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Ambedkar Nagar News: ऑनलाइन हाजिरी के विरोध में सड़कों पर उतरे शिक्षक
Tue, 16 Jul 2024 12:26 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अम्बेडकरनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, अम्बेडकरनगर
Updated Tue, 16 Jul 2024 12:26 AM IST
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कलेक्ट्रेट के निकट ऑनलाइन हाजिरी के विरोध में प्रदर्शन करते शिक्षक।
अंबेडकरनगर। परिषदीय विद्यालयों में ऑनलाइन हाजिरी के विरोध में परिषदीय स्कूलों के शिक्षक सोमवार को बड़ी तादाद में सड़क पर उतर पड़े। दोपहर बाद तीन बजे कलेक्ट्रेट के निकट सैकड़ों शिक्षकों ने प्रदर्शन किया। दो घंटे से अधिक समय तक चले प्रदर्शन के बाद प्रदेश सरकार को संबोधित ज्ञापन एसडीएम सदर पवन जायसवाल को सौंपा।
शिक्षक शिक्षामित्र अनुदेशक कर्मचारी संयुक्त मोर्चा के बैनर तले सोमवार को बेसिक शिक्षकोंं व कर्मियों ने जोरदार प्रदर्शन किया। कलेक्ट्रेट के निकट अलग-अलग ब्लॉकों व स्कूलों से आए शिक्षक एकजुट हुए। इसमें महिला शिक्षकों की संख्या भी काफी रही। सभी ने एकजुट होकर कहा कि ऑनलाइन उपस्थिति अनावश्यक रूप से थोपी जा रही है। जबकि उनकी समस्याओं का समाधान नहीं किया जा रहा।
कलेक्ट्रेट के निकट शिक्षकों को संबोधित करते हुए जूनियर हाईस्कूल शिक्षक संघ जिलाध्यक्ष राघवेंंद्र शुक्ल ने कहा कि शिक्षकों की ऑनलाइन डिजिटल उपस्थिति का आदेश अव्यावहारिक है। शिक्षकों पर दंडात्मक कार्रवाई का भय दिखाकर ऑनलाइन उपस्थिति के लिए बाध्य किया जा रहा है। बंद कमरों में बैठकर अधिकारी अव्यवहारिक आदेश जारी करने से पहले शिक्षक संघ से बात तक करने की जहमत नहीं उठाते।
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बेसिक शिक्षा वेलफेयर एसोशिएसन जिलाध्यक्ष राम सुरेश यादव ने कहा कि बहुत से ऐसे विद्यालय हैं, जहां पहुंचने के लिए कई सवारियां बदलनी पड़ती हैं। आवागमन के रास्ते में जलभराव हो जाता है। वहां पहुंचने के लिए पैदल ही जाना पड़ता है। ऐसे में ऑनलाइन डिजिटल उपस्थिति शिक्षकों की सेवा की परिस्थितियों के दृष्टिगत तत्काल प्रभाव से निरस्त किया जाए।
वक्ताओं ने सभी परिषदीय शिक्षक शिक्षणेत्तर कर्मियों को अन्य कर्मचारियों की भांति प्रति वर्ष 30 अर्जित अवकाश, प्रीमियम मुक्त कैशलेस चिकित्सा सुविधा आदि दिए जाने की मांग की गई।
कहा गया कि शिक्षकोंं की सभी मांगें पूरी नहीं की गईं तो 29 जुलाई को महानिदेशक कार्यालय लखनऊ में धरना प्रदर्शन करेगा। इस दौरान प्रथमिक शिक्षक संघ जलालपुर राजेश यादव, प्राथमिक शिक्षक संघ जिलाध्यक्ष विनय सिंह, बीटीसी शिक्षा वेलफेयर एसोशिएसन जिलाध्यक्ष कमाल अहमद, विश्वजीत सिंह, लालचंद यादव, अनिल वर्मा, धर्मेंद्र यादव, विजयदीप सिंह, आनंद सिंह आदि रहे।
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शिक्षक शिक्षामित्र अनुदेशक कर्मचारी संयुक्त मोर्चा के बैनर तले सोमवार को बेसिक शिक्षकोंं व कर्मियों ने जोरदार प्रदर्शन किया। कलेक्ट्रेट के निकट अलग-अलग ब्लॉकों व स्कूलों से आए शिक्षक एकजुट हुए। इसमें महिला शिक्षकों की संख्या भी काफी रही। सभी ने एकजुट होकर कहा कि ऑनलाइन उपस्थिति अनावश्यक रूप से थोपी जा रही है। जबकि उनकी समस्याओं का समाधान नहीं किया जा रहा।
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कलेक्ट्रेट के निकट शिक्षकों को संबोधित करते हुए जूनियर हाईस्कूल शिक्षक संघ जिलाध्यक्ष राघवेंंद्र शुक्ल ने कहा कि शिक्षकों की ऑनलाइन डिजिटल उपस्थिति का आदेश अव्यावहारिक है। शिक्षकों पर दंडात्मक कार्रवाई का भय दिखाकर ऑनलाइन उपस्थिति के लिए बाध्य किया जा रहा है। बंद कमरों में बैठकर अधिकारी अव्यवहारिक आदेश जारी करने से पहले शिक्षक संघ से बात तक करने की जहमत नहीं उठाते।
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बेसिक शिक्षा वेलफेयर एसोशिएसन जिलाध्यक्ष राम सुरेश यादव ने कहा कि बहुत से ऐसे विद्यालय हैं, जहां पहुंचने के लिए कई सवारियां बदलनी पड़ती हैं। आवागमन के रास्ते में जलभराव हो जाता है। वहां पहुंचने के लिए पैदल ही जाना पड़ता है। ऐसे में ऑनलाइन डिजिटल उपस्थिति शिक्षकों की सेवा की परिस्थितियों के दृष्टिगत तत्काल प्रभाव से निरस्त किया जाए।
वक्ताओं ने सभी परिषदीय शिक्षक शिक्षणेत्तर कर्मियों को अन्य कर्मचारियों की भांति प्रति वर्ष 30 अर्जित अवकाश, प्रीमियम मुक्त कैशलेस चिकित्सा सुविधा आदि दिए जाने की मांग की गई।
कहा गया कि शिक्षकोंं की सभी मांगें पूरी नहीं की गईं तो 29 जुलाई को महानिदेशक कार्यालय लखनऊ में धरना प्रदर्शन करेगा। इस दौरान प्रथमिक शिक्षक संघ जलालपुर राजेश यादव, प्राथमिक शिक्षक संघ जिलाध्यक्ष विनय सिंह, बीटीसी शिक्षा वेलफेयर एसोशिएसन जिलाध्यक्ष कमाल अहमद, विश्वजीत सिंह, लालचंद यादव, अनिल वर्मा, धर्मेंद्र यादव, विजयदीप सिंह, आनंद सिंह आदि रहे।