{"_id":"7fc755a02c84cbdb956984c5f14b4020","slug":"six-million-rs-of-property-turned-to-ash-in-fire-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"आग से छह लाख की संपत्ति राख","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
आग से छह लाख की संपत्ति राख
अबेडकरनगर/अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 18 Feb 2016 10:14 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जानकारी के मुताबिक बुधवार रात अचानक गांव निवासी शंभू चौहान के घर से आग की लपटें उठना शुरू हो गईं। यह देख गुहार मचाते हुए परिवारीजन बाहर भागे। गुहार पर बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर एकत्र हो गए। उन्होंने आग पर काबू पाने का प्रयास शुरू किया, लेकिन आग थमने का नाम ही नहीं ले रही थी।
देखते ही देखते आग ने इर्दगिर्द के भी घरों को अपनी चपेट में ले लिया। इससे गांव में अफरातफरी मच गई। लगभग डेढ़ घंटे के अथक प्रयास के बाद आग पर काबू पाया जा सका, लेकिन तब तक शंभू के अलावा बुधई, शेषभान, धर्मेंद्र, देवेंद्र, पुरुषोत्तम की पूरी गृहस्थी जलकर राख हो चुकी थी। आग से लगभग 6 लाख रुपये की हानि हुई।
पूर्व प्रधान श्यामनरायन ने मामले की जानकारी एसडीएम को दी, लेकिन समाचार प्रेषण तक कोई भी अधिकारी व जनप्रतिनिधि घटनास्थल पर नहीं पहुंच सका। नतीजा यह रहा कि पूरी गृहस्थी खाक होने के चलते पीड़ित खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर हो रहे हैं।
विज्ञापन
उपेक्षा से ग्रामीणों में अधिकारियों व जनप्रतिनिधियों के प्रति नाराजगी व्याप्त है। उनका कहना है कि कमजोर वर्ग के लोगों की समस्याओं को लेकर कोई भी गंभीर नहीं है। उधर एसडीएम नरेंद्र सिंह ने बताया कि जानकारी मिली है। राजस्वकर्मियों को भेजकर क्षति का आंकलन कर रिपोर्ट दिए जाने का निर्देश दिया गया है।
विज्ञापन
देखते ही देखते आग ने इर्दगिर्द के भी घरों को अपनी चपेट में ले लिया। इससे गांव में अफरातफरी मच गई। लगभग डेढ़ घंटे के अथक प्रयास के बाद आग पर काबू पाया जा सका, लेकिन तब तक शंभू के अलावा बुधई, शेषभान, धर्मेंद्र, देवेंद्र, पुरुषोत्तम की पूरी गृहस्थी जलकर राख हो चुकी थी। आग से लगभग 6 लाख रुपये की हानि हुई।
विज्ञापन
पूर्व प्रधान श्यामनरायन ने मामले की जानकारी एसडीएम को दी, लेकिन समाचार प्रेषण तक कोई भी अधिकारी व जनप्रतिनिधि घटनास्थल पर नहीं पहुंच सका। नतीजा यह रहा कि पूरी गृहस्थी खाक होने के चलते पीड़ित खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर हो रहे हैं।
विज्ञापन
उपेक्षा से ग्रामीणों में अधिकारियों व जनप्रतिनिधियों के प्रति नाराजगी व्याप्त है। उनका कहना है कि कमजोर वर्ग के लोगों की समस्याओं को लेकर कोई भी गंभीर नहीं है। उधर एसडीएम नरेंद्र सिंह ने बताया कि जानकारी मिली है। राजस्वकर्मियों को भेजकर क्षति का आंकलन कर रिपोर्ट दिए जाने का निर्देश दिया गया है।