{"_id":"56eed7644f1c1b3327f14f6e","slug":"sugarcane-stand-in-field-but-crushing-season-ended","type":"story","status":"publish","title_hn":"खेतों में गन्ना खड़ा पर पेराई सत्र समाप्त","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
खेतों में गन्ना खड़ा पर पेराई सत्र समाप्त
अमर उजाला ब्यूरो/अंबेडकरनगर
Updated Sun, 20 Mar 2016 10:31 PM IST
विज्ञापन
खेतों में खड़ा गन्ना
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
लक्ष्य के सापेक्ष तीन लाख किवंटल अधिक पेराई के बाद रविवार रात अकबरपुर चीनी मिल में पेराई का कार्य बंद हो गया। मिल प्रशासन लक्ष्य से अधिक गन्ना पेराई का दावा तो कर रहा है, लेकिन जिले में अभी भी तमाम किसान ऐसे हैं, जिनका गन्ना पर्ची के अभाव में नहीं बिक सका है।
अब जबकि पेराई सत्र संपन्न हो गया, तो ऐसे में संबंधित किसानों के समक्ष गन्ना बिक्री को लेकर समस्या खड़ी हो गई है।
गौरतलब है कि विगत 4 दिसंबर से अकबरपुर चीनी मिल मिझौड़ा में गन्ना पेराई का कार्य प्रारंभ हुआ था। अंबेडकरनगर जनपद समेत सुल्तानपुर, आजमगढ़, फैजाबाद, जौनपुर, बस्ती व संतकबीरनगर में कुल 97 क्रय केंद्र स्थापित किए गए थे। अंबेडकरनगर जनपद में 33 केंद्र स्थापित किए गए थे।
शासन से चीनी मिल को कुल 68 लाख क्विंटल का लक्ष्य दिया गया था। 20 मार्च रात्रि जब पेराई सत्र समाप्त हुआ, तो चीनी मिल प्रशासन के अनुसार लक्ष्य से तीन लाख क्विंटल अधिक कुल 71 लाख क्विंटल गन्ने की पेराई की जा चुकी थी।
विज्ञापन
मुख्य गन्ना प्रबंधक अरविंद कुमार सिंह ने बताया कि 60 हजार से अधिक गन्ना किसानों का 71 लाख क्विंटल गन्ने की खरीद व पेराई के साथ ही पेराई सत्र रविवार रात संपन्न हो गया। यदि कहीं से शिकायत मिलती थी, तो उसे तत्काल संज्ञान में लेते हुए दूर किया गया।
उधर चीनी मिल प्रशासन के तमाम दावों के बाद अभी भी जिले के तमाम किसानों का गन्ना अभी भी खेतों में खड़ा हुआ है। अकबरपुर के जियाराम व कटेहरी के जयप्रकाश ने बताया कि पर्ची के अभाव में अभी भी उनका गन्ना खेतों में खड़ा है। अब जबकि पेराई सत्र समाप्त हो गया है, तो ऐसे में उन्हें औने पौने दाम पर क्रे शर पर बेचना होगा।
भीटी के रामजनम व राजेसुल्तानपुर के जगन्नाथ यादव ने मिल प्रशासन पर आरोप लगाते हुए कहा कि उसका ध्यान अन्य जनपद के किसानों का गन्ना खरीदने में अधिक रहा, जबकि जनपद के तमाम किसानों का गन्ना अभी भी खेतों में खड़ा हुआ है।
विज्ञापन
अब जबकि पेराई सत्र संपन्न हो गया, तो ऐसे में संबंधित किसानों के समक्ष गन्ना बिक्री को लेकर समस्या खड़ी हो गई है।
गौरतलब है कि विगत 4 दिसंबर से अकबरपुर चीनी मिल मिझौड़ा में गन्ना पेराई का कार्य प्रारंभ हुआ था। अंबेडकरनगर जनपद समेत सुल्तानपुर, आजमगढ़, फैजाबाद, जौनपुर, बस्ती व संतकबीरनगर में कुल 97 क्रय केंद्र स्थापित किए गए थे। अंबेडकरनगर जनपद में 33 केंद्र स्थापित किए गए थे।
विज्ञापन
शासन से चीनी मिल को कुल 68 लाख क्विंटल का लक्ष्य दिया गया था। 20 मार्च रात्रि जब पेराई सत्र समाप्त हुआ, तो चीनी मिल प्रशासन के अनुसार लक्ष्य से तीन लाख क्विंटल अधिक कुल 71 लाख क्विंटल गन्ने की पेराई की जा चुकी थी।
विज्ञापन
मुख्य गन्ना प्रबंधक अरविंद कुमार सिंह ने बताया कि 60 हजार से अधिक गन्ना किसानों का 71 लाख क्विंटल गन्ने की खरीद व पेराई के साथ ही पेराई सत्र रविवार रात संपन्न हो गया। यदि कहीं से शिकायत मिलती थी, तो उसे तत्काल संज्ञान में लेते हुए दूर किया गया।
उधर चीनी मिल प्रशासन के तमाम दावों के बाद अभी भी जिले के तमाम किसानों का गन्ना अभी भी खेतों में खड़ा हुआ है। अकबरपुर के जियाराम व कटेहरी के जयप्रकाश ने बताया कि पर्ची के अभाव में अभी भी उनका गन्ना खेतों में खड़ा है। अब जबकि पेराई सत्र समाप्त हो गया है, तो ऐसे में उन्हें औने पौने दाम पर क्रे शर पर बेचना होगा।
भीटी के रामजनम व राजेसुल्तानपुर के जगन्नाथ यादव ने मिल प्रशासन पर आरोप लगाते हुए कहा कि उसका ध्यान अन्य जनपद के किसानों का गन्ना खरीदने में अधिक रहा, जबकि जनपद के तमाम किसानों का गन्ना अभी भी खेतों में खड़ा हुआ है।