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Ambedkar Nagar News: डीटीसी खोलने के लिए शुरु हुई आवेदक की तलाश
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अंबेडकरनगर। जुगाड़ के सहारे ड्राइविंग लाइसेंस प्राप्त करने वालों के दिन अब लदने वाले हैं। परिवहन विभाग सड़क सुरक्षा के मद्देनजर अब जनपद में निजी डीटीसी (ड्राइविंग प्रशिक्षण संस्थान) स्थापित करने की तैयारी में है। इसके लिए परिवहन विभाग ने लोगों से आवेदन भी मांगा है। आवेदक के पास सड़क के किनारे कम से कम एक एकड़ से दो एकड़ भूमि होनी चाहिए। संस्थान पर सभी सुविधाएं आवेदक को परिवहन विभाग के मानक के अनुसार उपलब्ध कराना होगा।
निजी ड्राइविंग प्रशिक्षण संस्थान पर आवेदकों को प्रशिक्षण देने के साथ ही ऑटोमेटिक ड्राइविंग टेस्टिंग ट्रैक पर टेस्ट लेने की व्यवस्था होगी। आवेदक को इसके लिए 88 रुपये का शुल्क देना होगा। प्रशिक्षण के उपरांत टेस्ट पास करने पर ही उसे सर्टिफिकेट प्रदान होगा, जिसके बाद लाइसेंस जारी हो सकेगा। इन सब कवायद का उद्देश्य यह है कि जब प्रशिक्षित चालक वाहनों का संचालन करेंगे तो सड़क हादसों में कमी आएगी।
दो पहिया वाहन ट्रेनिंग सेंटर खोलने के लिए एक एकड़ व चार पहिया वाहन ट्रेनिंग सेंटर खोलने के लिए दो एकड़ भूमि सड़क के किनारे होनी चाहिए। जिससे वाहन आसानी से केंद्र तक पहुंच सकें। सेंटर पर ऑटोमेटिक टेस्टिंग ट्रैक के अलावा वर्कशॉप सहित अन्य जरूरी व्यवस्थाएं रहेंगी। फिलहाल जिले में अभी तक किसी आवेदक ने सेंटर खोलने के लिए आवेदन नहीं किया है। परिवहन विभाग इसके लिए प्रचार प्रसार भी कर रहा है।
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आवेदक की तलाश में विभाग जुटा है। इससे आवेदकों को बार बार एआरटीओ दफ्तर जाने से निजात मिलेगी। चालकों के पास पर्याप्त यातायात नियमों की जानकारी होगी तो हादसे कम होंगे। एआरटीओ कार्यालय में अभी टेस्ट की मैनुअल व्यवस्था चल रही है।
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निजी ड्राइविंग प्रशिक्षण संस्थान पर आवेदकों को प्रशिक्षण देने के साथ ही ऑटोमेटिक ड्राइविंग टेस्टिंग ट्रैक पर टेस्ट लेने की व्यवस्था होगी। आवेदक को इसके लिए 88 रुपये का शुल्क देना होगा। प्रशिक्षण के उपरांत टेस्ट पास करने पर ही उसे सर्टिफिकेट प्रदान होगा, जिसके बाद लाइसेंस जारी हो सकेगा। इन सब कवायद का उद्देश्य यह है कि जब प्रशिक्षित चालक वाहनों का संचालन करेंगे तो सड़क हादसों में कमी आएगी।
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दो पहिया वाहन ट्रेनिंग सेंटर खोलने के लिए एक एकड़ व चार पहिया वाहन ट्रेनिंग सेंटर खोलने के लिए दो एकड़ भूमि सड़क के किनारे होनी चाहिए। जिससे वाहन आसानी से केंद्र तक पहुंच सकें। सेंटर पर ऑटोमेटिक टेस्टिंग ट्रैक के अलावा वर्कशॉप सहित अन्य जरूरी व्यवस्थाएं रहेंगी। फिलहाल जिले में अभी तक किसी आवेदक ने सेंटर खोलने के लिए आवेदन नहीं किया है। परिवहन विभाग इसके लिए प्रचार प्रसार भी कर रहा है।
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आवेदक की तलाश में विभाग जुटा है। इससे आवेदकों को बार बार एआरटीओ दफ्तर जाने से निजात मिलेगी। चालकों के पास पर्याप्त यातायात नियमों की जानकारी होगी तो हादसे कम होंगे। एआरटीओ कार्यालय में अभी टेस्ट की मैनुअल व्यवस्था चल रही है।