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साधू वर्मा ने थामा भाजपा का दामन
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अंबेडकरनगर। जिला पंचायत अध्यक्ष चुनाव की घोषणा होते ही बसपा से बगावत कर जीते निर्दलीय जिला पंचायत सदस्य साधू वर्मा भाजपा में शामिल हो गए। बसपा से निष्कासित पूर्व मंत्री लालजी वर्मा के अत्यंत करीबी साधू को क्षेत्रीय अध्यक्ष ने सदस्यता दिलाई, जबकि प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह ने भी उनका पार्टी में स्वागत किया। साथ गए जिले के पार्टी नेताओं ने कहा कि साधू को जिला पंचायत अध्यक्ष चुनाव के लिए हरी झंडी मिल गई है। जल्द ही पार्टी इसकी घोषणा करेगी।
जिला पंचायत अध्यक्ष चुनाव की प्रदेश में घोषणा होते ही सरगर्मी और तेज हो गई है। सर्वाधिक सक्रियता सत्तारूढ़ बीजेपी में दिखाई पड़ रही है, हालांकि सपाई खेमा अंदर ही अंदर किलेबंदी करने में पूरी ताकत से जुटा है। इस बीच पिछले कुछ दिनों से बीजेपी नेताओं के साथ दिख रहे निर्दलीय जिला पंचायत सदस्य साधू वर्मा अब बाकायदा पार्टी में शामिल हो गए हैं। जिला पंचायत सदस्य चुनाव में टिकट न मिलने के बाद उन्होंने बसपा से बगावत कर निर्दल चुनाव लड़ा और लगभग 10 हजार मतों के अंतर से जीत दर्ज की।
इसके बाद से ही बीजेपी के कई नेता उन्हें जिला पंचायत अध्यक्ष का टिकट दिलाने की मुहिम में जुट गए। इसमें जिला उपाध्यक्ष विमलेंद्र प्रताप सिंह मोनू और राष्ट्रीय परिषद के पूर्व सदस्य रमाशंकर सिंह मुख्य रूप से शामिल रहे। यह दोनों नेता खुलकर साधू के लिए न सिर्फ पैरवी करते रहे वरन उन्हें लेकर तमाम वरिष्ठ नेताओं से भी मिलते रहे। इसमें प्रांतीय नेता यमुना प्रसाद चतुर्वेदी और पूर्व विधायक त्रिवेणी राम ने भी अहम भूमिका निभाई। हालांकि एक खेमा पार्टी के समर्थन से जिला पंचायत सदस्य बने अमरेंद्र पाल के लिए पूरी ताकत लगाए हुए था।
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इस बीच राष्ट्रीय परिषद के पूर्व सदस्य रमाशंकर सिंह, जिला उपाध्यक्ष विमलेंद्र प्रताप सिंह उर्फ मोनू और पूर्व जिला मंत्री आदर्श चौधरी सोमवार देर शाम साधू को लेकर क्षेत्रीय अध्यक्ष शेष नारायण मिश्र से उनके लखनऊ स्थित कार्यालय पर मिले। वहां जिलाध्यक्ष डॉ. मिथिलेश त्रिपाठी की मौजूदगी में क्षेत्रीय अध्यक्ष ने साधू वर्मा को सदस्यता दिलाई।
इसके बाद सभी पार्टी नेताओं ने प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह से मुलाकात की। प्रदेश अध्यक्ष ने भी साधू के पार्टी में आने का स्वागत किया। साधू के बीजेपी में शामिल होने के बाद से जिला पंचायत अध्यक्ष की जंग तेज हो गई है। प्रदेश अध्यक्ष और क्षेत्रीय अध्यक्ष से मिलकर लौटे नेताओं ने यूं तो खुलकर कुछ नहीं कहा, लेकिन उनसे मिले संकेतों के अनुसार पार्टी ने साधू को जिला पंचायत अध्यक्ष का टिकट देने का निर्णय कर लिया है।
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जिला पंचायत अध्यक्ष चुनाव की प्रदेश में घोषणा होते ही सरगर्मी और तेज हो गई है। सर्वाधिक सक्रियता सत्तारूढ़ बीजेपी में दिखाई पड़ रही है, हालांकि सपाई खेमा अंदर ही अंदर किलेबंदी करने में पूरी ताकत से जुटा है। इस बीच पिछले कुछ दिनों से बीजेपी नेताओं के साथ दिख रहे निर्दलीय जिला पंचायत सदस्य साधू वर्मा अब बाकायदा पार्टी में शामिल हो गए हैं। जिला पंचायत सदस्य चुनाव में टिकट न मिलने के बाद उन्होंने बसपा से बगावत कर निर्दल चुनाव लड़ा और लगभग 10 हजार मतों के अंतर से जीत दर्ज की।
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इसके बाद से ही बीजेपी के कई नेता उन्हें जिला पंचायत अध्यक्ष का टिकट दिलाने की मुहिम में जुट गए। इसमें जिला उपाध्यक्ष विमलेंद्र प्रताप सिंह मोनू और राष्ट्रीय परिषद के पूर्व सदस्य रमाशंकर सिंह मुख्य रूप से शामिल रहे। यह दोनों नेता खुलकर साधू के लिए न सिर्फ पैरवी करते रहे वरन उन्हें लेकर तमाम वरिष्ठ नेताओं से भी मिलते रहे। इसमें प्रांतीय नेता यमुना प्रसाद चतुर्वेदी और पूर्व विधायक त्रिवेणी राम ने भी अहम भूमिका निभाई। हालांकि एक खेमा पार्टी के समर्थन से जिला पंचायत सदस्य बने अमरेंद्र पाल के लिए पूरी ताकत लगाए हुए था।
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इस बीच राष्ट्रीय परिषद के पूर्व सदस्य रमाशंकर सिंह, जिला उपाध्यक्ष विमलेंद्र प्रताप सिंह उर्फ मोनू और पूर्व जिला मंत्री आदर्श चौधरी सोमवार देर शाम साधू को लेकर क्षेत्रीय अध्यक्ष शेष नारायण मिश्र से उनके लखनऊ स्थित कार्यालय पर मिले। वहां जिलाध्यक्ष डॉ. मिथिलेश त्रिपाठी की मौजूदगी में क्षेत्रीय अध्यक्ष ने साधू वर्मा को सदस्यता दिलाई।
इसके बाद सभी पार्टी नेताओं ने प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह से मुलाकात की। प्रदेश अध्यक्ष ने भी साधू के पार्टी में आने का स्वागत किया। साधू के बीजेपी में शामिल होने के बाद से जिला पंचायत अध्यक्ष की जंग तेज हो गई है। प्रदेश अध्यक्ष और क्षेत्रीय अध्यक्ष से मिलकर लौटे नेताओं ने यूं तो खुलकर कुछ नहीं कहा, लेकिन उनसे मिले संकेतों के अनुसार पार्टी ने साधू को जिला पंचायत अध्यक्ष का टिकट देने का निर्णय कर लिया है।