फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Ambedkar Nagar News ›   stypand hold last four and half year

साढ़े चार वर्ष से मानदेय भुगतान की बाट जोह रहे मदरसा शिक्षक

Sun, 11 Aug 2019 10:24 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Sun, 11 Aug 2019 10:24 PM IST
विज्ञापन
stypand hold last four and half year
अंबेडकरनगर। विगत साढ़े चार वर्ष से मानदेय न मिलने व लगभग डेढ़ माह पूर्व जिले में आए पांच माह के अंशदान का भुगतान न होने से जिले के एक हजार से अधिक मदरसा शिक्षकों के समक्ष विभिन्न प्रकार की आर्थिक समस्याएं खड़ी हो गई हैं। अंशदान का भुगतान न होने से ईद-उल-अजहा पर्व की खुशियां भी फीकी हो गई हैं। मदरसा शिक्षकों का कहना है कि भुगतान के लिए कई बार जिम्मेदार अधिकारियों से शिकायत की गई, लेकिन कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। नतीजा यह है कि एक तरफ जहां उनके समक्ष घर का खर्च चलाना मुश्किल हो गया है, वहीं ईद की खुशियां भी आर्थिक तंगी के चलते सुचारु रूप से नहीं मना सकेंगे।
विज्ञापन

जिले में 344 मदरसे संचालित हैं, जिसमें एक हजार से अधिक शिक्षक छात्र-छात्राओं को आधुनिकीकरण योजना के तहत आधुनिक विषयों की शिक्षा दे रहे हैं। योजना के तहत परास्नातक या फिर बीएड व स्नातक अध्यापक को कुल 15 हजार, जिसमें 12 हजार केंद्रांश व 3 हजार राज्यांश दिया जाता है। इसके अलावा स्नातक स्तर के अध्यापकों को कुल 9 हजार रुपये, जिसमें 6 हजार केंद्रांश व 3 हजार राज्यांश दिया जाता है। साढ़े चार वर्ष से केंद्रांश का भुगतान नहीं हो सका है। इससे मदरसा शिक्षकों के समक्ष विभिन्न प्रकार की मुश्किलें खड़ी हो रही हैं।
विज्ञापन

और तो और विगत पांच माह का अंशदान लगभग डेढ़ माह पूर्व जिले में आया हुआ है, लेकिन उसका भी भुगतान अब तक नहीं हो सका है। भुगतान के लिए मदरसा शिक्षकों द्वारा जिम्मेदार अधिकारियों से लगातार शिकायत की जा रही है, लेकिन कोई ठोस कदम नहीं उठाया जा सका है।
विज्ञापन
विज्ञापन

मॉडर्न मदरसा आधुनिकीकरण शिक्षण एसोसिएशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष मोहम्मद जमाल अहमद अंसारी ने नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि मदरसा शिक्षकों की लगातार उपेक्षा की जा रही है। उनकी कोई सुनवाई नहीं हो रही है। बकरीद पर्व से पहले जिले में आए पांच माह के अंशदान का भुगतान किए जाने की मांग की गई थी, लेकिन मदरसा शिक्षकों की समस्या सुनने वाला कोई नहीं है। शिक्षकों के हित की लड़ाई लड़ने वाले जियाउद्दीन अंसारी ने कहा कि मानदेय व अंशदान भुगतान के लिए स्थानीयस्तर से लेकर उच्चाधिकारियों तक से शिकायत की गई, लेकिन कोई सुध नहीं ली गई।
एडीएम अमरनाथ रॉय ने बताया कि जिले में आए अंशदान का भुगतान क्यों नहीं हो सका है, इसे दिखवाया जाएगा। शीघ्र ही भुगतान सुनिश्चित कराया जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed