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बारिश ने बरपाया कहर, छह मकान जमींदोज
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अंबेडकरनगर में तेज हवा व बारिश के चलते भीटी में ध्वस्त हुआ मकान।
- फोटो : AMBEDKAR NAGAR
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अंबेडकरनगर। बीते 48 घंटे से हो रही झमाझम बारिश जिले में कहर बरपा रही है। तेज हवा के साथ हो रही बरसात के चलते जिले के विभिन्न क्षेत्रों में आधा दर्जन से अधिक कच्चे मकान धराशायी हो गए। यह संयोग ही रहा कि कहीं कोई हताहत नहीं हुआ। जिले के कई प्रमुख मार्गों पर पेड़ गिर गए, जिससे घंटों आवागमन बाधित रहा। तेज बारिश के चलते जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। कई जगहों पर जलभराव होने से लोगों को आवागमन में दिक्कतेें हुईं। साथ ही जिले की विद्युत आपूर्ति भी पूरी तरह से बेपटरी हो गई। उधर, तेज हवा के साथ बारिश के चलते जिले में जगह-जगह खेतों में खड़ी धान व गन्ने की फसल पसर गई है। इससे किसानों की चिंता बढ़ गई है। किसानों का कहना है कि यदि मौसम साफ नहीं हुआ, तो इससे फसल को काफी नुकसान होगा।
बीते मंगलवार शाम से तेज हवा के साथ हो रही तेज बारिश का जो सिलसिला शुरू हुआ, वह गुरुवार को भी जारी रहा। झमाझम बारिश से एक तरफ जहां आम जनजीवन पूरी तरह से अस्त-व्यस्त हो गया, वहीं बरसात ने जिले में जमकर कहर बरपाया। तेज हवा के साथ लगातार हो रही बारिश का नतीजा रहा कि जिले के विभिन्न क्षेत्रों में आधा दर्जन से अधिक कच्चे मकान धराशायी हो गए। यह संयोग ही रहा कि घटना में किसी के भी हताहत होने की खबर नहीं है।
भीटी तहसील अंतर्गत नाई का पूरा गांव निवासी रामकृषण शर्मा का कच्चा घर बुधवार देर रात अचानक धराशायी हो गया। घर गिरने से पड़ोसी का पक्का आवास भी क्षतिग्रस्त हो गया। हालांकि इसमें कोई हताहत नहीं हुआ, लेकिन पीड़ित के अनुसार लगभग 50 हजार रुपये का नुकसान हुआ है। टांडा तहसील अंतर्गत हबीबपुर गांव निवासी रामशंकर गुप्ता का कच्चा मकान गुरुवार दोपहर बारिश के बीच भराभराकर ढह गया। रामशंकर लोकतंत्र सेनानी कल्याण के जिलाध्यक्ष भी हैं। रामशंकर के अनुसार यह संयोग ही था कि जिस समय घर गिरा, वहां कोई नहीं था। इसके अलावा जलालपुर, बसखारी, राजेसुल्तानपुर, जहांगीरगंज, अहिरौली समेत कई अन्य क्षेत्रों में भी कच्चे मकान भी बरसात के चलते जमींदोज हो गए।
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अकबरपुर के रामसजीवन व प्रमोद कुमार ने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि जिस प्रकार से खेतों में धान व गन्ने की फसल गिर गई , उससे उपज पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा। संबंधित किसानों को बड़ी आर्थिक चपत लगेगी। भीटी के रामबख्श सिंह व जलालपुर के घनश्याम ने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि यदि आगे भी इसी प्रकार का मौसम रहा, तो इससे धान व गन्ने की फसल को व्यापक नुकसान होगा। कहा कि सितंबर में इस प्रकार की तेज बारिश उन्होंने अपनी जिंदगी में नहीं देखी।
सड़कों पर गिरे पेड़, घंटों बाधित रहा आवागमन
लगातार हो रही तेज हवा के साथ बारिश के चलते जिले में जगह-जगह सड़कों पर पेड़ गिर गए। इससे घंटों आवागमन अवरुद्ध रहा। बसखारी किछौछा मार्ग पर कोल्ड स्टोरेज के निकट गुरुवार को दोपहर शीशम का पेड़ धराशायी हो गया। इससे बसखारी किछौछा मार्ग बाधित हो गया। लगभग दो घंटे के अथक प्रयास के बाद पेड़ को किनारे किया जा सका। इसके बाद आवागमन सुचारु हो सका। इसी प्रकार से जलालपुर रफीगंज मार्ग, बसखारी टांडा मार्ग, भीटी महरुआ मार्ग, अकबरपुर मालीपुर मार्ग व अकबरपुर अयोध्या मार्ग पर भी आधा दर्जन से अधिक पेड़ गिर गए। इससे घंटों आवागमन प्रभावित हुआ।
जगह-जगह जलभराव होने से आवागमन में दिक्कतें
48 घंटे से लगातार हो रही झमाकर बारिश के चलते जिला मुख्यालय के अलावा जिले के कई अन्य क्षेत्रों में सड़कें जलाशय में तब्दील हो गईं। इससे नागरिकों को आवागमन में मुश्किलें उठानी पड़ी। अकबरपुर अयोध्या मार्ग पर शीतला आश्रम से लेकर बनगांव मोड़ तक, बस स्टेशन क्षेत्र, सब्जी मंडी, कृषि भवन के समक्ष, कलेक्ट्रेट, अकबरपुर विद्युत उपकेंद्र परिसर व पीडब्लूडी परिसर में जलभराव हो गया। इससे संबंधित कार्यालयों में आवागमन करने वालों को दिक्कतें हुईं। इसी प्रकार से केदारनगर बाजार, भीटी बाजार, बसखारी, जहांगीरगंज, आलापुर, जलालपुर में भी जगह जगह सड़कें जलाशय में तब्दील हो गईं।
विद्युत आपूर्ति व्यवस्था बेपटरी
तेज हवा के साथ हो रही झमाझम बारिश से जिले की विद्युत आपूर्ति बेपटरी हो गई। न सिर्फ ग्रामीण क्षेत्र, बल्कि जिला मुख्यालय के उपभोक्ताओं को बदतर विद्युत आपूर्ति का दंश झेलने को मजबूर होना पड़ रहा है। बुधवार लगभग पूरी रात जहां जिले के ज्यादातर क्षेत्रों में उपभोक्ता अंधेरे में रात गुजारने को मजबूर हुए, वहीं गुरुवार को भी लगभग पूरे दिन विद्युत आपूर्ति बाधित रही। सबसे अधिक समस्या गुरुवार सुबह नागरिकों के समक्ष पेयजल को लेकर हुई। उन्हें एक-एक बाल्टी पानी के लिए इधर-उधर भटकना पड़ा। दरअसल तेज बारिश के चलते जिला मुख्यालय के अलावा जलालपुर, भीटी, आलापुर, टांडा, जहांगीरगंज, राजेसुल्तानपुर, कटेहरी, खेमापुर, हजपुरा, दहियावर के अलावा कई अन्य क्षेत्रों में पेड़ों की डाल गिरने से तार व विद्युत खंभे क्षतिग्रस्त हो गए। इससे संबंधित क्षेत्र की विद्युत आपूर्ति पूरी तरह से बाधित हो गई। खराब मौसम के चलते कर्मचारियों को गड़बड़ी दूर करने में भी व्यापक मुश्किलें उठानी पड़ी।
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बीते मंगलवार शाम से तेज हवा के साथ हो रही तेज बारिश का जो सिलसिला शुरू हुआ, वह गुरुवार को भी जारी रहा। झमाझम बारिश से एक तरफ जहां आम जनजीवन पूरी तरह से अस्त-व्यस्त हो गया, वहीं बरसात ने जिले में जमकर कहर बरपाया। तेज हवा के साथ लगातार हो रही बारिश का नतीजा रहा कि जिले के विभिन्न क्षेत्रों में आधा दर्जन से अधिक कच्चे मकान धराशायी हो गए। यह संयोग ही रहा कि घटना में किसी के भी हताहत होने की खबर नहीं है।
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भीटी तहसील अंतर्गत नाई का पूरा गांव निवासी रामकृषण शर्मा का कच्चा घर बुधवार देर रात अचानक धराशायी हो गया। घर गिरने से पड़ोसी का पक्का आवास भी क्षतिग्रस्त हो गया। हालांकि इसमें कोई हताहत नहीं हुआ, लेकिन पीड़ित के अनुसार लगभग 50 हजार रुपये का नुकसान हुआ है। टांडा तहसील अंतर्गत हबीबपुर गांव निवासी रामशंकर गुप्ता का कच्चा मकान गुरुवार दोपहर बारिश के बीच भराभराकर ढह गया। रामशंकर लोकतंत्र सेनानी कल्याण के जिलाध्यक्ष भी हैं। रामशंकर के अनुसार यह संयोग ही था कि जिस समय घर गिरा, वहां कोई नहीं था। इसके अलावा जलालपुर, बसखारी, राजेसुल्तानपुर, जहांगीरगंज, अहिरौली समेत कई अन्य क्षेत्रों में भी कच्चे मकान भी बरसात के चलते जमींदोज हो गए।
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अकबरपुर के रामसजीवन व प्रमोद कुमार ने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि जिस प्रकार से खेतों में धान व गन्ने की फसल गिर गई , उससे उपज पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा। संबंधित किसानों को बड़ी आर्थिक चपत लगेगी। भीटी के रामबख्श सिंह व जलालपुर के घनश्याम ने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि यदि आगे भी इसी प्रकार का मौसम रहा, तो इससे धान व गन्ने की फसल को व्यापक नुकसान होगा। कहा कि सितंबर में इस प्रकार की तेज बारिश उन्होंने अपनी जिंदगी में नहीं देखी।
सड़कों पर गिरे पेड़, घंटों बाधित रहा आवागमन
लगातार हो रही तेज हवा के साथ बारिश के चलते जिले में जगह-जगह सड़कों पर पेड़ गिर गए। इससे घंटों आवागमन अवरुद्ध रहा। बसखारी किछौछा मार्ग पर कोल्ड स्टोरेज के निकट गुरुवार को दोपहर शीशम का पेड़ धराशायी हो गया। इससे बसखारी किछौछा मार्ग बाधित हो गया। लगभग दो घंटे के अथक प्रयास के बाद पेड़ को किनारे किया जा सका। इसके बाद आवागमन सुचारु हो सका। इसी प्रकार से जलालपुर रफीगंज मार्ग, बसखारी टांडा मार्ग, भीटी महरुआ मार्ग, अकबरपुर मालीपुर मार्ग व अकबरपुर अयोध्या मार्ग पर भी आधा दर्जन से अधिक पेड़ गिर गए। इससे घंटों आवागमन प्रभावित हुआ।
जगह-जगह जलभराव होने से आवागमन में दिक्कतें
48 घंटे से लगातार हो रही झमाकर बारिश के चलते जिला मुख्यालय के अलावा जिले के कई अन्य क्षेत्रों में सड़कें जलाशय में तब्दील हो गईं। इससे नागरिकों को आवागमन में मुश्किलें उठानी पड़ी। अकबरपुर अयोध्या मार्ग पर शीतला आश्रम से लेकर बनगांव मोड़ तक, बस स्टेशन क्षेत्र, सब्जी मंडी, कृषि भवन के समक्ष, कलेक्ट्रेट, अकबरपुर विद्युत उपकेंद्र परिसर व पीडब्लूडी परिसर में जलभराव हो गया। इससे संबंधित कार्यालयों में आवागमन करने वालों को दिक्कतें हुईं। इसी प्रकार से केदारनगर बाजार, भीटी बाजार, बसखारी, जहांगीरगंज, आलापुर, जलालपुर में भी जगह जगह सड़कें जलाशय में तब्दील हो गईं।
विद्युत आपूर्ति व्यवस्था बेपटरी
तेज हवा के साथ हो रही झमाझम बारिश से जिले की विद्युत आपूर्ति बेपटरी हो गई। न सिर्फ ग्रामीण क्षेत्र, बल्कि जिला मुख्यालय के उपभोक्ताओं को बदतर विद्युत आपूर्ति का दंश झेलने को मजबूर होना पड़ रहा है। बुधवार लगभग पूरी रात जहां जिले के ज्यादातर क्षेत्रों में उपभोक्ता अंधेरे में रात गुजारने को मजबूर हुए, वहीं गुरुवार को भी लगभग पूरे दिन विद्युत आपूर्ति बाधित रही। सबसे अधिक समस्या गुरुवार सुबह नागरिकों के समक्ष पेयजल को लेकर हुई। उन्हें एक-एक बाल्टी पानी के लिए इधर-उधर भटकना पड़ा। दरअसल तेज बारिश के चलते जिला मुख्यालय के अलावा जलालपुर, भीटी, आलापुर, टांडा, जहांगीरगंज, राजेसुल्तानपुर, कटेहरी, खेमापुर, हजपुरा, दहियावर के अलावा कई अन्य क्षेत्रों में पेड़ों की डाल गिरने से तार व विद्युत खंभे क्षतिग्रस्त हो गए। इससे संबंधित क्षेत्र की विद्युत आपूर्ति पूरी तरह से बाधित हो गई। खराब मौसम के चलते कर्मचारियों को गड़बड़ी दूर करने में भी व्यापक मुश्किलें उठानी पड़ी।