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घटने लगा तमसा का पानी, समस्याएं बरकरार
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अंबेडकरनगर में एनएच 232 पर इस तरह से रहा जलभराव।
- फोटो : AMBEDKAR NAGAR
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अंबेडकरनगर। कई दिनों तक लगातार उफान के बाद अब तमसा नदी को लेकर राहत की खबर आई है। नदी का जलस्तर कम होने लगा है। हालांकि बाढ़ के पानी से अभी भी कई शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों में हालात अत्यंत गंभीर बने हुए हैं। बाढ़ का पानी भर जाने से नेशनल हाईवे पर बड़े वाहनों का आवागमन रुका हुआ है तो वहीं अकबरपुर नगर के शहजादपुर स्थित बाहरी मार्ग के अलावा स्टेेशन जाने वाले दोनों मार्ग तथा तमसा मार्ग से सामान्य आवागमन ठप है। रविवार को भी कई नागरिक बाढ़ग्रस्त क्षेेत्रों से हटाकर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाए गए। इन सबके बीच अभी भी नागरिकों के बीच एक बड़ा सवाल यह बना हुआ है कि आखिर तमसा नदी में इतना पानी आया कहां से। तमसा नदी के पानी को लेकर नागरिक जितना परेशान हैं, उतनी ही ज्यादा उत्सुकता यह जानने को लेकर भी है कि कई दशकों के बाद आखिर इस तरह की स्थिति उत्पन्न कैसे हुई। नागरिकों की यह जिज्ञासा अनायास भी नहीं है। कारण यह कि बारिश का दौर थमने के बाद भी लगातार कई दिनों तक तमसा नदी के जलस्तर में लगातार बढ़ोत्तरी होती रही। अधिकारियों तक के पास इस बात का जवाब नहीं था कि आखिर पानी आ कहां से रहा है। इस बीच अंतत: अब धीमी गति से ही सही, लेकिन जलस्तर में कमी होने से स्थानीय नागरिकों ने राहत की सांस ली है।
श्रवणक्षेत्र पुल का पहुंच मार्ग धंसा, आवागमन ठप
अन्नावां पहितीपुर मार्ग पर पवित्र श्रवणक्षेत्र धाम क्षेत्र स्थित बिसुही नदी पर बने श्रवणक्षेत्र पुल का पहुंच मार्ग रविवार को सुबह अचानक धंस गया। पुल के पूर्वी तरफ के पहुंच मार्ग के लगभग 15 फिट धंस जाने से ग्रामीणों में अफरातफरी मच गई। बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर एकत्र हो गए। जानकारी निकट स्थित पुलिस चौकी पर मौजूद पुलिस कर्मियों को दी गई। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर पुल के दोनों तरफ बैरिकेडिंग कर अन्नावां पहितीपुर मार्ग पर आवागमन पूरी तरह से ठप कर दिया। बताते चलें कि लगभग 25 वर्ष पूर्व बिसुही नदी पर पुल का निर्माण किया गया था। मौजूदा समय में अन्नावां पहितीपुर मार्ग को बाईपास के रूप में प्रयोग किया जा रहा है। अयोध्या की तरफ से आने वाले भारी वाहन इसी मार्ग से होकर पहितीपुर चले जाते हैं। पहुंच मार्ग के धंस जाने के चलते इस मार्ग पर आवागमन पूरी तरह से अवरुद्ध कर दिया गया। इस बीच ग्रामीणों की जानकारी होते ही एसडीएम सदर मोईनुल इस्लाम ने मौके पर पहुंचकर जायजा लिया। बाद में लोक निर्माण विभाग के अधिशाषी अभियंता भी मौके पर पहुंचे। बाद में विभाग द्वारा मिट्टी की पटाई कराई। इसके बाद लगभग आठ घंटे के बाद आवागमन को बहाल किया जा सका। इस मार्ग से होकर प्रतिदिन लगभग 3 हजार की आबादी आवागमन करती है। उधर पहुंच मार्ग के धंसने पर स्थानीय ग्रामीणों ने कड़ी नाराजगी व्यक्त की। कहा कि पहुंच मार्ग के निर्माण में बड़े पैमाने पर लापरवाही बरती गई। इसकी जांच होनी चाहिए।
खुद से बना लिया बांस बल्ली का पुल
तमसा नदी में आई बाढ़ की चपेट में आए अकबरपुर नगर के मोहल्ला इमामबाग की गलियां पूरी तरह से जलमग्र हो गई हैं। इससे मोहल्लेवासियों को आवागमन में मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। विभिन्न कार्यों के लिए बाजार जाने के लिए नागरिकों को घर से बाहर निकलना पड़ रहा है। इससे उन्हें दिक्कत हो रही है। आवागमन समस्या को दूर करने के लिए मोहल्लेवासियों ने बांस बल्ली से अस्थायी पुल बना दिया। यह पुल कादिरी प्रेस से लेकर इमामबाग स्थित रौजे तक बनाया गया है। मोहल्ले के मुन्ने खां, परचम अब्बास व दिलावर हुसैन ने कहा कि मोहल्लेवासियों ने अथक प्रयास कर बांस बल्ली पर पटरा लगाकर अस्थायी पुल बना दिया। इसके माध्यम से नागरिक आवागमन कर रहे हैं।
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एनएच 232 पर आईं दरारें, की गई बैरिकेडिंग
तमसा नदी में आई बाढ़ का पानी एनएच 232 पर मोहरिया के निकट पहुंच गया। मार्ग पर लगातार पहुंच रहे पानी के चलते जगह-जगह दरारें हो गईं। ऐसे में जलालपुर व बसखारी मार्ग पर बैरिकेडिंग कर बड़े वाहनों के आवागमन पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया गया। बैरिकेडिंग पर पुलिस कर्मियों की भी तैनाती कर दी गई, जो बड़े वाहनों को इस मार्ग पर आने-जाने से रोक रहे थे। मार्ग पर जगह-जगह दरारें हो जाने को लेकर स्थानीय नागरिकों ने कड़ी नाराजगी व्यक्त की। राजेंद्र, सत्यम, सुशील व जगदीश ने नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि एनएच निर्माण में बड़े पैमाने पर धांधली की गई। मानक की पूरी तरह से अनदेखी की गई। इसी का नतीजा है कि जगह-जगह मार्ग में दरारें हो गई हैं। उनका कहना है कि यदि बाढ़ का पानी हट भी जाता है, तो भी इस मार्ग पर आवागमन पूरी तरह से सुचारु नहीं हो सकेगा। उन्होंने मार्ग निर्माण में बरती गई मनमानी की उच्चस्तरीय जांच कराए जाने व दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए।
सुरक्षित निकलवाईं पानी में डूबीं दो बाइकेें
तमसा नदी में आई बाढ़ से मिर्जापुर कोडरा मोहल्ला भी पूरी तरह से जलमग्र हो गया। सोमवार सुबह मोहल्ले के कुछ नागरिकों ने नगर पालिका परिषद अकबरपुर के चेयरमैन प्रतिनिधि मनोज गुप्ता को फोन कर जानकारी दी कि उनकी बाइकें पूरी तरह से जलमग्र हो गई हैं। इसे निकालने में मुश्किलें हो रही हैं। इस पर मनोज गुप्ता तत्काल नगर पालिका के दो कर्मचारियों के साथ नाव से मिर्जापुर कोडरा पहुंचे। वहां उन्होंने कर्मचारियों की मदद से जलमग्र हुईं दो बाइकों को सुरक्षित बाहर निकलवाया और नाव पर रखकर उसे सुरक्षित स्थान पर पहुंचवा दिया। मनोज गुप्ता ने प्रभावित नागरिकों को आश्वस्त करते हुए कहा कि उन्हें किसी भी प्रकार की समस्या नहीं होने दी जाएगी। नगर पालिका परिषद अध्यक्ष सरिता गुप्ता की लगातार बाढ़ पर पैनी निगाह है। यदि किसी को किसी भी प्रकार की मुश्किल हो, तो इसकी जानकारी दें, उनकी मुश्किलों का समाधान तत्परतापूर्वक किया जाएगा।
नहीं आया कोई राजस्वकर्मी
तमसा नदी में आई बाढ़ के चलते श्रवणक्षेत्र व आसपास के क्षेत्र की सैकड़ों बीघा धान की फसल पूरी तरह से जलमग्र हो गई। प्रभावित ग्रामीणों का कहना है कि अब तक कोई राजस्वकर्मी नुकसान का आंकलन करने के लिए नहीं पहुंच सका है। सोमवार को नाराजगी व्यक्त करते हुए बाढ़ प्रभावित महेंद्र गौड़, परशुराम वर्मा, पुरुषोत्तम वर्मा, रामसनेही, राजाराम ने कहा कि झमाझम हुई बारिश व बाढ़ के चलते धान की फसल को व्यापक नुकसान हुआ है। इसके बाद भी अब तक कोई भी राजस्वकर्मी नुकसान का आकलन करने गांव नहीं आ सका है। महेंद्र गौड़ ने कहा कि उन्होंने मत्स्य पालन के लिए पट्टे पर तालाब ले रखा है। बाढ़ का पानी तालाब में भर जाने के चलते लगभग 15 लाख रुपये की मछलियां बह गईं। इससे उन्हें बड़ा नुकसान हुआ है। जिम्मेदारों को चाहिए कि वे नुकसान का आकलन कर नुकसान की भरपाई करें।
सांसद ने लिया बाढ़ प्रभावित क्षेत्र का जायजा
सांसद रितेश पांडेय ने सोमवार को नाव के माध्यम से बाढ़ प्रभावित जौहरडीह मुरादाबाद, अकबरपुर रेलवे स्टेशन क्षेत्र, नई सड़क क्षेत्र, तमसा मार्ग क्षेत्र, शहजहांपुर क्षेत्र का जायजा लिया। उन्होंने जगह-जगह बाढ़ प्रभावितों से मुलाकात की और भरोसा दिलाया कि उन्हें सभी संभव मदद उपलब्ध कराई जाएगी। सांसद ने कहा कि बाढ़ प्रभावितों को किसी भी प्रकार की मुश्किल नहीं होने दी जाएगी। यदि आवश्यकता हुई, तो उन्हें सुरक्षित स्थान पर ले जाया जाएगा। अपील करते हुए कहा कि यदि उन्हें किसी भी प्रकार की समस्या हो, तो तत्काल उन्हें जानकारी दें। वे उनकी हरसंभव सहायता देने के लिए तैयार हैं। इस बीच उनके साथ नाव पर मौजूद पंख एक उड़ान के अध्यक्ष अंशू बग्गा ने संस्था की तरफ से बाढ़ प्रभावितों में राहत सामग्री का वितरण किया। साथ ही बाढ़ में फंसे आधा दर्जन परिवारों को नाव के सहारे सुरक्षित बाहर निकाला गया और सुरक्षित स्थान पर भेज दिया गया।
अमोला बुजुर्ग में सड़क पर चल रही नाव
बीते दिनों हुई झमाझम बारिश के चलते आलापुर तहसील अंतर्गत अमोला बुजुर्ग गांव चारों तरफ से जलमग्र हो गया। गांव में आवागमन करने वाले मार्ग पर पानी भर गया। इससे ग्रामीणों को आवागमन में मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा था। सुचारु रूप से आवागमन हो सके, इसके लिए गामीणों ने जिम्मेदारों से जरूरी व्यवस्था किए जाने की मांग की थी। ग्रामीणों का आरोप है कि जब स्थानीय प्रशासन ने इस तरफ कोई गंभीरता नहीं दिखाई, तो उन्होंने स्वयं ही अस्थायी नाव तैयार की। अब उसी अस्थायी नाव के सहारे ही वे सभी आवागमन कर रहे हैं।
बाढ़ पीड़ितों को बांटा राशन
तमसा नदी में आई बाढ़ से प्रभावित नागरिकों को किसी भी प्रकार की मुश्किल न हो, इसके लिए प्रशासन लगातार ठोस कदम उठा रहा है। न सिर्फ बाढ़ के पानी में फंसे नागरिकों को सुरक्षित बाहर निकाला जा रहा हे, बल्कि उन्हें भोजन की कोई दिक्कत न हो, इसके लिए उनमें न सिर्फ खाद्य सामग्री का वितरण किया जा रहा, बल्कि राशन किट भी दी जा रही है। जिलाधिकारी सैमुअल पॉल एन के निर्देश पर राजस्वकर्मचारियों ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का जायजा लेकर निराश्रित व आर्थिक रूप से कमजोरों को चिन्हित किया था। एसडीएम मोईनुल इस्लाम ने बताया कि सोमवार को बाढ़ प्रभावित क्षेत्र जौहरडीह मुरादाबाद, तमसा मार्ग क्षेत्र, मिर्जापुर कोडऱा, इमामबाग, शहजहांपुर समेत अन्य प्रभावित क्षेत्रों के 300 से अधिक प्रभावितों में राशन किट का वितरण किया गया।
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श्रवणक्षेत्र पुल का पहुंच मार्ग धंसा, आवागमन ठप
अन्नावां पहितीपुर मार्ग पर पवित्र श्रवणक्षेत्र धाम क्षेत्र स्थित बिसुही नदी पर बने श्रवणक्षेत्र पुल का पहुंच मार्ग रविवार को सुबह अचानक धंस गया। पुल के पूर्वी तरफ के पहुंच मार्ग के लगभग 15 फिट धंस जाने से ग्रामीणों में अफरातफरी मच गई। बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर एकत्र हो गए। जानकारी निकट स्थित पुलिस चौकी पर मौजूद पुलिस कर्मियों को दी गई। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर पुल के दोनों तरफ बैरिकेडिंग कर अन्नावां पहितीपुर मार्ग पर आवागमन पूरी तरह से ठप कर दिया। बताते चलें कि लगभग 25 वर्ष पूर्व बिसुही नदी पर पुल का निर्माण किया गया था। मौजूदा समय में अन्नावां पहितीपुर मार्ग को बाईपास के रूप में प्रयोग किया जा रहा है। अयोध्या की तरफ से आने वाले भारी वाहन इसी मार्ग से होकर पहितीपुर चले जाते हैं। पहुंच मार्ग के धंस जाने के चलते इस मार्ग पर आवागमन पूरी तरह से अवरुद्ध कर दिया गया। इस बीच ग्रामीणों की जानकारी होते ही एसडीएम सदर मोईनुल इस्लाम ने मौके पर पहुंचकर जायजा लिया। बाद में लोक निर्माण विभाग के अधिशाषी अभियंता भी मौके पर पहुंचे। बाद में विभाग द्वारा मिट्टी की पटाई कराई। इसके बाद लगभग आठ घंटे के बाद आवागमन को बहाल किया जा सका। इस मार्ग से होकर प्रतिदिन लगभग 3 हजार की आबादी आवागमन करती है। उधर पहुंच मार्ग के धंसने पर स्थानीय ग्रामीणों ने कड़ी नाराजगी व्यक्त की। कहा कि पहुंच मार्ग के निर्माण में बड़े पैमाने पर लापरवाही बरती गई। इसकी जांच होनी चाहिए।
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खुद से बना लिया बांस बल्ली का पुल
तमसा नदी में आई बाढ़ की चपेट में आए अकबरपुर नगर के मोहल्ला इमामबाग की गलियां पूरी तरह से जलमग्र हो गई हैं। इससे मोहल्लेवासियों को आवागमन में मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। विभिन्न कार्यों के लिए बाजार जाने के लिए नागरिकों को घर से बाहर निकलना पड़ रहा है। इससे उन्हें दिक्कत हो रही है। आवागमन समस्या को दूर करने के लिए मोहल्लेवासियों ने बांस बल्ली से अस्थायी पुल बना दिया। यह पुल कादिरी प्रेस से लेकर इमामबाग स्थित रौजे तक बनाया गया है। मोहल्ले के मुन्ने खां, परचम अब्बास व दिलावर हुसैन ने कहा कि मोहल्लेवासियों ने अथक प्रयास कर बांस बल्ली पर पटरा लगाकर अस्थायी पुल बना दिया। इसके माध्यम से नागरिक आवागमन कर रहे हैं।
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एनएच 232 पर आईं दरारें, की गई बैरिकेडिंग
तमसा नदी में आई बाढ़ का पानी एनएच 232 पर मोहरिया के निकट पहुंच गया। मार्ग पर लगातार पहुंच रहे पानी के चलते जगह-जगह दरारें हो गईं। ऐसे में जलालपुर व बसखारी मार्ग पर बैरिकेडिंग कर बड़े वाहनों के आवागमन पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया गया। बैरिकेडिंग पर पुलिस कर्मियों की भी तैनाती कर दी गई, जो बड़े वाहनों को इस मार्ग पर आने-जाने से रोक रहे थे। मार्ग पर जगह-जगह दरारें हो जाने को लेकर स्थानीय नागरिकों ने कड़ी नाराजगी व्यक्त की। राजेंद्र, सत्यम, सुशील व जगदीश ने नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि एनएच निर्माण में बड़े पैमाने पर धांधली की गई। मानक की पूरी तरह से अनदेखी की गई। इसी का नतीजा है कि जगह-जगह मार्ग में दरारें हो गई हैं। उनका कहना है कि यदि बाढ़ का पानी हट भी जाता है, तो भी इस मार्ग पर आवागमन पूरी तरह से सुचारु नहीं हो सकेगा। उन्होंने मार्ग निर्माण में बरती गई मनमानी की उच्चस्तरीय जांच कराए जाने व दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए।
सुरक्षित निकलवाईं पानी में डूबीं दो बाइकेें
तमसा नदी में आई बाढ़ से मिर्जापुर कोडरा मोहल्ला भी पूरी तरह से जलमग्र हो गया। सोमवार सुबह मोहल्ले के कुछ नागरिकों ने नगर पालिका परिषद अकबरपुर के चेयरमैन प्रतिनिधि मनोज गुप्ता को फोन कर जानकारी दी कि उनकी बाइकें पूरी तरह से जलमग्र हो गई हैं। इसे निकालने में मुश्किलें हो रही हैं। इस पर मनोज गुप्ता तत्काल नगर पालिका के दो कर्मचारियों के साथ नाव से मिर्जापुर कोडरा पहुंचे। वहां उन्होंने कर्मचारियों की मदद से जलमग्र हुईं दो बाइकों को सुरक्षित बाहर निकलवाया और नाव पर रखकर उसे सुरक्षित स्थान पर पहुंचवा दिया। मनोज गुप्ता ने प्रभावित नागरिकों को आश्वस्त करते हुए कहा कि उन्हें किसी भी प्रकार की समस्या नहीं होने दी जाएगी। नगर पालिका परिषद अध्यक्ष सरिता गुप्ता की लगातार बाढ़ पर पैनी निगाह है। यदि किसी को किसी भी प्रकार की मुश्किल हो, तो इसकी जानकारी दें, उनकी मुश्किलों का समाधान तत्परतापूर्वक किया जाएगा।
नहीं आया कोई राजस्वकर्मी
तमसा नदी में आई बाढ़ के चलते श्रवणक्षेत्र व आसपास के क्षेत्र की सैकड़ों बीघा धान की फसल पूरी तरह से जलमग्र हो गई। प्रभावित ग्रामीणों का कहना है कि अब तक कोई राजस्वकर्मी नुकसान का आंकलन करने के लिए नहीं पहुंच सका है। सोमवार को नाराजगी व्यक्त करते हुए बाढ़ प्रभावित महेंद्र गौड़, परशुराम वर्मा, पुरुषोत्तम वर्मा, रामसनेही, राजाराम ने कहा कि झमाझम हुई बारिश व बाढ़ के चलते धान की फसल को व्यापक नुकसान हुआ है। इसके बाद भी अब तक कोई भी राजस्वकर्मी नुकसान का आकलन करने गांव नहीं आ सका है। महेंद्र गौड़ ने कहा कि उन्होंने मत्स्य पालन के लिए पट्टे पर तालाब ले रखा है। बाढ़ का पानी तालाब में भर जाने के चलते लगभग 15 लाख रुपये की मछलियां बह गईं। इससे उन्हें बड़ा नुकसान हुआ है। जिम्मेदारों को चाहिए कि वे नुकसान का आकलन कर नुकसान की भरपाई करें।
सांसद ने लिया बाढ़ प्रभावित क्षेत्र का जायजा
सांसद रितेश पांडेय ने सोमवार को नाव के माध्यम से बाढ़ प्रभावित जौहरडीह मुरादाबाद, अकबरपुर रेलवे स्टेशन क्षेत्र, नई सड़क क्षेत्र, तमसा मार्ग क्षेत्र, शहजहांपुर क्षेत्र का जायजा लिया। उन्होंने जगह-जगह बाढ़ प्रभावितों से मुलाकात की और भरोसा दिलाया कि उन्हें सभी संभव मदद उपलब्ध कराई जाएगी। सांसद ने कहा कि बाढ़ प्रभावितों को किसी भी प्रकार की मुश्किल नहीं होने दी जाएगी। यदि आवश्यकता हुई, तो उन्हें सुरक्षित स्थान पर ले जाया जाएगा। अपील करते हुए कहा कि यदि उन्हें किसी भी प्रकार की समस्या हो, तो तत्काल उन्हें जानकारी दें। वे उनकी हरसंभव सहायता देने के लिए तैयार हैं। इस बीच उनके साथ नाव पर मौजूद पंख एक उड़ान के अध्यक्ष अंशू बग्गा ने संस्था की तरफ से बाढ़ प्रभावितों में राहत सामग्री का वितरण किया। साथ ही बाढ़ में फंसे आधा दर्जन परिवारों को नाव के सहारे सुरक्षित बाहर निकाला गया और सुरक्षित स्थान पर भेज दिया गया।
अमोला बुजुर्ग में सड़क पर चल रही नाव
बीते दिनों हुई झमाझम बारिश के चलते आलापुर तहसील अंतर्गत अमोला बुजुर्ग गांव चारों तरफ से जलमग्र हो गया। गांव में आवागमन करने वाले मार्ग पर पानी भर गया। इससे ग्रामीणों को आवागमन में मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा था। सुचारु रूप से आवागमन हो सके, इसके लिए गामीणों ने जिम्मेदारों से जरूरी व्यवस्था किए जाने की मांग की थी। ग्रामीणों का आरोप है कि जब स्थानीय प्रशासन ने इस तरफ कोई गंभीरता नहीं दिखाई, तो उन्होंने स्वयं ही अस्थायी नाव तैयार की। अब उसी अस्थायी नाव के सहारे ही वे सभी आवागमन कर रहे हैं।
बाढ़ पीड़ितों को बांटा राशन
तमसा नदी में आई बाढ़ से प्रभावित नागरिकों को किसी भी प्रकार की मुश्किल न हो, इसके लिए प्रशासन लगातार ठोस कदम उठा रहा है। न सिर्फ बाढ़ के पानी में फंसे नागरिकों को सुरक्षित बाहर निकाला जा रहा हे, बल्कि उन्हें भोजन की कोई दिक्कत न हो, इसके लिए उनमें न सिर्फ खाद्य सामग्री का वितरण किया जा रहा, बल्कि राशन किट भी दी जा रही है। जिलाधिकारी सैमुअल पॉल एन के निर्देश पर राजस्वकर्मचारियों ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का जायजा लेकर निराश्रित व आर्थिक रूप से कमजोरों को चिन्हित किया था। एसडीएम मोईनुल इस्लाम ने बताया कि सोमवार को बाढ़ प्रभावित क्षेत्र जौहरडीह मुरादाबाद, तमसा मार्ग क्षेत्र, मिर्जापुर कोडऱा, इमामबाग, शहजहांपुर समेत अन्य प्रभावित क्षेत्रों के 300 से अधिक प्रभावितों में राशन किट का वितरण किया गया।