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Ambedkar Nagar News: अयोध्या के श्रद्धालुओं को लुभाएगा श्रवणक्षेत्र धाम
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अंबेडकरनगर। अयोध्या के पर्यटकों को आगामी दिनों में प्रसिद्ध धार्मिकस्थल श्रवणधाम भी लुभाता नजर आएगा। जिला प्रशासन की कोशिश है कि मड़हा बिसुई नदी के संगम तट पर बसे इस धाम को कुछ यूं संवारा जाए कि अयोध्या आने वाले पर्यटकों में से कम से कम दस फीसद इधर का रुख जरूर करें। इसी कड़ी में यहां कई तरह के काम चल रहे हैं। अब शासन द्वारा पांच धार्मिक स्थलों को खासतौर पर विकसित करने की योजना में इसे भी शामिल करने से यहां के विकास व सुंदरीकरण की उम्मीदों को नया पंख लग गए हैं।
मातृ-पितृ भक्ति के प्रतीक श्रवण कुमार के नाम पर कटेहरी विधानसभा क्षेत्र में श्रवण धाम स्थापित है। यूं तो इसे पर्यटन स्थल का दर्जा मिला हुआ है लेकिन समूचे क्षेत्र की बदहाली के चलते इसे वह महत्व नहीं मिल पाया जो मिलना चाहिए। लगभग एक वर्ष पहले यहां बतौर डीएम कार्यभार संभालने वाले आईएएस अविनाश सिंह ने झीलों व उद्योगों के विकास के साथ ही धार्मिक स्थलों के कायाकल्प पर ध्यान केंद्रित किया।
इसी के बाद यहां तमसा व बिसुई नदी के संगम के बाद निकली तमसा नदी के तट पर एक नया घाट बनवाने के साथ ही प्रकाश व आवागमन के लिए कार्य कराए गए। अब प्रदेश सरकार ने एमएलसी हरिओम पांडेय की मांग पर जिले के पांच धार्मिक स्थलों पर विशेष कार्य को मंजूरी दी है। इससे अब इसमें शामिल श्रवणक्षेत्र के सुंदरीकरण व विकास को जल्द ही बड़ा मुकाम मिलने की उम्मीद है।
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जिला प्रशासन ने यहां अन्नावां पहितीपुर मुख्य मार्ग से मंदिर क्षेत्र के प्रवेश स्थल पर भव्य गेट का निर्माण शुरू करा रखा है तो वहीं मुख्य मंदिर के प्रवेश द्वार का भी निर्माण कराया जा रहा है। प्रशासन यहां भगवान राम की 25 फीट ऊंची मूर्ति स्थापित कराने की तैयारी में है। मूर्ति के इर्दगिर्द भव्य राम वाटिका स्थापित कराई जाएगी। इसके साथ ही नदी के किनारे एक और नया घाट बनवाया जाएगा। दरअसल यहां वर्ष में दो बार मेला लगने के साथ ही परिक्रमा भी होती है जिसमें बड़ी तादाद में श्रद्धालु पहुंचते हैं। अन्य मौकों पर भी धार्मिक आयोजन होते रहते हैं।
बोले लोग, बड़े पैकेज की जरूरत
स्थानीय रामबहाल कहते हैं कि श्रवणक्षेत्र धाम को बड़े पैकेज की जरूरत है। यहां चारों तरफ से चारदीवारी का निर्माण कराए जाने की जरूरत है। महंत व अन्य साधू संतों के रहने के आवास जर्जर हो गए हैं, इनके नए सिरे से निर्माण की जरूरत है। सुनील यादव ने कहा कि मुख्य मंदिर के आसपास के 100 मीटर दायरे को समतल कराने की जरूरत है। ऊबड़-खाबड़ व ऊंचा नीचा होने के कारण धाम की गरिमा के अनुरूप माहौल नहीं बन पा रहा। बुजुर्ग व महिला श्रद्धालुओं को दिक्कत होती है। यहीं मिले मेहीलाल ने कहा कि मंदिर के ठीक सामने घाट के बगल पुल निर्माण की जरूरत है। ह्यूम पाइप डालकर किसी तरह आवागमन हो रहा है। ज्यादा बारिश होने पर यह काम चलाऊ पुल डूब जाता है। कई अन्य लोगों ने कहा कि मंदिर से जो मार्ग पुलिस चौकी तरफ जाता है उसे और ऊंचा कराए जाने की जरूरत है। बताया कि यहां स्ट्रीट लाइट तो लगा दी गई लेकिन ज्यादातर ठप हैं। साफ-सफाई के लिए दो सफाई कर्मियों की तैनाती की जरूरत पर स्थानीय लोगों ने जोर दिया। लोगो ने दिखाया कि मंदिर मार्ग पर लगा बिजली का एक खंभा क्षतिग्रस्त होकर सड़क पर लटका है लेकिन उस तरफ किसी का ध्यान नही जा रहा है।
ऐसे निखरेगा यहां का स्वरूप
डीएम अविनाश सिंह ने कहा कि अयोध्या में प्रतिवर्ष करीब पांच करोड़ श्रद्धालु व पर्यटकों के आने का अनुमान है। कोशिश यह है कि इनमें से दस प्रतिशत को श्रवणक्षेत्र धाम तक लाया जा सके। इससे जिले की आर्थिक व्यवस्था भी मजबूत होगी। पर्यटकों को लुभाने के लिए यहां पर्यटन निगम की तरफ से सुसज्जित रेस्ट हाउस का निर्माण कराया जा रहा है। आगामी दिनों में आदर्श सरोवर की स्थापना कराई जाएगी जिससे सुंदरीकरण बढ़ सके। परिसर में पार्क व झूले का भी निर्माण होगा। यहां बीते दिनों से नियमित आरती नदी घाट पर शुरू हो चुकी है। इसे और भव्य रूप दिया जाएगा।
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मातृ-पितृ भक्ति के प्रतीक श्रवण कुमार के नाम पर कटेहरी विधानसभा क्षेत्र में श्रवण धाम स्थापित है। यूं तो इसे पर्यटन स्थल का दर्जा मिला हुआ है लेकिन समूचे क्षेत्र की बदहाली के चलते इसे वह महत्व नहीं मिल पाया जो मिलना चाहिए। लगभग एक वर्ष पहले यहां बतौर डीएम कार्यभार संभालने वाले आईएएस अविनाश सिंह ने झीलों व उद्योगों के विकास के साथ ही धार्मिक स्थलों के कायाकल्प पर ध्यान केंद्रित किया।
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इसी के बाद यहां तमसा व बिसुई नदी के संगम के बाद निकली तमसा नदी के तट पर एक नया घाट बनवाने के साथ ही प्रकाश व आवागमन के लिए कार्य कराए गए। अब प्रदेश सरकार ने एमएलसी हरिओम पांडेय की मांग पर जिले के पांच धार्मिक स्थलों पर विशेष कार्य को मंजूरी दी है। इससे अब इसमें शामिल श्रवणक्षेत्र के सुंदरीकरण व विकास को जल्द ही बड़ा मुकाम मिलने की उम्मीद है।
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जिला प्रशासन ने यहां अन्नावां पहितीपुर मुख्य मार्ग से मंदिर क्षेत्र के प्रवेश स्थल पर भव्य गेट का निर्माण शुरू करा रखा है तो वहीं मुख्य मंदिर के प्रवेश द्वार का भी निर्माण कराया जा रहा है। प्रशासन यहां भगवान राम की 25 फीट ऊंची मूर्ति स्थापित कराने की तैयारी में है। मूर्ति के इर्दगिर्द भव्य राम वाटिका स्थापित कराई जाएगी। इसके साथ ही नदी के किनारे एक और नया घाट बनवाया जाएगा। दरअसल यहां वर्ष में दो बार मेला लगने के साथ ही परिक्रमा भी होती है जिसमें बड़ी तादाद में श्रद्धालु पहुंचते हैं। अन्य मौकों पर भी धार्मिक आयोजन होते रहते हैं।
बोले लोग, बड़े पैकेज की जरूरत
स्थानीय रामबहाल कहते हैं कि श्रवणक्षेत्र धाम को बड़े पैकेज की जरूरत है। यहां चारों तरफ से चारदीवारी का निर्माण कराए जाने की जरूरत है। महंत व अन्य साधू संतों के रहने के आवास जर्जर हो गए हैं, इनके नए सिरे से निर्माण की जरूरत है। सुनील यादव ने कहा कि मुख्य मंदिर के आसपास के 100 मीटर दायरे को समतल कराने की जरूरत है। ऊबड़-खाबड़ व ऊंचा नीचा होने के कारण धाम की गरिमा के अनुरूप माहौल नहीं बन पा रहा। बुजुर्ग व महिला श्रद्धालुओं को दिक्कत होती है। यहीं मिले मेहीलाल ने कहा कि मंदिर के ठीक सामने घाट के बगल पुल निर्माण की जरूरत है। ह्यूम पाइप डालकर किसी तरह आवागमन हो रहा है। ज्यादा बारिश होने पर यह काम चलाऊ पुल डूब जाता है। कई अन्य लोगों ने कहा कि मंदिर से जो मार्ग पुलिस चौकी तरफ जाता है उसे और ऊंचा कराए जाने की जरूरत है। बताया कि यहां स्ट्रीट लाइट तो लगा दी गई लेकिन ज्यादातर ठप हैं। साफ-सफाई के लिए दो सफाई कर्मियों की तैनाती की जरूरत पर स्थानीय लोगों ने जोर दिया। लोगो ने दिखाया कि मंदिर मार्ग पर लगा बिजली का एक खंभा क्षतिग्रस्त होकर सड़क पर लटका है लेकिन उस तरफ किसी का ध्यान नही जा रहा है।
ऐसे निखरेगा यहां का स्वरूप
डीएम अविनाश सिंह ने कहा कि अयोध्या में प्रतिवर्ष करीब पांच करोड़ श्रद्धालु व पर्यटकों के आने का अनुमान है। कोशिश यह है कि इनमें से दस प्रतिशत को श्रवणक्षेत्र धाम तक लाया जा सके। इससे जिले की आर्थिक व्यवस्था भी मजबूत होगी। पर्यटकों को लुभाने के लिए यहां पर्यटन निगम की तरफ से सुसज्जित रेस्ट हाउस का निर्माण कराया जा रहा है। आगामी दिनों में आदर्श सरोवर की स्थापना कराई जाएगी जिससे सुंदरीकरण बढ़ सके। परिसर में पार्क व झूले का भी निर्माण होगा। यहां बीते दिनों से नियमित आरती नदी घाट पर शुरू हो चुकी है। इसे और भव्य रूप दिया जाएगा।