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Ambedkar Nagar News: बालक की तबियत बिगड़ने पर दवा कंपनी से जवाब तलब
Mon, 09 Oct 2023 10:21 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अम्बेडकरनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, अम्बेडकरनगर
Updated Mon, 09 Oct 2023 10:21 PM IST
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सीएमओ ने गठित की तीन सदस्यीय जांच टीम
अमर उजाला फालोओप
संवाद न्यूज एजेंसी
अंबेडकरनगर। जिला अस्पताल में बुखार से पीड़ित बालक को एक्सपायर्ड दवा दिए जाने के मामले की जांच सीएमओ कार्यालय द्वारा गठित टीम करेगी। सोमवार को सीएमओ डॉ. राजकुमार ने मामले को संज्ञान में लेते हुए पीड़ित परिवार से जानकारी हासिल की। आश्वस्त किया कि जांच में यदि गड़बड़ी मिली तो कार्रवाई की जाएगी।
बुखार से पीडि़त सात वर्षीय बालक आरव सिंह की तबियत जिला अस्पताल में भर्ती होने के दौरान गत दिवस बिगड़ गई थी। उसके शरीर पर चकत्ते पड़ गए थे। परिजनों ने एक्सपायरी दवा दिए जाने का आरोप लगाया। जिस बोतल के जरिए दवा दी गई थी उस पर एक्सपायरी वर्ष 2022 अंकित था जबकि उस पर अलग से जो स्लिप लगाई गई उस पर 2024 एक्सपायरी वर्ष लिखा गया था।
इस पूरे मामले को सिर्फ अमर उजाला ने सोमवार को प्रमुखता से प्रकाशित किया। खबर प्रकाशन के बाद स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया। सीएमओ डॉ. राजकुमार ने इसे तत्काल संज्ञान में लिया। वह पहले जिला अस्पताल पहुंचे लेकिन वहां बालक के न होने पर उन्होंने पीड़ित परिवार को सीएमओ कार्यालय बुलाया। उनसे जरूरी जानकारी हासिल की।
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बाद में सीएमओ ने कहा कि जिस कंपनी से दवा आई थी उसे इस संबंध में पत्र भेजा गया है। उससे पूरे प्रकरण में जवाब तलब किया गया है। इसके साथ ही शीघ्र ही तीन सदस्यीय टीम का गठन कर पूरे मामले की जांच कराई जाएगी। इसमें यदि मामला सही पाया गया तो जिम्मेदारों पर कार्रवाई भी सुनिश्चित की जाएगी।
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अमर उजाला फालोओप
संवाद न्यूज एजेंसी
अंबेडकरनगर। जिला अस्पताल में बुखार से पीड़ित बालक को एक्सपायर्ड दवा दिए जाने के मामले की जांच सीएमओ कार्यालय द्वारा गठित टीम करेगी। सोमवार को सीएमओ डॉ. राजकुमार ने मामले को संज्ञान में लेते हुए पीड़ित परिवार से जानकारी हासिल की। आश्वस्त किया कि जांच में यदि गड़बड़ी मिली तो कार्रवाई की जाएगी।
बुखार से पीडि़त सात वर्षीय बालक आरव सिंह की तबियत जिला अस्पताल में भर्ती होने के दौरान गत दिवस बिगड़ गई थी। उसके शरीर पर चकत्ते पड़ गए थे। परिजनों ने एक्सपायरी दवा दिए जाने का आरोप लगाया। जिस बोतल के जरिए दवा दी गई थी उस पर एक्सपायरी वर्ष 2022 अंकित था जबकि उस पर अलग से जो स्लिप लगाई गई उस पर 2024 एक्सपायरी वर्ष लिखा गया था।
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इस पूरे मामले को सिर्फ अमर उजाला ने सोमवार को प्रमुखता से प्रकाशित किया। खबर प्रकाशन के बाद स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया। सीएमओ डॉ. राजकुमार ने इसे तत्काल संज्ञान में लिया। वह पहले जिला अस्पताल पहुंचे लेकिन वहां बालक के न होने पर उन्होंने पीड़ित परिवार को सीएमओ कार्यालय बुलाया। उनसे जरूरी जानकारी हासिल की।
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बाद में सीएमओ ने कहा कि जिस कंपनी से दवा आई थी उसे इस संबंध में पत्र भेजा गया है। उससे पूरे प्रकरण में जवाब तलब किया गया है। इसके साथ ही शीघ्र ही तीन सदस्यीय टीम का गठन कर पूरे मामले की जांच कराई जाएगी। इसमें यदि मामला सही पाया गया तो जिम्मेदारों पर कार्रवाई भी सुनिश्चित की जाएगी।