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Ambedkar Nagar News: 15 सेमी बढ़ा सरयू का जलस्तर, कटान तेज
Fri, 01 Aug 2025 11:51 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अम्बेडकरनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, अम्बेडकरनगर
Updated Fri, 01 Aug 2025 11:51 PM IST
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मांझा कम्हरिया में कटान करती सरयू नदी।
अंबेडकरनगर। सरयू नदी के जलस्तर में शुक्रवार को 15 सेंटीमीटर की वृद्धि हुई है। तीन दिनों से लगातार जलस्तर में वृद्धि होने से नदी किनारे स्थित खेतों का कटान तेज हो गया है। इसका असर कम्हरिया व मांझा कम्हरिया क्षेत्र में दिखने लगा है। कटान रोके जाने के लिए बाढ़ कार्य खंड अयोध्या की ओर से ट्री स्पर लगाए जाने का कार्य चल रहा है। इसके बावजूद किसानों को कटान से निजात नहीं मिल पा रही है।
शुक्रवार को सरयू नदी का जलस्तर 92.28 मीटर रहा, जो खतरे के निशान से मात्र 45 सेमी नीचे है। आलापुर तहसील क्षेत्र के मांझा कम्हरिया व कम्हरिया क्षेत्र में सरयू नदी का जलस्तर बढ़ा गया है। किसान जहां पूर्व में भी इसका दंश झेल चुके हैं, वहीं एक बार फिर उनके सामने कटान जैसी विकट समस्या खड़ी हो गई है। मांझा कम्हरिया क्षेत्र में हो रहे कटान को लेकर इटौरा ढोलीपुर के किसान तालुकदार सिंह व भावेश सिंह ने कहा कि कटान कब बंद होगी। कटान रोके जाने को लेकर कोई ठोस निर्णय प्रशासन ने नहीं लिया। इसका खामियाजा नदी के किनारे के किसानों को भुगतना पड़ रहा है।
मांझा कम्हरिया क्षेत्र में कटान को लेकर मित्रसेन ने कहा कि नदी के किनारे कटान रोके जाने को लेकर बाढ़ कार्य खंड अयोध्या की तरफ से जो ट्री स्पर लगाए जा रहे हैं वह सिर्फ एक खानापूर्ति है। इससे किसानों का भला होने वाला नहीं है और न ही कटान रुकने वाला है।
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पिछली बार नदी में समाहित हुए थे 200 बीघा खेत
सरयू नदी में जलस्तर बढ़ने के साथ ही किसानों की भी मुश्किलें बढ़ जाती है। पिछली बार आई बाढ़ में स्थानीय किसानों की लगभग दो सौ बीघा खेत नदी में समाहित हो गए थे। इतना ही नहीं नदी के किनारे लगे शीशम, सागौन व अमरूद की बाग भी नदी में चली गई थी। कई किसानों के खेतों में लगे ट्यूबवेल भी नदी की धारा में बह गए थे। दो से ढाई किलोमीटर लंबी नदी में जैसे पानी बढ़ता है वैसे ही यहां के किसानों की मुश्किल भी बढ़ने लगती हैं। इसमें सबसे अधि कम्हरिया, मांझा व इटौरा ढोलीपुर के किसान प्रभावित हो रहे होते हैं। इस बार भी कई किसानों ने नदी के किनारे धान की फसल लगा रखी है, ऐसे में वह अपनी फसल बचाने के लिए चिंतित हैं। हालांकि अभी किसानों का नुकसान नहीं हो रहा है, लेकिन नदी ने थोड़ा भी अब आगे बढ़ी तो किसानों को अधिक नुकसान उठाना पड़ेगा।
कटान रोके जाने के हो रहे प्रयास
नदी का जलस्तर 15 सेंटीमीटर बढ़ा है, जो अभी भी खतरे के निशान से 45 सेंटीमीटर नीचे है। कुछ स्थानों पर कटान की सूचना मिली है, लेकिन कटान रोके जाने को लेकर ट्री स्पर लगाए जाने का कार्य लगातार जारी है। -विकासचंद्र श्रीवास्तव, जेई बाढ़ कार्य खंड अयोध्या
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शुक्रवार को सरयू नदी का जलस्तर 92.28 मीटर रहा, जो खतरे के निशान से मात्र 45 सेमी नीचे है। आलापुर तहसील क्षेत्र के मांझा कम्हरिया व कम्हरिया क्षेत्र में सरयू नदी का जलस्तर बढ़ा गया है। किसान जहां पूर्व में भी इसका दंश झेल चुके हैं, वहीं एक बार फिर उनके सामने कटान जैसी विकट समस्या खड़ी हो गई है। मांझा कम्हरिया क्षेत्र में हो रहे कटान को लेकर इटौरा ढोलीपुर के किसान तालुकदार सिंह व भावेश सिंह ने कहा कि कटान कब बंद होगी। कटान रोके जाने को लेकर कोई ठोस निर्णय प्रशासन ने नहीं लिया। इसका खामियाजा नदी के किनारे के किसानों को भुगतना पड़ रहा है।
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मांझा कम्हरिया क्षेत्र में कटान को लेकर मित्रसेन ने कहा कि नदी के किनारे कटान रोके जाने को लेकर बाढ़ कार्य खंड अयोध्या की तरफ से जो ट्री स्पर लगाए जा रहे हैं वह सिर्फ एक खानापूर्ति है। इससे किसानों का भला होने वाला नहीं है और न ही कटान रुकने वाला है।
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पिछली बार नदी में समाहित हुए थे 200 बीघा खेत
सरयू नदी में जलस्तर बढ़ने के साथ ही किसानों की भी मुश्किलें बढ़ जाती है। पिछली बार आई बाढ़ में स्थानीय किसानों की लगभग दो सौ बीघा खेत नदी में समाहित हो गए थे। इतना ही नहीं नदी के किनारे लगे शीशम, सागौन व अमरूद की बाग भी नदी में चली गई थी। कई किसानों के खेतों में लगे ट्यूबवेल भी नदी की धारा में बह गए थे। दो से ढाई किलोमीटर लंबी नदी में जैसे पानी बढ़ता है वैसे ही यहां के किसानों की मुश्किल भी बढ़ने लगती हैं। इसमें सबसे अधि कम्हरिया, मांझा व इटौरा ढोलीपुर के किसान प्रभावित हो रहे होते हैं। इस बार भी कई किसानों ने नदी के किनारे धान की फसल लगा रखी है, ऐसे में वह अपनी फसल बचाने के लिए चिंतित हैं। हालांकि अभी किसानों का नुकसान नहीं हो रहा है, लेकिन नदी ने थोड़ा भी अब आगे बढ़ी तो किसानों को अधिक नुकसान उठाना पड़ेगा।
कटान रोके जाने के हो रहे प्रयास
नदी का जलस्तर 15 सेंटीमीटर बढ़ा है, जो अभी भी खतरे के निशान से 45 सेंटीमीटर नीचे है। कुछ स्थानों पर कटान की सूचना मिली है, लेकिन कटान रोके जाने को लेकर ट्री स्पर लगाए जाने का कार्य लगातार जारी है। -विकासचंद्र श्रीवास्तव, जेई बाढ़ कार्य खंड अयोध्या