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Ambedkar Nagar News: 24 घंटे में 18 सेंटीमीटर बढ़ा सरयू का जलस्तर
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राजेसुल्तानपुर क्षेत्र के कम्हरिया घाट के निकट बढ़ा सरयू नदी का जलस्तर।संवाद
राजेसुल्तानपुर (अंबेडकरनगर)। पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार बारिश के कारण सरयू नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। बीते 24 घंटे में नदी के जलस्तर में 18 सेंटीमीटर की वृद्धि दर्ज की गई है। नदी का पानी निचले इलाकों में फैलने लगा है, जिससे मांझा क्षेत्र में बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है। नदी किनारे बसे गांवों के लोगों की चिंता भी बढ़ गई है।
सरयू नदी का जलस्तर बृहस्पतिवार को 84.09 मीटर से बढ़कर 84.27 मीटर पहुंच गया। नदी अभी खतरे के निशान 85.56 मीटर से 1.29 मीटर नीचे बह रही है। हालांकि, लगातार बढ़ता जलस्तर ग्रामीणों और किसानों की बेचैनी बढ़ा रहा है। ग्रामीण रामभजन, राजेश, रामआसरे, रामप्रसाद और प्रेम प्रकाश ने बताया कि मांझा कम्हरिया व आसपास के गांवों के निचले हिस्सों में पानी भर गया है। यदि यही स्थिति बनी रही तो पानी धीरे-धीरे आबादी की ओर बढ़ने लगेगा। मांझा क्षेत्र में कई स्थानों पर कटान भी तेज हो रहा है। कटान के कारण खेती योग्य जमीनें नदी में समा रही हैं। अब तक कितनी जमीन नदी में समाई है, इसका कोई आकलन नहीं हुआ है।
बाढ़ कार्य खंड ने कटान रोकने के लिए काम शुरू कर दिया है। कटान प्रभावित स्थलों पर बंबू क्रेट लगाए जा रहे हैं। बाढ़ कार्य खंड अयोध्या की टीम तट को सुरक्षित करने में जुटी है। जूनियर इंजीनियर फागू चौहान ने बताया कि कटान रोकने के लिए युद्धस्तर पर कार्य हो रहा है।
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बाढ़ से प्रभावित होने वाले गांव
सरयू नदी में उफान आने पर कुछ गांवों पर सबसे पहले खतरा मंडराता है। आराजी देवरा में बंधे के निचले हिस्सों तक बाढ़ का पानी सबसे पहले पहुंचता है। इसके बाद करिया लोनिया का पूरा, प्रसाद कुर्मी का पूरा, हंसू का पूरा, मांझा कम्हरिया, बद्री का पूरा, निषाद बस्ती और दलित बस्ती बाढ़ की चपेट में आते हैं। इन गांवों में आवागमन बाधित होने की समस्या उत्पन्न होती है। पशुओं के चारे, पेयजल और दैनिक जरूरतों की समस्या भी गहराने लगती है।
स्थिति नियंत्रण में
सरयू नदी के हालात की लगातार निगरानी की जा रही है। क्षेत्रीय लेखपालों और राजस्व निरीक्षक लगातार नजर बनाए हुए हैं। स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है। - धर्मेंद्र सिंह, एसडीएम आलापुर
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सरयू नदी का जलस्तर बृहस्पतिवार को 84.09 मीटर से बढ़कर 84.27 मीटर पहुंच गया। नदी अभी खतरे के निशान 85.56 मीटर से 1.29 मीटर नीचे बह रही है। हालांकि, लगातार बढ़ता जलस्तर ग्रामीणों और किसानों की बेचैनी बढ़ा रहा है। ग्रामीण रामभजन, राजेश, रामआसरे, रामप्रसाद और प्रेम प्रकाश ने बताया कि मांझा कम्हरिया व आसपास के गांवों के निचले हिस्सों में पानी भर गया है। यदि यही स्थिति बनी रही तो पानी धीरे-धीरे आबादी की ओर बढ़ने लगेगा। मांझा क्षेत्र में कई स्थानों पर कटान भी तेज हो रहा है। कटान के कारण खेती योग्य जमीनें नदी में समा रही हैं। अब तक कितनी जमीन नदी में समाई है, इसका कोई आकलन नहीं हुआ है।
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बाढ़ कार्य खंड ने कटान रोकने के लिए काम शुरू कर दिया है। कटान प्रभावित स्थलों पर बंबू क्रेट लगाए जा रहे हैं। बाढ़ कार्य खंड अयोध्या की टीम तट को सुरक्षित करने में जुटी है। जूनियर इंजीनियर फागू चौहान ने बताया कि कटान रोकने के लिए युद्धस्तर पर कार्य हो रहा है।
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बाढ़ से प्रभावित होने वाले गांव
सरयू नदी में उफान आने पर कुछ गांवों पर सबसे पहले खतरा मंडराता है। आराजी देवरा में बंधे के निचले हिस्सों तक बाढ़ का पानी सबसे पहले पहुंचता है। इसके बाद करिया लोनिया का पूरा, प्रसाद कुर्मी का पूरा, हंसू का पूरा, मांझा कम्हरिया, बद्री का पूरा, निषाद बस्ती और दलित बस्ती बाढ़ की चपेट में आते हैं। इन गांवों में आवागमन बाधित होने की समस्या उत्पन्न होती है। पशुओं के चारे, पेयजल और दैनिक जरूरतों की समस्या भी गहराने लगती है।
स्थिति नियंत्रण में
सरयू नदी के हालात की लगातार निगरानी की जा रही है। क्षेत्रीय लेखपालों और राजस्व निरीक्षक लगातार नजर बनाए हुए हैं। स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है। - धर्मेंद्र सिंह, एसडीएम आलापुर