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Ambedkar Nagar News: स्मार्ट क्लास में पढ़ेंगे संस्कृत के विद्यार्थी
Sat, 22 Feb 2025 12:28 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अम्बेडकरनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, अम्बेडकरनगर
Updated Sat, 22 Feb 2025 12:28 AM IST
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विद्युतनगर (अंबेडकरनगर)। टांडा के हनुमानगढ़ी में संचालित सनातन धर्म संस्कृत विद्यालय के दिन बहुरने वाले हैं। प्रोजेक्ट अलंकार के तहत 23 लाख 62 हजार रुपये बजट से इसका निर्माण शुरू हो गया है।
वर्ष 1977 में महान संत बाबा गुरु दयाल दास ने इस विद्यालय की नींव रखी। कक्षा छह से 12 तक यहां शिक्षा दी जाने लगी। संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय से 1980 में इसे मान्यता मिली। वर्ष 2000 में उत्तर प्रदेश माध्यमिक संस्कृत शिक्षा परिषद से मान्यता मिली। विद्यालय का भवन बन जाने पर नए शिक्षा सत्र में संस्कृत के प्रति बच्चों का रुझान बढ़ेगा। दरअसल यह विद्यालय पिछले 11 वर्षों में जीर्णशीर्ण अवस्था में है। निर्माण पूरा होने के बाद संस्कृत विद्यालय में पठन-पाठन में बेहतर माहौल देने के लिए स्मार्ट क्लास की व्यवस्था, विद्यालयों में बेहतर पेयजल, बहुउद्देश्यीय हाॅल व कक्ष, अच्छे शौचालय, खेल मैदान, चहारदीवारी आदि तैयार किए जाने हैं।
जिला विद्यालय निरीक्षक गिरीश कुमार सिंह ने बताया कि टांडा में स्थित सनातन धर्म संस्कृत विद्यालय का चयन प्रोजेक्ट अलंकार योजना के तहत कायाकल्प के लिए हुआ है। इसी योजना के धन से स्कूल का निर्माण चल रहा है। गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। कोई गड़बड़ी मिलती है तो सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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वर्ष 1977 में महान संत बाबा गुरु दयाल दास ने इस विद्यालय की नींव रखी। कक्षा छह से 12 तक यहां शिक्षा दी जाने लगी। संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय से 1980 में इसे मान्यता मिली। वर्ष 2000 में उत्तर प्रदेश माध्यमिक संस्कृत शिक्षा परिषद से मान्यता मिली। विद्यालय का भवन बन जाने पर नए शिक्षा सत्र में संस्कृत के प्रति बच्चों का रुझान बढ़ेगा। दरअसल यह विद्यालय पिछले 11 वर्षों में जीर्णशीर्ण अवस्था में है। निर्माण पूरा होने के बाद संस्कृत विद्यालय में पठन-पाठन में बेहतर माहौल देने के लिए स्मार्ट क्लास की व्यवस्था, विद्यालयों में बेहतर पेयजल, बहुउद्देश्यीय हाॅल व कक्ष, अच्छे शौचालय, खेल मैदान, चहारदीवारी आदि तैयार किए जाने हैं।
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जिला विद्यालय निरीक्षक गिरीश कुमार सिंह ने बताया कि टांडा में स्थित सनातन धर्म संस्कृत विद्यालय का चयन प्रोजेक्ट अलंकार योजना के तहत कायाकल्प के लिए हुआ है। इसी योजना के धन से स्कूल का निर्माण चल रहा है। गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। कोई गड़बड़ी मिलती है तो सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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