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Ambedkar Nagar News: जानलेवा हमले के आरोपी को नहीं मिली अग्रिम जमानत
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अंबेडकरनगर। जलालपुर के मारपीट और जानलेवा हमले के मामले में अपर सत्र न्यायाधीश त्वरित प्रथम परविंद कुमार ने आरोपी अमित की अग्रिम जमानत अर्जी खारिज कर दी। मामला थाना जलालपुर क्षेत्र के ग्राम बड़ागांव चौबे का पूरा से जुड़ा है।
वर्ष 2023 में भूमि विवाद को लेकर दो पक्षों में हिंसक झड़प हुई थी। रामविशाल के अनुसार 12 जून 2023 को विवाह कार्यक्रम के बाद कुछ लोग ट्रैक्टर-ट्रॉली से जमीन पर मिट्टी डाल रहे थे, जिसका विरोध करने पर विवाद बढ़ गया। आरोप है कि अमित, मंशाराम, विजय, पृथ्वी समेत अन्य लोग लाठी-डंडे, फावड़ा, फरसा से लैस होकर घर में घुस गए और परिवार पर जानलेवा हमला कर दिया।
घटना में सुनील कुमार, हरिदास और मधुबन सहित कई लोग गंभीर रूप से घायल हुए थे। पुलिस ने मामले में बलवा, मारपीट, गाली-गलौज, घर में घुसकर हमला और हत्या के प्रयास जैसी गंभीर धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की थी। बचाव पक्ष ने अदालत में तर्क दिया कि आरोपी अमित को फंसाया गया है और यह मामला पारिवारिक जमीनी रंजिश का परिणाम है। साथ ही यह भी कहा गया कि आरोपी पंजाब में रहकर काम करता है और उसे मामले की जानकारी नहीं थी।
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अदालत ने दोनों पक्षों की दलील सुनने के बाद पाया कि आरोपी के खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी है और उसकी अनुपस्थिति के कारण मुकदमे में देरी हो रही है। ऐसे में अग्रिम जमानत याचिका निरस्त कर दी गई है।
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वर्ष 2023 में भूमि विवाद को लेकर दो पक्षों में हिंसक झड़प हुई थी। रामविशाल के अनुसार 12 जून 2023 को विवाह कार्यक्रम के बाद कुछ लोग ट्रैक्टर-ट्रॉली से जमीन पर मिट्टी डाल रहे थे, जिसका विरोध करने पर विवाद बढ़ गया। आरोप है कि अमित, मंशाराम, विजय, पृथ्वी समेत अन्य लोग लाठी-डंडे, फावड़ा, फरसा से लैस होकर घर में घुस गए और परिवार पर जानलेवा हमला कर दिया।
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घटना में सुनील कुमार, हरिदास और मधुबन सहित कई लोग गंभीर रूप से घायल हुए थे। पुलिस ने मामले में बलवा, मारपीट, गाली-गलौज, घर में घुसकर हमला और हत्या के प्रयास जैसी गंभीर धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की थी। बचाव पक्ष ने अदालत में तर्क दिया कि आरोपी अमित को फंसाया गया है और यह मामला पारिवारिक जमीनी रंजिश का परिणाम है। साथ ही यह भी कहा गया कि आरोपी पंजाब में रहकर काम करता है और उसे मामले की जानकारी नहीं थी।
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अदालत ने दोनों पक्षों की दलील सुनने के बाद पाया कि आरोपी के खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी है और उसकी अनुपस्थिति के कारण मुकदमे में देरी हो रही है। ऐसे में अग्रिम जमानत याचिका निरस्त कर दी गई है।