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सपाइयों ने तोड़ी धारा 144, 366 पर केस

Thu, 19 Dec 2019 11:45 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Thu, 19 Dec 2019 11:45 PM IST
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protest of Samajwadi party workers
फोटो-20, अंबेडकरनगर के बसखारी रोड पर नागरिकता संशोधन कानून का विरोध करने पर सपा कार्यकर्ता को बैरी? - फोटो : AMBEDKAR NAGAR
अंबेडकरनगर। नागरिकता संशोधन कानून का विरोध करने सपा कार्यकर्ता गुरुवार को सड़कों पर उतर आए। हालांकि, प्रशासन की सख्ती के चलते कार्यकर्ताओं का हुजूम कलेक्ट्रेट तक नहीं पहुंच पाया। पार्टी कार्यालय से निकलते ही पुलिस बल ने उन्हें रोक लिया। काफी देर तक पुलिस कर्मियों से धक्का-मुक्की भी हुई। पुलिस ने सख्ती दिखाते हुए 366 सपा कार्यकर्ताओं व नेताओं को हिरासत में लेकर बसों में बिठाया और पुलिस लाइन भेज दिया। यहां घंटों बिठाने के बाद उन्हें छोड़ दिया गया। बाद में धारा 144 का उल्लंघन करने के आरोप में इन सभी पर अकबरपुर कोतवाली में केस भी दर्ज करा दिया गया।
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नागरिकता संशोधन कानून के विरोध में पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार सपा नेता व कार्यकर्ता गुरुवार पूर्वान्ह अकबरपुर नगर के बसखारी रोड स्थित जिला कार्यालय पर इकट्ठा हुए। हालांकि, जिला प्रशासन ने पहले ही सभी तरह के जुलूस, सभा व भीड़ वाले आयोजनों पर रोक लगा दी थी। इसके बावजूद सपाइयों ने अपना कार्यक्रम निरस्त नहीं किया। इसे देखते हुए प्रशासन ने भी तगड़े इंतजाम कर लिए थे। पुलिस व प्रशासनिक उच्चाधिकारियों ने एक दिन पहले ही गोपनीय बैठक कर यह तय कर लिया था कि किसी भी कीमत पर सपा कार्यकर्ताओं को कलेक्ट्रेट के पास नहीं जाने दिया जाएगा।
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इसी के मद्देनजर कलेक्ट्रेट के आसपास के क्षेत्र को छावनी में तब्दील कर दिया गया था। उधर, पूर्वान्ह साढ़े ग्यारह बजे करीब सपा कार्यकर्ताओं का हुजूम कार्यालय से निकलकर बसखारी मुख्य मार्ग की तरफ बढ़ा तो पुलिस प्रशासन अलर्ट हो गया। बैरीकेडिंग कर सपाइयों को अकबरपुर आजमगढ़ मुख्य मार्ग पर न आने देने के लिए पुलिस कर्मी डट गए।
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सपाई जहां आगे बढ़ने पर आमादा थे वहीं पुलिस कर्मी उन्हें रोक रहे थे। इस दौरान सपा कार्यकर्ताओं की पुलिस से जमकर नोंकझोक हुई। करीब आधे घंटे तक चली नोकझोंक व खींचतान के बाद पुलिस ने 366 सपा नेताओं व कार्यकर्ताओं को बसों पर बिठाकर पुलिस लाइन भेज दिया। करीब पांच घंटे तक पुलिस लाइन में बिठाए रखने के बाद सभी को निजी मुचलके पर रिहा कर दिया गया। इस बीच प्रशासन ने धारा 144 का उल्लंघन करने के आरोप में अकबरपुर कोतवाली में सभी 366 सपा नेताओं व कार्यकर्ताओं के विरुद्ध केस दर्ज करा दिया। कोतवाल अमित सिंह की तहरीर पर जिन नेताओं पर केस दर्ज हुआ, उनमें पूर्व मंत्री राममूर्ति वर्मा, पूर्व मंत्री शंखलाल मांझी, पूर्व जिलाध्यक्ष रामसकल यादव, पूर्व विधायक विशाल वर्मा आदि मुख्य रूप से शामिल रहे।
सपा कार्यकर्ताओं के प्रदर्शन को देखते हुए डीएम राकेश कुमार मिश्र व एसपी आलोक प्रियदर्शी लगातार हालत का जायजा लेते रहे। दोनों अधिकारी न सिर्फ कलेक्ट्रेट में मौजूद रहे बलिक् वहां से निकलकर सपा कार्यालय के पास तक भी गए। वहां पुलिस द्वारा की गई बैरीकेडिंग का जायजा लिया और व्यवस्था में लगे पुलिस कर्मियों का मनोबल भी बढ़ाया। अधिकारियों ने पुलिस कर्मियों से धैर्य न खोने का निर्देश दिया। साथ में यह भी कहा कि जरूरी सख्ती बरतना हो तो परहेज न किया जाए। दोनों अधिकारियों ने इसके बाद कलेक्ट्रेट के इर्द गिर्द किए गए सुरक्षा प्रबंधों का मौका मुआयना किया। सपा नेताओं व कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी होने के बाद पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों की एक बैठक फिर से हुई, जिसमें आगे की रणनीति पर विचार-विमर्श किया गया।
हंगामा टालने के लिए प्रशासन ने कलेक्ट्रेट के पास तक वाहनों के जाने पर रोक लगा रखा थी। इसके लिए पटेलनगर तिराहे पर, कलेक्ट्रेट के पास टांडा रोड पर व अस्पताल मोड़ के पास बैरीकेडिंग की गई थी, जहां बड़ी तादाद में पुलिस कर्मियों की तैनाती थी। पुरुष सिपाहियों के अलावा महिला पुलिस कर्मियों को भी बड़ी संख्या में लगाया गया था।
धारा 144 का उल्लंघन करने की वजह से सपाइयों को गिरफ्तार किया गया। इससे खफा होकर सपाइयों ने कहा कि प्रशासन तो सरकार के दबाव में है, इसीलिए प्रदर्शन नहीं करने दिया। पूर्व मंत्री शंखलाल मांझी, राममूर्ति वर्मा, पूर्व विधायकों जयशंकर पाण्डेय, विशाल वर्मा, अजीमुलहक पहलवान व भीम सोनकर ने कहा कि नागरिकता संशोधन विधेयक देेश हित में नहीं है। विरोध पर अनावश्यक गिरफ्तारी की गई है। यह सब सरकार के दबाव में हुआ है। गिरफ्तारी देने पहुंचे वरिष्ठ नेता महंत चंद्रप्रकाश त्रिपाठी, रामसकल यादव, फूलचंद यादव, उत्तम पटेल, राजितराम यादव, आशीष पाण्डेय, अभिषेक सिंह, अजीत यादव, महेंद्र यादव, सूरज यादव, प्रदुम्मन यादव आदि ने कहा कि सरकार का यह जुल्म उसे भारी पड़ेगा।

धारा 144 लागू है। इसके बावजूद कानून तोड़ा गया। इसी वजह से 366 को हिरासत में लिया गया। बल प्रयोग की बात सरासर झूठ है। 144 के उल्लंघन में केस दर्ज करा दिया गया है। आगे भी कोई ऐसा करेगा तो किसी उसे छोड़ा नहीं जाएगा।
- राकेश कुमार मिश्र, जिलाधिकारी
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