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Ambedkar Nagar News: खतरे के निशान के पास पहुंची सरयू, सहमे ग्रामीण

Thu, 03 Jul 2025 10:57 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Thu, 03 Jul 2025 10:57 PM IST
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Saryu reached near the danger mark, villagers were scared
सरयू नदी का जलस्तर बढ़ने से मांझा कम्हरिया में भी कटान शुरू।संवाद
राजेसुल्तानपुर (अंबेडकरनगर)। पिछले दो दिनों से लगातार बढ़ते सरयू नदी के जलस्तर ने कम्हरिया व मांझा कम्हरिया क्षेत्र के किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया है। नदी के किनारे खेतों में तेज कटान शुरू हो गया है, जिससे किसानों की फसलें नदी में समाने लगी हैं। पिछले 24 घंटे के दौरान नदी के जलस्तर में एक मीटर से अधिक इजाफा हुआ है। अब नदी खतरे के निशान से सिर्फ पौने दो मीटर ही नीचे बह रही है।
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आलापुर तहसील के कम्हरिया व मांझा कम्हरिया में सरयू नदी का जलस्तर बढ़ने से नदी के किनारे स्थित खेत कट कर नदी में समाने लगे हैं। कम्हरिया में अरविंद सिंह व सुरेश सिंह के खेतों के साथ-साथ इटौरा ढोलीपुर के किसान परमात्मा सिंह, तालुकदार सिंह, राघवेंद्र सिंह के खेत कटान की भेंट चढ़ रहे हैं। वहीं मांझा कम्हरिया के मजरे पटपरवा निवासी किसान श्रीकांत, राम बिहारी, दयाराम, रामबचन वर्मा, निकबल के खेत में भी नदी में समाने लगे हैं। नदी की तेज लहरें जमीन के बड़े-बड़े हिस्सों को काटकर साथ ले जा रही हैं।
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हालात यही रहे तो नदी के छोर से करीब 150 मीटर दूर स्थित बद्री का पूरा मजरा मांझा कम्हरिया पर भी कटान का खतरा मंडरा सकता है। इस गांव में करीब 80 घर बने हुए हैं। यहां लोगों के चेहरों पर चिंता की लकीरें नजर आ रही हैं। बुधवार को नदी का जलस्तर 82.75 मीटर था, जबकि बृहस्पतिवार को यह बढ़कर 83.80 मीटर हो गया है। खतरे का निशान 85.56 मीटर है, जिससे नदी अब सिर्फ 1.75 मीटर ही दूर है।
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बैंबू स्टड कार्य शुरू कराने की तैयारी
सरयू नदी के किनारे कम्हरिया गांव के पूरब कटान रोकने के लिए बैंबू स्टड का निर्माण कराने वाला ठेकेदार काम छोड़कर चला गया था। बाढ़ खंड के जेई विकास श्रीवास्तव ने बताया कि विभाग की ओर से दूसरे ठेकेदार को बुला लिया गया है। साथ ही किनारे पर बांस पहुंचा दिए हैं। शनिवार से काम एक बार फिर काम शुरू हो जाएगा। वहीं, किसान सतिराम व रामचंद्र ने कहा कि प्रशासनिक अधिकारियों की लापरवाही के कारण नदी का जलस्तर बढ़ने से पहले काम पूरा नहीं हो पाता और इसका खामियाजा ग्रामीणों को भुगतना पड़ता है। तेज धारा में बैंबू स्टड हों या परक्यूपाइन बंधा दोनों बह जाते हैं।

राहत सामग्री के लिए टेंडर प्रक्रिया तेज
अंबेडकरनगर। आलापुर और टांडा तहसील क्षेत्रों के कुल 23 गांवाें के बाढ़ से प्रभावित होने की आशंका है। इसे देखते हुए जिला प्रशासन की ओर से 13 बाढ़ चौकियां स्थापित कराई जाएंगी। राहत चौकियों पर टेंट, राशन समेत अन्य सामग्री के लिए टेंडर प्रक्रिया पूरी की जा रही है। माना जा रहा है कि जल्द ही आपूर्तिकर्ताओं का चयन पूरा कर लिया जाएगा।
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