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पोस्टकार्ड प्रतियोगिता में छात्र-छात्राओं ने दिखाई प्रतिभा
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अंबेडकरनगर के टांडा स्थित विवेकानन्द स्कूल में पोस्टर प्रतियोगिता में भाग लेते छात्र-छात्राएं?
- फोटो : AMBEDKAR NAGAR
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विद्युतनगर (अंबेडकरनगर)। अमृत महोत्सव के तहत पोस्टकार्ड प्रतियोगिता का आयोजन सोमवार को विवेकानंद इंटर कॉलेज विद्युतनगर में डाक विभाग के सहयोग से किया गया। प्रतियोगिता में विद्यालय के छात्रों ने बढ़-चढ़कर भागीदारी की। विद्यार्थियों ने प्रधानमंत्री को भेजे जाने वाले पोस्टकार्ड पर हिंदी व अंग्रेजी में अपने विचार लिखे। इसमें आने वाले वर्ष 2047 में हमारा भारत देश कैसा होगा। आजादी के दौरान वीर जवानों का क्या योगदान रहा। इन सबके बारे में अपनी भावनाओं को बच्चों ने पिरोने का काम किया।
विद्यालय प्रधानाचार्य स्वामीनाथ द्विवेदी के निर्देशन में पोस्टकार्ड डाक विभाग से कॉलेज को उपलब्ध कराए गए। उस पर छात्र-छात्राओं की ओर से अपने विचार लिखकर लेटर बॉक्स में डाला गया। प्रधानाचार्य ने छात्र-छात्राओं को इस पोस्टकार्ड प्रतियोगिता के महत्व के बारे में समझाया।
कहा कि इस पोस्टकार्ड के जरिए जहां प्रधानमंत्री को देश के बच्चों की राय जानने को मिलेगी, वहीं यह भी समझा जा सकेगा कि बच्चों को अपने इतिहास के बारे में कितनी जानकारी है। सभी को अपने भविष्य की चिंता के साथ-साथ अतीत की जानकारी रखना बहुत जरूरी होता है। जो देश व समाज अपना इतिहास भूल जाता है, उसका धीरे-धीरे पतन हो जाना संभव है। पोस्टकार्ड प्रतियोगिता को संपन्न कराने में वरिष्ठ आचार्य संतराम यादव, दयाशंकर मिश्र, अरविंद सिंह, सत्यप्रकाश विश्वकर्मा, महेंद्र विश्वकर्मा, सर्वेश दुबे, लालबिहारी वर्मा, कन्हैया लाल माझी आदि ने विशेष योगदान दिया।
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विद्यालय प्रधानाचार्य स्वामीनाथ द्विवेदी के निर्देशन में पोस्टकार्ड डाक विभाग से कॉलेज को उपलब्ध कराए गए। उस पर छात्र-छात्राओं की ओर से अपने विचार लिखकर लेटर बॉक्स में डाला गया। प्रधानाचार्य ने छात्र-छात्राओं को इस पोस्टकार्ड प्रतियोगिता के महत्व के बारे में समझाया।
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कहा कि इस पोस्टकार्ड के जरिए जहां प्रधानमंत्री को देश के बच्चों की राय जानने को मिलेगी, वहीं यह भी समझा जा सकेगा कि बच्चों को अपने इतिहास के बारे में कितनी जानकारी है। सभी को अपने भविष्य की चिंता के साथ-साथ अतीत की जानकारी रखना बहुत जरूरी होता है। जो देश व समाज अपना इतिहास भूल जाता है, उसका धीरे-धीरे पतन हो जाना संभव है। पोस्टकार्ड प्रतियोगिता को संपन्न कराने में वरिष्ठ आचार्य संतराम यादव, दयाशंकर मिश्र, अरविंद सिंह, सत्यप्रकाश विश्वकर्मा, महेंद्र विश्वकर्मा, सर्वेश दुबे, लालबिहारी वर्मा, कन्हैया लाल माझी आदि ने विशेष योगदान दिया।
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