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एसडीएम के निरीक्षण में दिखा अहलमद कक्ष में मनमानी का दौर
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टांडा (अंबेडकरनगर)। जमानतदार की सत्यापन रिपोर्ट तीन माह बाद भी कोर्ट न भेजे जाने के मामले को एसडीएम ने गंभीरता से ले लिया है। तहसीलदार संतोष कुमार ओझा को जांच का आदेश दिया है। इसके अलावा शुक्रवार शाम वह अचानक तहसील के माल अहलमद कार्यालय पहुंच गए। एसडीएम को अचानक माल अहलमद कक्ष में देख कर्मचारियों में हड़कंप मच गया। कागजातों के पड़ताल में एसडीएम को एक वर्ष पुराना प्रार्थनापत्र पड़ा मिला। कागजातों व फाइलों के रखरखाव को लेकर एसडीएम ने कड़ी नाराजगी भी जाहिर की।
एसडीएम कार्यालयों की पत्रावलियों की तरफ इसलिए रुख किया क्योंकि गत दिवस अमर उजाला ने जेल में निरुद्ध हसनैन के पिता की एक शिकायत को प्रमुखता से छापा था। हसनैन के पिता के मुताबिक उसके पुत्र की जमानत तीन माह पहले हो चुकी है। कोर्ट से सत्यापन के लिए रिपोर्ट टांडा तहसील भेजी गई। तीन माह का समय बीत गया, लेकिन तहसील प्रशासन द्वारा रिपोर्ट लगाकर वापस कोर्ट नहीं भेजा गया। इसके चलते उसके बेटे की रिहाई नहीं हो पा रही है। इसकी शिकायत उसने गत दिवस एसडीएम एमपी सिंह मिलकर की थी। उन्होंने भरोसा दिलाया था कि जल्द ही मामले में समुचित कार्रवाई की जाएगी।
इसी मामले को संज्ञान में लेते हुए एसडीएम ने अभिलेखों का जायजा लिया। एसडीएम शुक्रवार शाम अचानक माल अहलमद कक्ष में पहुंच गए। लापरवाहीपूर्वक पत्रावलियों को रखने को लेकर फटकार लगायी। पत्रावलियों की जांच में एसडीएम के हाथ एक वर्ष से लंबित एक प्रार्थना पत्र भी लग गया। इस पर जब एसडीएम ने सवाल किया तो कर्मचारी निरुत्तर दिखे। कहा कि मामले में जांच के आदेश दिए गए हैं। जिस भी स्तर पर लापरवाही मिलेगी, कार्रवाई सुनिश्चित होगी।
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एसडीएम कार्यालयों की पत्रावलियों की तरफ इसलिए रुख किया क्योंकि गत दिवस अमर उजाला ने जेल में निरुद्ध हसनैन के पिता की एक शिकायत को प्रमुखता से छापा था। हसनैन के पिता के मुताबिक उसके पुत्र की जमानत तीन माह पहले हो चुकी है। कोर्ट से सत्यापन के लिए रिपोर्ट टांडा तहसील भेजी गई। तीन माह का समय बीत गया, लेकिन तहसील प्रशासन द्वारा रिपोर्ट लगाकर वापस कोर्ट नहीं भेजा गया। इसके चलते उसके बेटे की रिहाई नहीं हो पा रही है। इसकी शिकायत उसने गत दिवस एसडीएम एमपी सिंह मिलकर की थी। उन्होंने भरोसा दिलाया था कि जल्द ही मामले में समुचित कार्रवाई की जाएगी।
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इसी मामले को संज्ञान में लेते हुए एसडीएम ने अभिलेखों का जायजा लिया। एसडीएम शुक्रवार शाम अचानक माल अहलमद कक्ष में पहुंच गए। लापरवाहीपूर्वक पत्रावलियों को रखने को लेकर फटकार लगायी। पत्रावलियों की जांच में एसडीएम के हाथ एक वर्ष से लंबित एक प्रार्थना पत्र भी लग गया। इस पर जब एसडीएम ने सवाल किया तो कर्मचारी निरुत्तर दिखे। कहा कि मामले में जांच के आदेश दिए गए हैं। जिस भी स्तर पर लापरवाही मिलेगी, कार्रवाई सुनिश्चित होगी।
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