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ड्रेन की सफाई न होने से दिक्कत
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आलापुर। स्थानीय तहसील क्षेत्र के बाभनपुर ड्रेन की सफाई न होने से किसानों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। बारिश के दिनों मे हुए जलभराव का पानी ड्रेन से नहीं निकल पा रहा है। इससे किसानों के खेत फसलों के बुवाई के लिए तैयार नही हो पा रहे हैं। लगभग 9 किलोमीटर लंबा यह ड्रेन जल निकासी का एक बड़ा माध्यम है। पिछले कुछ वर्षों से नहर विभाग इस ड्रेन को नजरअंदाज करता आ रहा है। ड्रेन की सफाई न होने से इस क्षेत्र में हुआ जलभराव समय से दूर नहीं हो पाया। इसका खामियाजा अब किसानों को भुगतना पड़ रहा है। इससे करीब 200 से अधिक किसान प्रभावित हो रहे हैं।
बताते चलें कि शाहपुर औराव गांव से निकलकर चहोड़ा शाहपुर तक जाने वाले बाभनपुर ड्रेन की लंबाई करीब 9 किलोमीटर है। इस ड्रेन से औरांव, शाहपुर, बाभनपुर, मसेना मिर्जापुर, बिमावल सहित दो दर्जन से अधिक गांव जुड़े हैं। बारिश के समय इन गांवों का पानी इसी ड्रेन के माध्यम से निकलता है। पिछले कुछ वर्षों से समय पर ड्रेन की सफाई नहीं की जा रही है। इससे ड्रेन कई जगह अत्यंत उथला व सकरा हो चुका है। नतीजा यह कि संबंधित क्षेत्र में जलभराव होने पर पानी सुगमता से नहीं निकल पा रहा है। इस बार कुछ ऐसे ही हालात बन गए हैं। साफ-सफाई न होने से कई क्षेत्रों में काफी अरसे तक जलभराव की स्थिति बनी रही।
मौजूदा समय में भी 200 से अधिक ऐसे किसान हैं, जिनके खेतों में अभी भी जलभराव का असर बरकरार है। इससे रबी फसल की बुवाई के लायक खेत तैयार नहीं हो पाया है। अधिक नमी होने के चलते खेतों की जुताई तक नहीं हो पा रही है। ऐसे में किसानों को काफी मुश्किल हो रही है, और रबी फसल की बुवाई में भी विलंब हो चुका है।
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रबी फसल की बुवाई की बात तो दूर दर्जनों किसान ऐसे हैं जो खेत में कीचड़ होने की वजह से धान की कटाई भी मुश्किल हो रही है। किसान वेदप्रकाश, हरिशंकर, मनीराम, सोनू, रामजनक आदि ने तहसील प्रशासन से समय रहते ड्रेन की सफाई कराने की मांग की है। कहा कि यदि इस बार भी सफाई में लापरवाही हुई तो आगामी दिनों में फिर किसानों को इसी तरह की मुश्किल का सामना करना पड़ेगा। कहा कि एक तरफ लंबे अरसे तक खेत में जलभराव से उनकी धान की फसल बर्बाद हो गई, वहीं अब गेहूं की बुवाई कर पाने से भी वंचित हो रहे हैं। इससे उन्हें दोहरा नुकसान झेलना पड़ रहा है। एसडीएम भरतलाल सरोज ने बताया कि ऐसी कोई शिकायत नहीं मिली है। इस बारे में जानकारी कराई जाएगी। किसानों की समस्या का प्राथमिता पर समाधान सुनिश्चित होगा।
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बताते चलें कि शाहपुर औराव गांव से निकलकर चहोड़ा शाहपुर तक जाने वाले बाभनपुर ड्रेन की लंबाई करीब 9 किलोमीटर है। इस ड्रेन से औरांव, शाहपुर, बाभनपुर, मसेना मिर्जापुर, बिमावल सहित दो दर्जन से अधिक गांव जुड़े हैं। बारिश के समय इन गांवों का पानी इसी ड्रेन के माध्यम से निकलता है। पिछले कुछ वर्षों से समय पर ड्रेन की सफाई नहीं की जा रही है। इससे ड्रेन कई जगह अत्यंत उथला व सकरा हो चुका है। नतीजा यह कि संबंधित क्षेत्र में जलभराव होने पर पानी सुगमता से नहीं निकल पा रहा है। इस बार कुछ ऐसे ही हालात बन गए हैं। साफ-सफाई न होने से कई क्षेत्रों में काफी अरसे तक जलभराव की स्थिति बनी रही।
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मौजूदा समय में भी 200 से अधिक ऐसे किसान हैं, जिनके खेतों में अभी भी जलभराव का असर बरकरार है। इससे रबी फसल की बुवाई के लायक खेत तैयार नहीं हो पाया है। अधिक नमी होने के चलते खेतों की जुताई तक नहीं हो पा रही है। ऐसे में किसानों को काफी मुश्किल हो रही है, और रबी फसल की बुवाई में भी विलंब हो चुका है।
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रबी फसल की बुवाई की बात तो दूर दर्जनों किसान ऐसे हैं जो खेत में कीचड़ होने की वजह से धान की कटाई भी मुश्किल हो रही है। किसान वेदप्रकाश, हरिशंकर, मनीराम, सोनू, रामजनक आदि ने तहसील प्रशासन से समय रहते ड्रेन की सफाई कराने की मांग की है। कहा कि यदि इस बार भी सफाई में लापरवाही हुई तो आगामी दिनों में फिर किसानों को इसी तरह की मुश्किल का सामना करना पड़ेगा। कहा कि एक तरफ लंबे अरसे तक खेत में जलभराव से उनकी धान की फसल बर्बाद हो गई, वहीं अब गेहूं की बुवाई कर पाने से भी वंचित हो रहे हैं। इससे उन्हें दोहरा नुकसान झेलना पड़ रहा है। एसडीएम भरतलाल सरोज ने बताया कि ऐसी कोई शिकायत नहीं मिली है। इस बारे में जानकारी कराई जाएगी। किसानों की समस्या का प्राथमिता पर समाधान सुनिश्चित होगा।