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चार करोड़ मिले पर योजना अपूर्ण
अमर उजाला ब्यूरो/ अंबेडकरनगर
Updated Mon, 03 Aug 2015 10:57 PM IST
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मालूम हो कि एक लाख से अधिक की आबादी वाले टांडा नगर पालिका क्षेत्र के जुड़वा कस्बे मुबारकपुर के लोगों को जेयजल के लिए भटकना पड़ रहा है। टांडा नगर पालिका क्षेत्र में कुल 25 वार्ड है।
इन 25 वार्डों में तीन वार्ड टांडा नगर से लगभग एक किलोमीटर दूर बसे हुए हैं। इसे मुबारकपुर कस्बे के नाम से जाना जाता है। इन तीन वार्डों के नागरिकों का दुर्भाग्य है कि ए क्लास की नगर पालिका क्षेत्र में होते हुए भी अभी तक यहा पेयजल के लिए पाइप लाइन नहीं बिछाई जा सकी।
नगर के पिण्टू जायसवाल, शादाब अहमद, संजय मोदनवाल आदि का कहना है कि पालिका यहां के लोगों से हाउसटैक्स, दुकान लाइसेंस शुल्क आदि वसूलती है। इसके बाद भी पेयजल की सुविधा नहीं दे पा रही है। मुबारकपुर के नागरिकों की समस्या को देखते हुए शासन ने यहां चार करोड़ की लागत से एक ओवरहेड टैंक, दो ट्यूबेल, पाइपलाइन के लिए स्वीकृति प्रदान कर जल निगम को कार्यदायी संस्था नामित कर दिया।
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कई वर्ष बीत जाने के बाद भी प्रशासन भूमि उपलब्ध नहीं करवा सका है। भूमि न मिलने से योजना अमल में नहीं लाई जा सकी। नतीजतन परियोजना की लागत भी बढ़ती जा रही है। उधर जल निगम के अधिशाषी अभियंता अनिल चन्द्रा ने बताया कि एसडीएम टांडा को जमीन उपलब्ध कराने के लिए पत्र भेजा गया है।
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इन 25 वार्डों में तीन वार्ड टांडा नगर से लगभग एक किलोमीटर दूर बसे हुए हैं। इसे मुबारकपुर कस्बे के नाम से जाना जाता है। इन तीन वार्डों के नागरिकों का दुर्भाग्य है कि ए क्लास की नगर पालिका क्षेत्र में होते हुए भी अभी तक यहा पेयजल के लिए पाइप लाइन नहीं बिछाई जा सकी।
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नगर के पिण्टू जायसवाल, शादाब अहमद, संजय मोदनवाल आदि का कहना है कि पालिका यहां के लोगों से हाउसटैक्स, दुकान लाइसेंस शुल्क आदि वसूलती है। इसके बाद भी पेयजल की सुविधा नहीं दे पा रही है। मुबारकपुर के नागरिकों की समस्या को देखते हुए शासन ने यहां चार करोड़ की लागत से एक ओवरहेड टैंक, दो ट्यूबेल, पाइपलाइन के लिए स्वीकृति प्रदान कर जल निगम को कार्यदायी संस्था नामित कर दिया।
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कई वर्ष बीत जाने के बाद भी प्रशासन भूमि उपलब्ध नहीं करवा सका है। भूमि न मिलने से योजना अमल में नहीं लाई जा सकी। नतीजतन परियोजना की लागत भी बढ़ती जा रही है। उधर जल निगम के अधिशाषी अभियंता अनिल चन्द्रा ने बताया कि एसडीएम टांडा को जमीन उपलब्ध कराने के लिए पत्र भेजा गया है।