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मुबारकपुर में बना ठोकर सरयू में बहा
अंबेडकरनगर/अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 23 Aug 2017 11:32 PM IST
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नदी
- फोटो : symbolic
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सरयू नदी के जलस्तर में कमी के साथ ही कटान का सिलसिला शुरू हो गया है। मुबारकपुर में बाढ़ खंड द्वारा बनाया गया ठोकर नंबर-22 का एक हिस्सा कटान की जद में आकर बह गया। टांडा व आलापुर तहसील मिलाकर कुल 10 गांव ऐसे हैं जो कटान की जद में हैं।
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इस बीच प्रशासन ने बुधवार को एक बार फिर से दोनों तहसील क्षेत्र के प्रभावित परिवारों के बीच आवश्यक खाद्य सामग्री का वितरण किया। सरयू के जलस्तर में तेजी से आ रही कमी ने अब कटान का खतरा बढ़ा दिया है। नदी का जलस्तर खतरे के निशान से 99 सेंटीमीटर ऊपर पहुंचने के बाद अब खतरे से महज 47 सेंटीमीटर ऊपर है।
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जलस्तर में कमी के चलते कटान का दबाव लगातार बढ़ रहा है। इस बीच मंगलवार देर शाम मुबारकपुर में बाढ़ कार्य खंड द्वारा बनाया गया ठोकर नंबर-22 का एक हिस्सा बह गया। स्थानीय लोगों ने बोरियों में ईंट भरकर कटान रोकने का प्रयास किया। कटान की सूचना अधिकारियों को दी गई।
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जानकारी मिलते ही अवर अभियंता प्रदीप कर्मचारियों के साथ मौके पर पहुंचे और वहां मरम्मत कार्य कराया। कहा कि कटान को लेकर कोई परेशानी नहीं है। उधर नदी के जलस्तर में कमी के बावजूद माझा क्षेत्र के छह गांव में कटान का खतरा बरकरार है।
नदी का पानी कम होने के बाद भी माझा उलटहवा, माझा करमपुर, माझा छज्जापुर, आसोपुर व माझा अवसानपुर आदि जगहों पर ग्रामीणों की मुश्किलें बरकरार हैं। एसडीएम नरेंद्र सिंह के नेतृत्व में बुधवार को एक बार फिर से टीम ने बाढ़ से प्रभावित 550 परिवारों को आवश्यक खाद्य सामग्री प्रदान की।
बीते दिनों ही इन परिवारों को जरूरी खाद्य सामग्री सौंपी गई थी। राजेसुल्तानपुर प्रतिनिधि के अनुसार जलस्तर में कमी होने के बाद भी गांवों में पानी बरकरार है। पटपरवा, कल्लू का पूरा, अराजी देवारा व हंसू का पूरा गांव में कटान का खतरा बना हुआ है तो वहीं लगभग आधा दर्जन से अधिक गांवों में अभी भी पशुओं के चारे का संकट बना है।
तहसील प्रशासन ने इस बीच बुधवार को एक बार फिर से आवश्यक खाद्य सामग्री का वितरण प्रभावित परिवारों के बीच किया। एडीएम गिरिजेश त्यागी ने बताया कि बाढ़ प्रभावित ग्रामीणों को सभी जरूरी मदद लगातार पहुंचाई जा रही है। और भी जो आवश्यक इंतजाम महसूस किए जाएंगे, उसे पूरा कराया जाएगा।