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Ambedkar Nagar News: एसटीएफ को एक और शिक्षिका का प्रमाणपत्र मिला फर्जी
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अंबेडकरनगर। स्पेशल टास्क फोर्स ने जिले की एक और परिषदीय विद्यालय की शिक्षिका को फर्जी बीएड प्रमाण पत्रों के आधार पर नौकरी करते पकड़ा है। एसटीएफ की जांच में फर्जीवाड़ा मिलने के बाद बीएसए ने संबंधित शिक्षिका को नोटिस जारी करते हुए एक सप्ताह में जवाब मांगा है। इससे पहले दो अन्य शिक्षिकाओं को भी नोटिस एसटीएफ की जांच के बाद बीते दिनों जारी किया गया था।
स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) की लखनऊ यूनिट इन दिनों फर्जी प्रमाण पत्रों के आधार पर स्कूलों में नौकरी करने से जुड़े मामलों की जांच कर रही है। इसी कड़ी में एसटीएफ ने भियांव ब्लॉक के उच्च प्राथमिक विद्यालय कुर्मीपुर में तैनात सहायक अध्यापिका कंचन को बीएड की फर्जी डिग्री के आधार पर नौकरी करते पाया है। एसटीएफ ने जिले के बेसिक शिक्षा विभाग को भेजी रिपोर्ट में कहा कि कंचन ने लाल बहादुर शास्त्री डिग्री कॉलेज गोंडा से वर्ष 1994 में बीएड की डिग्री हासिल करने का उल्लेख करते हुए उसे अपनी नौकरी के प्रपत्र में लगाया है।
एसटीएफ ने गोंडा के प्राचार्य को पत्र भेजकर जानकारी चाही तो वहां से बताया गया कि 1994 में जिस अनुक्रमांक के आधार पर बीएड डिग्री दिखाई जा रही है उस पर कंचन का जिक्र नहीं है। इस नाम से उस अनुक्रमांक पर संबंधित छात्रा महाविद्यालय में पंजीकृत ही नहीं थी। एसटीएफ ने विभाग को भेजे पत्र में कहा कि ऐसे में स्पष्ट है कि शिक्षिका ने फर्जी अंक पत्र एवं प्रमाण पत्र के आधार पर अवैध रूप से नौकरी हासिल की है। एसटीएफ के इसी पत्र के बाद बीएसए ने एसटीएफ की जांच आख्या का उल्लेख करते हुए संबंधित शिक्षिका को बर्खास्तगी से जुड़ा नोटिस भेजा है। इसमें एक सप्ताह के भीतर साक्ष्य सहित जवाब मांगा है, जवाब न देने पर आगे की विधिक कार्रवाई पूरी की जाएगी।
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दो अन्य शिक्षिकाओं पर लटकी तलवार
अकबरपुर ब्लॉक के प्राथमिक विद्यालय के गौरा में तैनात प्रधानाध्यापक मानधाता तथा प्राथमिक विद्यालय बरौरा में तैनात शिक्षिका सरोजलता पर भी बर्खास्तगी की तलवार लटक रही है। लखनऊ एसटीएफ ने इन दोनों शिक्षिकाओं की बीएड डिग्री की भी जांच कराई थी। दोनों शिक्षिकाओं ने दून इंटरनेशनल यूनिवर्सिटी रायपुर छत्तीसगढ़ से बीएड की डिग्री हासिल करने का जिक्र करते हुए संबंधित प्रपत्र नौकरी में लगाया था। एसटीएफ ने जांच कर पाया कि दून युनिवर्सिटी का नाम अनुरक्षित विश्वविद्यालयों की सूची में नहीं है। यह संस्थान यूजीसी द्वारा अधिसूचित किसी भी प्रकार की डिग्री जारी करने के लिए अधिकृत नहीं है। ऐसे में इस फर्जी डिग्री के आधार पर दोनों शिक्षिकाओं द्वारा नौकरी किए जाने का मामला एसटीएफ ने पकड़ा था। इसके बाद बीएसए ने दोनों शिक्षिकाओं को बीते दिनों नोटिस जारी कर जवाब मांगा। शिक्षिकाओं ने एक सप्ताह का अतिरिक्त समय मांगा है, जिससे जवाब दिए जा सके।
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स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) की लखनऊ यूनिट इन दिनों फर्जी प्रमाण पत्रों के आधार पर स्कूलों में नौकरी करने से जुड़े मामलों की जांच कर रही है। इसी कड़ी में एसटीएफ ने भियांव ब्लॉक के उच्च प्राथमिक विद्यालय कुर्मीपुर में तैनात सहायक अध्यापिका कंचन को बीएड की फर्जी डिग्री के आधार पर नौकरी करते पाया है। एसटीएफ ने जिले के बेसिक शिक्षा विभाग को भेजी रिपोर्ट में कहा कि कंचन ने लाल बहादुर शास्त्री डिग्री कॉलेज गोंडा से वर्ष 1994 में बीएड की डिग्री हासिल करने का उल्लेख करते हुए उसे अपनी नौकरी के प्रपत्र में लगाया है।
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एसटीएफ ने गोंडा के प्राचार्य को पत्र भेजकर जानकारी चाही तो वहां से बताया गया कि 1994 में जिस अनुक्रमांक के आधार पर बीएड डिग्री दिखाई जा रही है उस पर कंचन का जिक्र नहीं है। इस नाम से उस अनुक्रमांक पर संबंधित छात्रा महाविद्यालय में पंजीकृत ही नहीं थी। एसटीएफ ने विभाग को भेजे पत्र में कहा कि ऐसे में स्पष्ट है कि शिक्षिका ने फर्जी अंक पत्र एवं प्रमाण पत्र के आधार पर अवैध रूप से नौकरी हासिल की है। एसटीएफ के इसी पत्र के बाद बीएसए ने एसटीएफ की जांच आख्या का उल्लेख करते हुए संबंधित शिक्षिका को बर्खास्तगी से जुड़ा नोटिस भेजा है। इसमें एक सप्ताह के भीतर साक्ष्य सहित जवाब मांगा है, जवाब न देने पर आगे की विधिक कार्रवाई पूरी की जाएगी।
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दो अन्य शिक्षिकाओं पर लटकी तलवार
अकबरपुर ब्लॉक के प्राथमिक विद्यालय के गौरा में तैनात प्रधानाध्यापक मानधाता तथा प्राथमिक विद्यालय बरौरा में तैनात शिक्षिका सरोजलता पर भी बर्खास्तगी की तलवार लटक रही है। लखनऊ एसटीएफ ने इन दोनों शिक्षिकाओं की बीएड डिग्री की भी जांच कराई थी। दोनों शिक्षिकाओं ने दून इंटरनेशनल यूनिवर्सिटी रायपुर छत्तीसगढ़ से बीएड की डिग्री हासिल करने का जिक्र करते हुए संबंधित प्रपत्र नौकरी में लगाया था। एसटीएफ ने जांच कर पाया कि दून युनिवर्सिटी का नाम अनुरक्षित विश्वविद्यालयों की सूची में नहीं है। यह संस्थान यूजीसी द्वारा अधिसूचित किसी भी प्रकार की डिग्री जारी करने के लिए अधिकृत नहीं है। ऐसे में इस फर्जी डिग्री के आधार पर दोनों शिक्षिकाओं द्वारा नौकरी किए जाने का मामला एसटीएफ ने पकड़ा था। इसके बाद बीएसए ने दोनों शिक्षिकाओं को बीते दिनों नोटिस जारी कर जवाब मांगा। शिक्षिकाओं ने एक सप्ताह का अतिरिक्त समय मांगा है, जिससे जवाब दिए जा सके।