{"_id":"5fe4cff38ebc3e3b850cfdb0","slug":"sugar-ambedkar-nagar-news-lko5565965178","type":"story","status":"publish","title_hn":"हादसों को दावत देती दौड़ रहीं ओवरलोड गन्ना ट्रॉली","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
हादसों को दावत देती दौड़ रहीं ओवरलोड गन्ना ट्रॉली
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अंबेडकरनगर। चीनी मिल अकबरपुर में गन्ना पेराई शुरू होने के साथ ही ट्रॉली संचालकों की मनमानी भी शुरू हो गई है। यातायात नियमों की अनदेखी कर चलने वाले गन्ना लदी ये ट्रॉली न सिर्फ शहरी क्षेत्रों में जाम का सबब बन रही हैं बल्कि हादसे को भी दावत दे रहे हैं। निर्धारित क्षमता से कई गुना अधिक लादकर जब ये ट्रैक्टर ट्रॉली सड़कों पर चलती हैं तो अन्य वाहन का गुजरना मुश्किल हो जाता है। ऐसा नही कि यह सब परिवहन विभाग के अधिकारियों को नहीं दिखता, लेकिन हादसे व जाम के संकट से बेफिक्र अधिकारी इस मनमानी की तरफ ध्यान देने की जरूरत नहीं समझते।
बताते चलें कि बीते नंवबर माह में मिझौड़ा स्थित अकबरपुर चीनी मिल में पेराई सत्र का शुभारंभ हुआ। मुख्य गेट के अलावा चीनी मिल द्वारा विभिन्न क्षेत्रों में तौल सेंटर स्थापित किया गया है। चीनी मिल से दूर वाले किसान अपने इन्हीं नजदीकी सेंटरों पर गन्ने की तौल कराते हैं। इसके बाद इन सेंटरों से चीनी मिल प्रशासन ट्रक व ट्रॉली से गन्ने की ढुलाई करता है। तौल सेंटरों से गन्ने की हो रही ढुलाई में यातायात नियमों की खूब अनदेखी हो रही है। ट्रॉली में निर्धारित क्षमता से कई गुना अधिक गन्ना लादा जाता है।
इसके बाद चीनी मिल पहुंचाया जा रहा है। प्रति क्विंटल के हिसाब से किराया मिलने के चलते ट्रॉली संचालक क्षमता से कई गुना अधिक गन्ना लादकर प्रतिदिन चीनी मिल जा रहे हैं। अशरफपुर बरवां, पहितीपुर, महरुआ, सोनगांव आदि स्थानों पर ये तौल सेंटर स्थापित हैं। प्रतिदिन यहां से गन्ने की ढुलाई होती है। क्षमता से अधिक गन्ना लादकर ट्रॉली जिला मुख्यालय के अकबरपुर नगर से होकर गुजरते हैं। ये गन्ना लदी ट्रॉली न सिर्फ नगर में जाम का सबब बनती हैं बल्कि बड़े हादसे को भी दावत दे रही हैं। इसके बावजूद जिम्मेदार अधिकारी इस तरफ से मुंह मोड़े हैं।
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किसान प्रमोद सिंह व राघवेंद्र यादव का कहना है कि चीनी मिल प्रशासन ने एक तरफ गन्ने की ओवरलोडिंग रोकने के लिए किसानों के तौल को घटा दिया है, दूसरी तरफ सेंटरों से हो रही गन्ने की ढुलाई में नियमों की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। पहले किसानों की एक पर्ची पर 80 क्विंटल गन्ने की तौल की जाती थी, वहीं इस बार ओवरलोडिंग रोकने के लिए महज 60 क्विंटल गन्ने की ही तौल की जा रही है। किसानों ने चीनी मिल के दोहरे रवैये पर नाराजगी जाहिर की। कहा कि प्रशासन को इस मनमानी का संज्ञान लेना चाहिए। यदि इस तरह ट्रॉली से नियमों की अनदेखी कर गन्ने की ढुलाई होती रही तो किसी दिन बड़ा हादसा हो सकता है। इसकी पूरी जिम्मेदारी मिल प्रबंधन व प्रशासन की होगी।
यातायात नियमों की अनदेखी करने वालों पर कार्रवाई की जाएगी। सभी को नियमों का पालन करना होगा। जल्द ही ओवरलोड ट्रॉलियों के विरुद्घ भी अभियान चलेगा।
- वीडी मिश्र, एआरटीओ
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बताते चलें कि बीते नंवबर माह में मिझौड़ा स्थित अकबरपुर चीनी मिल में पेराई सत्र का शुभारंभ हुआ। मुख्य गेट के अलावा चीनी मिल द्वारा विभिन्न क्षेत्रों में तौल सेंटर स्थापित किया गया है। चीनी मिल से दूर वाले किसान अपने इन्हीं नजदीकी सेंटरों पर गन्ने की तौल कराते हैं। इसके बाद इन सेंटरों से चीनी मिल प्रशासन ट्रक व ट्रॉली से गन्ने की ढुलाई करता है। तौल सेंटरों से गन्ने की हो रही ढुलाई में यातायात नियमों की खूब अनदेखी हो रही है। ट्रॉली में निर्धारित क्षमता से कई गुना अधिक गन्ना लादा जाता है।
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इसके बाद चीनी मिल पहुंचाया जा रहा है। प्रति क्विंटल के हिसाब से किराया मिलने के चलते ट्रॉली संचालक क्षमता से कई गुना अधिक गन्ना लादकर प्रतिदिन चीनी मिल जा रहे हैं। अशरफपुर बरवां, पहितीपुर, महरुआ, सोनगांव आदि स्थानों पर ये तौल सेंटर स्थापित हैं। प्रतिदिन यहां से गन्ने की ढुलाई होती है। क्षमता से अधिक गन्ना लादकर ट्रॉली जिला मुख्यालय के अकबरपुर नगर से होकर गुजरते हैं। ये गन्ना लदी ट्रॉली न सिर्फ नगर में जाम का सबब बनती हैं बल्कि बड़े हादसे को भी दावत दे रही हैं। इसके बावजूद जिम्मेदार अधिकारी इस तरफ से मुंह मोड़े हैं।
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किसान प्रमोद सिंह व राघवेंद्र यादव का कहना है कि चीनी मिल प्रशासन ने एक तरफ गन्ने की ओवरलोडिंग रोकने के लिए किसानों के तौल को घटा दिया है, दूसरी तरफ सेंटरों से हो रही गन्ने की ढुलाई में नियमों की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। पहले किसानों की एक पर्ची पर 80 क्विंटल गन्ने की तौल की जाती थी, वहीं इस बार ओवरलोडिंग रोकने के लिए महज 60 क्विंटल गन्ने की ही तौल की जा रही है। किसानों ने चीनी मिल के दोहरे रवैये पर नाराजगी जाहिर की। कहा कि प्रशासन को इस मनमानी का संज्ञान लेना चाहिए। यदि इस तरह ट्रॉली से नियमों की अनदेखी कर गन्ने की ढुलाई होती रही तो किसी दिन बड़ा हादसा हो सकता है। इसकी पूरी जिम्मेदारी मिल प्रबंधन व प्रशासन की होगी।
यातायात नियमों की अनदेखी करने वालों पर कार्रवाई की जाएगी। सभी को नियमों का पालन करना होगा। जल्द ही ओवरलोड ट्रॉलियों के विरुद्घ भी अभियान चलेगा।
- वीडी मिश्र, एआरटीओ