फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Ambedkar Nagar News ›   Rabi crop sowing compost for seed-starved farmers

रबी फसलों की बोआई के लिए खाद बीज के संकट से जूझ रहे किसान

Sat, 12 Nov 2016 12:24 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो/अंबेडकरनगर
अमर उजाला ब्यूरो/अंबेडकरनगर Updated Sat, 12 Nov 2016 12:24 AM IST
विज्ञापन
जिले में रबी फसलों की बोआई का सीजन शुरू हो गया है। किसानों को इसके लिए खाद व बीज की जरूरत है। उन्होंने इसके लिए 500 व 1 हजार तथा 100 की नोटों का इंतजाम भी कर लिया था, लेकिन पुरानी बड़ी नोटों के प्रतिबंध ने उनकी सारी तैयारियों पर पानी फेर दिया है।
विज्ञापन


जमुनीपुर के किसान सुरेश चौधरी कहते हैं कि तीन दिन पहले ही धान आढ़ती के हाथ बेचा था। इसके बदले जो धनराशि मिली, वह सभी 500 व 1 हजार की नोट है। अब गेहूं की बोआई होनी है। बीज व खाद खरीदना है। बड़ी नोट बंद होने से समस्या खड़ी हो रही है। कुछ समझ में नहीं आ रहा कि वह क्या करें।
विज्ञापन


बहादुरपुर के किसान उदयभान शर्मा ने कहा कि बड़ी नोटों पर बैन लगाने से पहले किसानों का भी ध्यान रखना चाहिए था। रबी की फसल की बोआई के लिए बीज व खाद खरीदना है। बड़ी नोट होने के चलते दुकानदार न तो खाद और न ही बीज उधार दे रहा है। अब बोआई की चुनौती सामने खड़ी है।
विज्ञापन
विज्ञापन


इल्तिफातगंज के किसान भरतलाल के मुताबिक खाद व बीज के दुकानदार बड़ी नोट से इंकार कर रहे हैं। खेत गेहूं व मटर की बोआई  के लिए तैयार हैं। यदि समय पर बुआई नहीं की गई, तो इसका प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। कोई उधार भी देने को तैयार नहीं हैं। इससे उनकी चिंता बढ़ गई है।


सूरापुर के किसान राजमणि ने कहा कि सरसों की बुआई हो चुकी है। अब उसकी सिंचाई की जरूरत है। पैसा नहीं है। यदि समय पर सिंचाई नहीं हुई, तो इससे फसल प्रभावित होगी। इसके अलावा मटर व गेहूं की बोआई के लिए खेत तैयार करना है। धान बेचने के बाद जो बड़ी नोट मिली थी, वह दुकानदारों द्वारा लिया नहीं जा रहा। चिंता है कि यदि विलंब हो गया, तो समस्या खड़ी हो जाएगी। 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed