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अवैध गांजा तस्करी में पिता व पुत्री को कठोर कारावास

Tue, 28 Jan 2020 11:48 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Tue, 28 Jan 2020 11:48 PM IST
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punishment by court
अंबेडकरनगर। एनडीपीएस एक्ट के एक मामले में दोषी पिता व पुत्री को अपर जिला सत्र न्यायाधीश एफटीसी द्वितीय ने मंगलवार को कठोर कारावास की सजा सुनाई। पिता को 12 व पुत्री को 10 साल की सजा सुनाते हुए 1-1 लाख रुपए का अर्थदंड भी लगाया। जुर्माने की रकम न अदा की गई तो दोनों को 3-3 माह के अतिरिक्त कठोर कारावास की सजा भुगतनी होगी।
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जलालपुर थाना प्रभारी ने वर्ष 2016 में थाने में एनडीपीएस एक्ट की धाराओं में एक केस दर्ज कराया था। इसमें बताया गया था कि वह टीम के साथ गश्त पर थे। 1 दिसंबर 2016 को उनकी टीम जलालपुर थाना क्षेत्र के कर्बला काशिमपुर बाजार में मौजूद थी। इसी बीच शाम करीब पौने 5 बजे स्वॉट टीम प्रभारी एसआई संजय कुमार सिंह हमारी सिपाहियों के साथ मौके पर पहुंचे। अपराधियों की धर पकड़ को लेकर वार्ता चल रही थी। इसी बीच एक मुखबिर मौके पर पहुंचा और बताया कि थाना क्षेत्र के औराडांड निवासी राजबहादुर यादव के घर अवैध गांजा मौजूद है। वह अपनी कार से बड़े पैमाने पर गांजे की बिक्री करता है।
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अक्सर वह गांजा बेचने के लिए जब जाता है तो कार में अपनी पुत्री सलोनी यादव को भी साथ लेकर जाता है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम औराडांड गांव के लिए रवाना हो गई। टीम ने सूचना के आधार पर छापेमारी की। आरोपी राजबहादुर यादव के घर के सामने उसकी कार मौजूद मिली। कार व घर की तलाशी के दौरान पुलिस टीम को 1 कुंतल 21 किलो 600 ग्राम गांजा बरामद हुआ। इसके अलावा पुलिस टीम ने मौके से 3 लाख 11 हजार 960 रुपए बरामद किए। मामला सत्र परीक्षण के लिए पेश हुआ। अभियोजन पक्ष से सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी दिलीप कुमार सिंह ने न्यायालय के समक्ष पर्याप्त साक्ष्य व गवाह प्रस्तुत किए।
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कहा कि यह संगीन अपराध है। इसमें दोषियों को कठोर सजा मिलनी चाहिए। अपर जिला सत्र न्यायाधीश एफटीसी द्वितीय पूजा विश्वकर्मा ने राजबहादुर व उसकी पुत्री को मामले का दोषी पाया। उन्होंने अपने फैसले में राजबहादुर को 12 व सलोनी को 10 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाने के साथ ही। दोनों पर 1-1 लाख रुपए का अर्थदंड लगाया। कहा कि यदि जुर्माने की रकम न अदा की गई तो 3-3 माह के अतिरिक्त कठोर कारावास की सजा भुगतनी होगी।
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