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स्टेडियम में जलभराव संकट दूर करने को 76 लाख का प्रस्ताव भेजा
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फोटो 5, अंबेडकरनगर के खेल स्टेडियम स्थित इस मैदान को मिलेगी जलभराव से निजात।
- फोटो : AMBEDKAR NAGAR
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अंबेडकरनगर। जरा सी बारिश होने पर ही राजकीय एकलव्य खेल स्टेडियम में जलभराव हो जाता है। यह सालभर की समस्या है। इस वजह से आउटडोर गेम प्रभावित होते हैं। लंबे समय से इससे निजात दिलाने की मांग की जा रही है। इसके लिए 76 लाख रुपए की जरूरत है। काफी इंतजार के बाद जिला योजना के माध्यम से शासन को स्टेडियम में 76 लाख की लागत से मिट्टी पटाई व नाली निर्माण का प्रस्ताव भेजा गया है। शासन से मंजूरी मिलने के बाद काम शुरू हो जाएगा। ऐसा हुआ तो आउटडोर गेम के आयोजन में आने वाली बाधा दूर हो सकेगी।
जिले की खेल प्रतिभाओं को निखारने व युवाओं को खेल के प्रति प्रेरित करने के लिए 4 मई, 1997 को जिला मुख्यालय पर राजकीय एकलव्य खेल स्टेडियम का शिलान्यास हुआ था। तमाम उतार-चढ़ाव के बाद 28 दिसंबर 2001 में इसका लोकार्पण हुआ। स्टेडियम के निर्माण से युवाओं में खुशी की लहर दौड़ गई थी। स्टेडियम में विभिन्न प्रकार की खेल प्रतियोगिताओं का आयोजन भी शुरू हो गया। हालांकि, मैदान में मिट्टी की पटाई कम होने के चलते बरसात के मौसम में जलभराव की समस्या होने लगी। जल निकासी की समुचित व्यवस्था न होने से बारिश होने पर मैदान में जलभराव हो जाता है। इससे आउट डोर गेम प्रभावित होते हैं।
लंबे समय से मिट्टी पटाई किए जाने व मैदान के चारों तरफ नाली के निर्माण की मांग चली आ रही थी। इस बीच बीते दिनों हुई जिला योजना की बैठक में मिट्टी पटाई व नाली निर्माण को मंजूरी प्रदान की गई। जिला क्रीड़ा अधिकारी नीरज मिश्र ने बताया कि जिला योजना के माध्यम से 76 लाख रुपये की लागत से दो फीट मिट्टी पटाई व मैदान के चारों तरफ पक्की नाली के निर्माण का प्रस्ताव शासन को भेजा गया है। शासन से मंजूरी मिलने के बाद जरूरी प्रक्रिया निपटाकर मिट्टी पटाई व नाली निर्माण कराया जाएगा। उम्मीद है कि अनुमति मिली तो आगामी बरसात का मौसम शुरू होने से पहले मिट्टी पटाई व नाली का निर्माण पूर्ण कर लिया जाएगा।
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क्रिकेट खिलाड़ी सुधीर चतुर्वेदी ने कहा कि मिट्टी पटाई व नाली निर्माण से बारिश होने पर होने वाले जलभराव की समस्या दूर हो जाएगी। ऐसा होने से युवाओं को व्यापक लाभ होगा। दरअसल, जलभराव के चलते आउट डोर गेम नहीं हो पाता है। गेम शिक्षक प्रदीप यादव ने कहा कि बारिश होने पर जलभराव हो जाता है। बरसात समाप्त होने के बाद भी लगभग एक माह तक मैदान में कीचड़ रहता है। इससे कोई भी आउट डोर गेम नहीं हो पाता। मिट्टी पटाई से जलभराव समस्या दूर हो जाएगी। ऐसे में बरसात के मौसम में भी आउट डोर गेम आसानी से कराए जा सकेंगे। उम्मीद है कि समस्या से जल्द निजात मिलेगी
जिला योजना के माध्यम से 76 लाख रुपये की लागत से दो फीट मिट्टी पटाई व मैदान के चारों तरफ पक्की नाली के निर्माण का प्रस्ताव शासन को भेजा गया है। मंजूरी मिलते ही मिट्टी पटाई व नाली निर्माण शुरू करा दिया जाएगा। - नीरज मिश्रा, जिला क्रीड़ा अधिकारी
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जिले की खेल प्रतिभाओं को निखारने व युवाओं को खेल के प्रति प्रेरित करने के लिए 4 मई, 1997 को जिला मुख्यालय पर राजकीय एकलव्य खेल स्टेडियम का शिलान्यास हुआ था। तमाम उतार-चढ़ाव के बाद 28 दिसंबर 2001 में इसका लोकार्पण हुआ। स्टेडियम के निर्माण से युवाओं में खुशी की लहर दौड़ गई थी। स्टेडियम में विभिन्न प्रकार की खेल प्रतियोगिताओं का आयोजन भी शुरू हो गया। हालांकि, मैदान में मिट्टी की पटाई कम होने के चलते बरसात के मौसम में जलभराव की समस्या होने लगी। जल निकासी की समुचित व्यवस्था न होने से बारिश होने पर मैदान में जलभराव हो जाता है। इससे आउट डोर गेम प्रभावित होते हैं।
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लंबे समय से मिट्टी पटाई किए जाने व मैदान के चारों तरफ नाली के निर्माण की मांग चली आ रही थी। इस बीच बीते दिनों हुई जिला योजना की बैठक में मिट्टी पटाई व नाली निर्माण को मंजूरी प्रदान की गई। जिला क्रीड़ा अधिकारी नीरज मिश्र ने बताया कि जिला योजना के माध्यम से 76 लाख रुपये की लागत से दो फीट मिट्टी पटाई व मैदान के चारों तरफ पक्की नाली के निर्माण का प्रस्ताव शासन को भेजा गया है। शासन से मंजूरी मिलने के बाद जरूरी प्रक्रिया निपटाकर मिट्टी पटाई व नाली निर्माण कराया जाएगा। उम्मीद है कि अनुमति मिली तो आगामी बरसात का मौसम शुरू होने से पहले मिट्टी पटाई व नाली का निर्माण पूर्ण कर लिया जाएगा।
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क्रिकेट खिलाड़ी सुधीर चतुर्वेदी ने कहा कि मिट्टी पटाई व नाली निर्माण से बारिश होने पर होने वाले जलभराव की समस्या दूर हो जाएगी। ऐसा होने से युवाओं को व्यापक लाभ होगा। दरअसल, जलभराव के चलते आउट डोर गेम नहीं हो पाता है। गेम शिक्षक प्रदीप यादव ने कहा कि बारिश होने पर जलभराव हो जाता है। बरसात समाप्त होने के बाद भी लगभग एक माह तक मैदान में कीचड़ रहता है। इससे कोई भी आउट डोर गेम नहीं हो पाता। मिट्टी पटाई से जलभराव समस्या दूर हो जाएगी। ऐसे में बरसात के मौसम में भी आउट डोर गेम आसानी से कराए जा सकेंगे। उम्मीद है कि समस्या से जल्द निजात मिलेगी
जिला योजना के माध्यम से 76 लाख रुपये की लागत से दो फीट मिट्टी पटाई व मैदान के चारों तरफ पक्की नाली के निर्माण का प्रस्ताव शासन को भेजा गया है। मंजूरी मिलते ही मिट्टी पटाई व नाली निर्माण शुरू करा दिया जाएगा। - नीरज मिश्रा, जिला क्रीड़ा अधिकारी