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Ambedkar Nagar News: श्रेया ने स्वीकारी थी चुनौती, मां की मौत के सदमे से भी नहीं डिगी
Sun, 09 Apr 2023 12:01 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अम्बेडकरनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, अम्बेडकरनगर
Updated Sun, 09 Apr 2023 12:01 AM IST
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डीपीआरओ के पद पर चयनित श्रेया उपाध्याय का मुंह मीठा कराते पिता घनश्याम। -संवाद
अश्विनी मिश्र
अंंबेडकरनगर। मां की मौत का सदमा सहकर पीसीएस परीक्षा में सफलता हासिल कर श्रेया ने क्षेत्र का नाम रोशन किया है। श्रेया बताती हैं कि पीसीएस परीक्षा के पहले प्रयास 2017 में साक्षात्कार तक वह पहुंची थीं। उस समय वहां साक्षात्कार लेने वाले लोगों ने उन्हें सलाह दी थी कि इस फील्ड को छोड़ आप शिक्षा क्षेत्र में कॅरियर बनाइए।
श्रेया कहती हैं कि यह बात मुझे चुभ गई थी। इसे कहने का उस समय कोई औचित्य नहीं था लेकिन साक्षात्कार लेने बैठे लोगों ने यह कहकर मुझे और ज्यादा प्रेरित कर दिया। मैंने ठान लिया था कि मुझे इस परीक्षा में सफल होकर रहना है।
अकबरपुर नगर में रहकर मोबाइल की दुकान चलाने वाले घनश्याम उपाध्याय की पुत्री श्रेया ने अत्यंत प्रतिकूल परिस्थितियों में पीसीएस परीक्षा उत्तीर्ण की है। उन्हें चौथे प्रयास में यह परीक्षा पास कर डीपीआरओ बनने की सफलता मिली है।
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श्रेया बताती हैं कि 14 मार्च को प्रयागराज में उनका साक्षात्कार था। 13 मार्च को अकबरपुर से उनके पिता घनश्याम व माता अनीता को उनका मूल प्रमाणपत्र लेकर प्रयागराज जाना था। इसी बीच 12 मार्च की रात आठ बजे करीब अचानक मां अनीता का निधन हो गया। उन्हें रात दो बजे अकबरपुर आना पड़ा। 13 मार्च को मां के अंतिम क्रियाकर्म के बाद भारी मन से देर शाम श्रेया प्रयागराज पहुंच गईं। इसके बाद धैर्य के साथ उन्होंने साक्षात्कार दिया। संवाद
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अंंबेडकरनगर। मां की मौत का सदमा सहकर पीसीएस परीक्षा में सफलता हासिल कर श्रेया ने क्षेत्र का नाम रोशन किया है। श्रेया बताती हैं कि पीसीएस परीक्षा के पहले प्रयास 2017 में साक्षात्कार तक वह पहुंची थीं। उस समय वहां साक्षात्कार लेने वाले लोगों ने उन्हें सलाह दी थी कि इस फील्ड को छोड़ आप शिक्षा क्षेत्र में कॅरियर बनाइए।
श्रेया कहती हैं कि यह बात मुझे चुभ गई थी। इसे कहने का उस समय कोई औचित्य नहीं था लेकिन साक्षात्कार लेने बैठे लोगों ने यह कहकर मुझे और ज्यादा प्रेरित कर दिया। मैंने ठान लिया था कि मुझे इस परीक्षा में सफल होकर रहना है।
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अकबरपुर नगर में रहकर मोबाइल की दुकान चलाने वाले घनश्याम उपाध्याय की पुत्री श्रेया ने अत्यंत प्रतिकूल परिस्थितियों में पीसीएस परीक्षा उत्तीर्ण की है। उन्हें चौथे प्रयास में यह परीक्षा पास कर डीपीआरओ बनने की सफलता मिली है।
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श्रेया बताती हैं कि 14 मार्च को प्रयागराज में उनका साक्षात्कार था। 13 मार्च को अकबरपुर से उनके पिता घनश्याम व माता अनीता को उनका मूल प्रमाणपत्र लेकर प्रयागराज जाना था। इसी बीच 12 मार्च की रात आठ बजे करीब अचानक मां अनीता का निधन हो गया। उन्हें रात दो बजे अकबरपुर आना पड़ा। 13 मार्च को मां के अंतिम क्रियाकर्म के बाद भारी मन से देर शाम श्रेया प्रयागराज पहुंच गईं। इसके बाद धैर्य के साथ उन्होंने साक्षात्कार दिया। संवाद