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छात्र-छात्राओं को जल्द मिलेंगी किताबें
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अंबेडकरनगर। जिले के 1872 परिषदीय व अन्य विद्यालयों में पंजीकृत दो लाख से अधिक छात्र-छात्राओं के लिए राहत की खबर है। कोरोना संकट के बीच जब विद्यालय बंद चल रहे हैं, तो ऐसे में उनकी पढ़ाई बाधित न हो, इसके लिए जिले में पुस्तकों की पहली खेप पहुंच गई है। पहली खेप में लगभग 10 प्रतिशत किताबें आई हैं। शीघ्र ही जिले में सभी पुस्तकें पहुंच जाएंगी। सत्यापन के बाद छात्र-छात्राओं को पुस्तकें उपलब्ध करा दी जाएंगी, जिससे उनकी पढ़ाई बाधित न हो।
कोरोना संकट के चलते विद्यालय पूरी तरह से बंद चल रहे हैं। हालांकि ऑनलाइन पढ़ाई का कार्य चल रहा है। परिषदीय, सहायता प्राप्त व मदरसों में पंजीकृत बच्चों की पढ़ाई बाधित न हो, इसके लिए उन्हें समय पर पुस्तक उपलब्ध कराने की प्रक्रिया प्रारंभ हो गई है। जिले में 1872 परिषदीय विद्यालय, सहायता प्राप्त व कुछ मदरसों में पंजीकृत 2 लाख 15 हजार छात्र-छात्राओं को निशुल्क पुस्तकें उपलब्ध कराई जाती हैं।
अब जबकि जुलाई में शिक्षकों के लिए स्कूल खोल दिए गए हैं, लेकिन बच्चों के लिए नहीं खुले हैं, तो ऐसे में जुलाई के अंत तक उन्हें पुस्तकें उपलब्ध हो सकें, इसके लिए जरूरी प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गई है। बीएसए कार्यालय के वरिष्ठ लिपिक डीपी सिंह ने बताया कि छात्र-छात्राओं को समय पर निशुल्क पुस्तकें उपलब्ध हो सकें, इसके लिए पुस्तकों की पहली खेप जिले में मंगलवार को पहुंच गई।
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बताया कि इस बार कक्षा 1 से 8 तक कुल 130 प्रकार की पुस्तकें हैं। उन्होंने बताया कि इस बार गणित, अंग्रेजी व हिंदी पुस्तकों के नाम में बदलाव हुआ है। हिंदी की कक्षा 1 के लिए कलरव, किसलय, पंखुड़ी फुलवारी व वाटिका, कक्षा 6 से 8 तक के लिए अक्षरा, दीक्षा, प्रज्ञा, कक्षा 6 से 8 तक गणित की अंकजगत, अंग्रेजी की इंग्लिश रीडर, गृहदर्शन पुस्तकें नई शामिल की गई हैं।
बताया कि शीघ्र ही सभी पुस्तकें बीएसए कार्यालय को उपलब्ध हो जाएंगी। बताया कि मंगलवार को जो पुस्तकें उपलब्ध हुईं, उसमें कक्षा 4 की अंकजगत, कक्षा 4 की पर्यावरण, संस्कृत सुधा, कक्षा 5 की वाटिका, गणित ज्ञान, कक्षा 4 की प्राकृतिक, कक्षा 5 की संस्कृत सुबोध पहुंची है। उधर, बीएसए अतुल कुमार सिंह ने बताया कि पुस्तकों का जिले में पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया है। सत्यापन के बाद खंड शिक्षा अधिकारी के माध्यम से सभी विद्यालयों में पुस्तकें भेज दी जाएंगी।
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कोरोना संकट के चलते विद्यालय पूरी तरह से बंद चल रहे हैं। हालांकि ऑनलाइन पढ़ाई का कार्य चल रहा है। परिषदीय, सहायता प्राप्त व मदरसों में पंजीकृत बच्चों की पढ़ाई बाधित न हो, इसके लिए उन्हें समय पर पुस्तक उपलब्ध कराने की प्रक्रिया प्रारंभ हो गई है। जिले में 1872 परिषदीय विद्यालय, सहायता प्राप्त व कुछ मदरसों में पंजीकृत 2 लाख 15 हजार छात्र-छात्राओं को निशुल्क पुस्तकें उपलब्ध कराई जाती हैं।
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अब जबकि जुलाई में शिक्षकों के लिए स्कूल खोल दिए गए हैं, लेकिन बच्चों के लिए नहीं खुले हैं, तो ऐसे में जुलाई के अंत तक उन्हें पुस्तकें उपलब्ध हो सकें, इसके लिए जरूरी प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गई है। बीएसए कार्यालय के वरिष्ठ लिपिक डीपी सिंह ने बताया कि छात्र-छात्राओं को समय पर निशुल्क पुस्तकें उपलब्ध हो सकें, इसके लिए पुस्तकों की पहली खेप जिले में मंगलवार को पहुंच गई।
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बताया कि इस बार कक्षा 1 से 8 तक कुल 130 प्रकार की पुस्तकें हैं। उन्होंने बताया कि इस बार गणित, अंग्रेजी व हिंदी पुस्तकों के नाम में बदलाव हुआ है। हिंदी की कक्षा 1 के लिए कलरव, किसलय, पंखुड़ी फुलवारी व वाटिका, कक्षा 6 से 8 तक के लिए अक्षरा, दीक्षा, प्रज्ञा, कक्षा 6 से 8 तक गणित की अंकजगत, अंग्रेजी की इंग्लिश रीडर, गृहदर्शन पुस्तकें नई शामिल की गई हैं।
बताया कि शीघ्र ही सभी पुस्तकें बीएसए कार्यालय को उपलब्ध हो जाएंगी। बताया कि मंगलवार को जो पुस्तकें उपलब्ध हुईं, उसमें कक्षा 4 की अंकजगत, कक्षा 4 की पर्यावरण, संस्कृत सुधा, कक्षा 5 की वाटिका, गणित ज्ञान, कक्षा 4 की प्राकृतिक, कक्षा 5 की संस्कृत सुबोध पहुंची है। उधर, बीएसए अतुल कुमार सिंह ने बताया कि पुस्तकों का जिले में पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया है। सत्यापन के बाद खंड शिक्षा अधिकारी के माध्यम से सभी विद्यालयों में पुस्तकें भेज दी जाएंगी।