ. श्रीकांत शर्मा ने बताया कि अस्पतालों का निर्माण पूरा होने के साथ उसके संचालन को लेकर निर्णय लिया जाएगा।

ट्रॉमा विंग से लेकर तीन अस्पतालों का निर्माण तेजी से पूरा कराने की कोशिश की जा रही है। दो अस्पतालों का पैसा अन्य प्रोजेक्ट में शिफ्ट करना पड़ा था। एक अस्पताल के लिए अतिरिक्त भूमि की तलाश कराई जा रही है। ट्रॉमा विंग के लिए भी आवश्यक प्रबंध किए जा रहे हैं।
-विजयपाल, अभियंता स्वास्थ्य विभाग
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