फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Ambedkar Nagar News ›   Reaction on Budget

आयकर में छूट से करीब आठ लाख करदाताओं को लाभ

Sun, 02 Feb 2020 12:15 AM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Sun, 02 Feb 2020 12:15 AM IST
विज्ञापन
Reaction on Budget
अंबेडकरनगर। पांच से साढ़े सात लाख रुपये तक की राशि पर लगने वाले टैक्स को 20 प्रतिशत से घटाकर 10 प्रतिशत करने से जिले के करीब 25 हजार करदाताओं को लाभ मिलेगा। करदाताओं ने इसका बढ़-चढ़कर स्वागत किया है। हालांकि पूर्व की तरह ही पांच लाख रुपये की राशि को ही टैक्स फ्री किए जाने पर कहा कि इसे बढ़ाकर कम से कम 6 लाख रुपये किया जाना चाहिए था। बजट में किसानों की आय दोगुना किए जाने, बंजर भूमि को उपजाऊ बनाए जाने, सिंचाई की सुविधा बढ़ाए जाने आदि की घोषणा का अन्नदाताओं ने बढ़-चढ़कर स्वागत किया है। वहीं पशुपालकों ने भी बजट में पशुपालन को बढ़ावा देने का स्वागत किया है। स्वास्थ्य क्षेत्र में टीबी जैसे संक्रामक रोग को 2022 तक समाप्त करने व जनऔषधि केंद्रों की स्थापना किए जाने का भी स्वागत किया गया है। शनिवार को आए बजट को लेकर अलग-अलग क्षेत्र के लोगों से बातचीत की गई तो उन्होंने कुछ इस प्रकार की प्रतिक्रिया दी
विज्ञापन

बजट में करदाताओं को राहत दिए जाने का जिले के 25 हजार से अधिक करदाताओं ने बढ़ चढ़कर स्वागत किया है। उनका कहना है कि इसमें और भी छूट दिए जाने की आवश्यकता थी, लेकिन जो भी कदम उठाया गया है, वह स्वागत योग्य है। गिरिजाशंकर सिंह, हाजी मोहम्मद अरशद व रामआसरे ने कहा कि पांच लाख रुपये की राशि को टैक्स फ्री किया जाना बेहतर कदम है। 5 से साढ़े 7 लाख रुपये तक की राशि में पूर्व में 20 प्रतिशत टैक्स था, लेकिन अब इसे घटाकर 10 प्रतिशत कर दिया गया है। सरकार का यह कदम काफी सराहनीय है। इससे करदाताओं को व्यापक लाभ मिलने की उम्मीद है। राधेश्याम व महेशचंद्र ने कहा कि कम से कम 6 लाख रुपये तक की राशि पर छूट मिलनी चाहिए थी। यदि ऐसा होता, तो छोटे करदाताओं को भी इसका व्यापक लाभ मिलता।
विज्ञापन

कृषि क्षेत्र में बढ़ावा देने के लिए बजट में विशेष व्यवस्था किए जाने का अन्नदाताओं ने बढ़-चढ़कर स्वागत किया है। वरिष्ठ व्यवसायी घनश्याम गुप्ता व नन्हें ने कहा कि 2022 तक किसानों की आमदनी को दोगुना किए जाने का जो लक्ष्य बजट में निर्धारित किया गया है, वह अत्यंत सराहनीय है। इससे किसानों की आर्थिक समस्याएं काफी हद तक दूर होंगी। अक्सर उपज का उचित मूल्य न मिल पाने पर संबंधित किसानों को विभिन्न प्रकार की मुश्किलें उठानी पड़ती हैं। यदि बजट के अनुसार कार्य हुआ, तो इससे किसानों की मुश्किलें दूर हो सकेंगी। किसान जियाराम पटेल व सुरेंद्र पाण्डेय ने कहा कि जैविक खाद पर जोर दिया जाना एक अच्छा कदम है। जैविक खाद का प्रयोग तभी अधिक हो सकेगा, जब जगह जगह इसे बनाने की व्यवस्था की जानी चाहिए।
विज्ञापन
विज्ञापन

किसान प्रकाश राय उर्फ अब्दुल हमीद ने कहा कि बंजर भूमि को उपजाऊ बनाने के लिए जो प्राविधान बजट में रखा गया है, यह आने वाले समय के लिए एक अच्छा संकेत है। इससे कृषि क्षेत्र में वृद्धि होगी, जिसका सीधा लाभ किसानों को मिलेगा। सतरही के गयादीन पाण्डेय ने कहा कि अक्सर सिंचाई की समस्या सामने आती है। इसका उपज पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। बजट में सिंचाई के लिए जो व्यवस्था की गई है, यदि उसे जमीनी हकीकत दी जाती है, तो इससे सिंचाई की समस्या भी काफी हद तक दूर होगी। किसान दिलीप सिंह ने कहा कि भारत कृषि प्रधान देश है। ऐसे में यदि अन्नदाता खुश होगा, तो इससे देश का विकास तेजी से होगा।
शनिवार को आए आम बजट में पुराने मीटर को हटाकर उसके स्थान पर प्रीपेड मीटर लगाए जाने को घोषणा का जिले के विद्युत उपभोक्ताओं ने स्वागत किया है। अकबरपुर के जयप्रकाश वर्मा व विकास ने खुशी का इजहार करते हुए कहा कि प्रीपेड मीटर लगने से विद्युत चोरी पर अंकुश लग सकेगा। साथ ही जरूरत के अनुसार ही बिजली का प्रयोग करेंगे। सामान्य मीटर से न सिर्फ बाइपास के माध्यम से विद्युत चोरी की जाती है, बल्कि जरूरत से ज्यादात बिजली का प्रयोग किया जाता है। करमपुर निवासी गुड्डू सिंह व सिझौलिया निवासी कामता प्रसाद सिंह ने कहा कि प्रीपेड मीटर लगाए जाने का एक अच्छा निर्णय है। उपभोक्ता अपनी इच्छा के अनुसार कंपनी का चुनाव कर सकेंगे।
कुपोषण को दूर करने के लिए लंबे समय से विभिन्न प्रकार का अभियान चलाया जा रहा है। आम बजट में कुपोषण दूर करने के लिए 35 हजार 600 करोड़ तथा महिला कल्याण के लिए 28 हजार 600 करोड़ रुपये को मंजूरी दी गई है। इसका नागरिकों ने बढ़ चढ़कर स्वागत किया है। कटरिया के रामकेवल व नववीर ने कहा कि कुपोषण समाज व देश के विकास में बड़े बाधक हैं। अब जबकि बजट में इसके लिए बड़ी राशि को मंजूरी दी गई है, तो इससे कुपोषणमुक्त भारत करने के लिए चलाए जा रहे अभियान को गति प्रदान होगी। बताते चलें कि जिले में 278 उपकेंद्र ऐसे हैं, जहां से कुपोषण दूर करने के लिए विशेष अभियान चलाया जाता है। इसके अलावा आंगनबाड़ी केंद्रों पर भी कुपोषण दूर करने के लिए पुष्टाहार आदि दिया जाता है। अब जबकि बजट में इसके लिए बड़ी राशि को मंजूरी मिली है, तो इससे इन केंद्रों से चलाए जा रहे अभियान को सफलतापूर्वक आगे बढ़ाया जा सकेगा।
कॉलेज प्रबंधक डा. मीरा वर्मा ने कहा कि किसी भी देश का विकास तभी तेजी से होगा, जब सभी पूरी तरह स्वस्थ होंगे। स्वास्थ्य के लिए 69 हजार करोड़ रुपये का जो बजट है, उससे स्वास्थ्य सेवाओं में बड़े पैमाने पर सुधार होने की संभावना है। टीबी जैसे रोग के लिए विशेष प्राविधान रखना एक बेहतर शुरुआत है। इस संक्रामक रोग को जड़ से समाप्त करने में आमजनता को भी सहयोग करना चाहिए। जमुनीपुर के रामअशीष ने कहा कि जन औषधि केंद्र के माध्यम से मरीजों को सस्ते दर पर दवाएं उपलब्ध होती हैं। जिले में मात्र एक ही जन औषधि केंद्र है, लेकिन उसका समुचित लाभ मरीजों को नहीं मिल पा रहा है। अब जबकि बजट में इसके लिए अलग से प्राविधान रखा गया है, तो इससे जन औषधि केंद्र का व्यापक लाभ लोगों को मिल सकेगा। अकबरपुर के सुनील शर्मा व भगवानपट्टी निवासी भगौती प्रसाद दुबे ने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार की अत्यंत जरूरत है। ऐसे में बजट में स्वास्थ्य के लिए भारी भरकम बजट रखा गया है, उसका समुचित लाभ भी दिलाए जाने की जरूरत है।
राजेसुल्तानपुर के बृजेश यादव ने कहा कि पशुओं में मुंहपका, खुरपका व गला घोटू रोग अधिक होता है। इससे जब रोग फैलता है, तो पशुओं की मौत हो जाती है। इससे पशुपालकों को आर्थिक नुकसान होता है। बजट में पशुओं में फैलने वाली बीमारी को रोकने के लिए अलग से प्राविधान रखा गया है। इससे पशु पालन को बढ़ावा मिलने की संभावना है। इल्तिफातगंज रोड के विक्रांत चतुर्वेदी ने कहा कि दुग्ध उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए सरकार द्वारा उठाया गया कदम काफी सराहनीय है। इस योजना से अब पशुपालक दूधारू पशुओं का पालन अधिक करेंगे। उधर मछली उत्पादन के लक्ष्य का निर्धारण बजट में किया जाना सराहनीय कदम है। इससे मत्स्य पालन को बढ़ावा मिलेगा। दिलीप वर्मा व उमेश ने कहा कि मत्स्य पालन को बढ़ावा देने से तमाम बेरोजगार रोजगार से जुड़ सकेंगे। साथ ही आर्थिक समस्या भी काफी हद तक दूर हो सकेगी।

रेल बजट में जिले के हाथ कुछ भी न लगने से तमाम प्रकार की उम्मीद लगाए लोगों को झटका लगा है। न तो अकबरपुर रेलवे स्टेशन पर अंडर पास के निर्माण की घोषणा हुई और न ही किसी नई ट्रेन की सौगात ही मिली। मानप्रकाश सिंह व नरसिंह वर्मा ने कहा कि उम्मीद थी कि टांडा से मुंबई व दिल्ली तक नई यात्री ट्रेन की सौगात मिलेगी, लेकिन ऐसा कुछ भी नहीं है। रेलवे लाइन दोहरीकरण का कार्य तेज हो, इसके लिए भी किसी प्रकार का प्राविधान बजट में नहीं है। रेहान जैदी व मनोज तिवारी ने कहा कि अकबरपुर रेलवे स्टेशन पर तमाम प्रकार की अव्यवस्थाएं हैं, इन्हें दूर करने को लेकर किसी प्रकार का ठोस कदम बजट में नहीं उठाया गया। जिन ट्रेनों का ठहराव अकबरपुर रेलवे स्टेशन पर नहीं हो रहा, उम्मीद थी कि इनका ठहराव होगा, लेकिन ऐसा कुछ भी नहीं हुआ।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed