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Ambedkar Nagar News: फिर चेतावनी बिंदु से ऊपर पहुंचा सरयू का जलस्तर
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राजेसुल्तानपुर। सरयू नदी का जलस्तर एक बार फिर से चेतावनी बिंदु के ऊपर पहुंच गया। रविवार को जलस्तर 84.58 मीटर पर पहुंच गया जो चेतावनी बिंदु 85.56 मीटर से दो सेमी ऊपर है। इस बीच जलस्तर बढ़ने से एक बार फिर से माझा कम्हरिया व अराजी देवारा के ग्रामीणों की चिंता बढ़ गई है।
बीते चार दिनों से जलस्तर में हो रही कमीं के बीच माझा कम्हरिया व अराजी देवारा ग्राम पंचायत के दो दर्जन से अधिक मजरों की लगभग 25 हजार की आबादी ने राहत की सांस ली थी। उन्हें लगा कि अब जलस्तर में वृद्धि नहीं होगी। हालांकि शनिवार देर रात से एक बार फिर से जलस्तर में तेजी से बढ़ोत्तरी होने लगी। रविवार सुबह आठ बजे जलस्तर 84.58 मीटर पर पहुंच गया जो कि चेतावनी बिंदु 84.56 से दो सेमी अधिक है। जलस्तर में हो रही वृद्धि ने विशेषकर हंसू का पूरा, प्रसाद कुर्मी का पूरा, करिया लोनिया का पूरा, निषाद बस्ती व कम्हरिया के ग्रामीणों की चिंता बढ़ फिर से बढ़ गई है। दरअसल यह सभी मजरे नदी के अत्यंत निकट हैं। ऐसे में जलस्तर बढ़ने से सबसे पहले यह सभी मजरे प्रभावित होंगे।
माझा क्षेत्र के राघवेंद्र, परमात्मा, संगम, लालचंद व अरविंद ने कहा कि जलस्तर के लगातार होने वाले उतार चढ़ाव के चलते लगातार मुश्किलें खड़ी हो रही हैं। जलस्तर बढ़ने से बाढ़ का पानी मजरे में पहुंचने की आशंका रहती है तो जलस्तर में कमीं होने पर कटान की संभावना बढ़ जाती है। इस बीच जलस्तर में हो रही वृद्धि को देखते हुए माझा क्षेत्र में स्थापित बाढ़ चौकियों को एक बार फिर से सक्रिय कर दिया गया है। इसके साथ ही दर्शननगर व कम्हरिया में स्थापित स्वास्थ्य शिविर को भी सक्रिय कर दिया गया है। चिकित्सकों की टीम द्वारा लगातार ग्रामीणों के स्वास्थ्य की जांच की जा रही है।
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बीते चार दिनों से जलस्तर में हो रही कमीं के बीच माझा कम्हरिया व अराजी देवारा ग्राम पंचायत के दो दर्जन से अधिक मजरों की लगभग 25 हजार की आबादी ने राहत की सांस ली थी। उन्हें लगा कि अब जलस्तर में वृद्धि नहीं होगी। हालांकि शनिवार देर रात से एक बार फिर से जलस्तर में तेजी से बढ़ोत्तरी होने लगी। रविवार सुबह आठ बजे जलस्तर 84.58 मीटर पर पहुंच गया जो कि चेतावनी बिंदु 84.56 से दो सेमी अधिक है। जलस्तर में हो रही वृद्धि ने विशेषकर हंसू का पूरा, प्रसाद कुर्मी का पूरा, करिया लोनिया का पूरा, निषाद बस्ती व कम्हरिया के ग्रामीणों की चिंता बढ़ फिर से बढ़ गई है। दरअसल यह सभी मजरे नदी के अत्यंत निकट हैं। ऐसे में जलस्तर बढ़ने से सबसे पहले यह सभी मजरे प्रभावित होंगे।
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माझा क्षेत्र के राघवेंद्र, परमात्मा, संगम, लालचंद व अरविंद ने कहा कि जलस्तर के लगातार होने वाले उतार चढ़ाव के चलते लगातार मुश्किलें खड़ी हो रही हैं। जलस्तर बढ़ने से बाढ़ का पानी मजरे में पहुंचने की आशंका रहती है तो जलस्तर में कमीं होने पर कटान की संभावना बढ़ जाती है। इस बीच जलस्तर में हो रही वृद्धि को देखते हुए माझा क्षेत्र में स्थापित बाढ़ चौकियों को एक बार फिर से सक्रिय कर दिया गया है। इसके साथ ही दर्शननगर व कम्हरिया में स्थापित स्वास्थ्य शिविर को भी सक्रिय कर दिया गया है। चिकित्सकों की टीम द्वारा लगातार ग्रामीणों के स्वास्थ्य की जांच की जा रही है।
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