{"_id":"62c331d6a1eeed3a7e6c3c17","slug":"primary-health-center-running-on-the-basis-of-pharmacist-ambedkar-nagar-news-lko638153192","type":"story","status":"publish","title_hn":"फार्मासिस्ट के भरोसे चल रहा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
फार्मासिस्ट के भरोसे चल रहा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जलालपुर (अंबेडकरनगर)। तीन दशक पहले रुकुनपुर कासिमपुर में स्थापित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र वर्तमान में बदहाली का शिकार है। करीब छह माह से यहां चिकित्सक की तैनाती न होने के कारण पीएचसी का पूरा संचालन फार्मासिस्ट के भरोसे हो रहा है। फार्मासिस्ट के अवकाश पर चले जाने से मरीजों को इलाज की जगह ताला मिलता है।
वर्ष 1986 में रुकुनपुर कासिमपुर सहित आस पास के दर्जनों गांवों की लगभग 25 हजार आबादी को इलाज की मूलभूत सुविधा मुहैया कराने के लिए प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र की स्थापना हुई थी। इससे ग्रामीणों को सामान्य बीमारियों के इलाज के लिए किसी दूर दराज के अस्पताल का चक्कर भी नहीं काटना पड़ता था। लेकिन जिम्मेदारों की उदासीनता के चलते मौजूदा समय में यह पीएचसी संसाधनों के साथ ही स्टाफ के संकट से जूझ रही है।
यहां तैनात चिकित्सक का पद पिछले छह माह से खाली चल रहा है। ऐसे में पूरी पीएचसी का संचालन फार्मासिस्ट सुरेश कुमार के जिम्मे है। डॉक्टर न होने के कारण हाल चाल पूछने के बाद फार्मासिस्ट द्वारा ही मरीजों को स्टॉक में मौजूद दवा दी जाती है। इलाज की बेहतर व्यवस्था न होने के कारण ही मरीजों को अब मजबूरी में जलालपुर सीएचसी या फिर जिला अस्पताल तक की दौड़ लगाकर परेशानी उठानी पड़ती है।
विज्ञापन
पीएचसी में तैनात लैब टेक्नीशियन अजय पांडेय ने बताया कि यहां जांच के नाम पर सिर्फ शुगर, हीमोग्लोबिन व मलेरिया के टेस्ट की ही सुविधा है। खून से जुड़ी अन्य जांचों के लिए सीएचसी अथवा जिला अस्पताल भेजना पड़ता है। क्षेत्रीय नागरिक विवेक कुमार, महेंद्र तिवारी, मोनू व प्रमोद इत्यादि ने सीएमओ डॉ. श्रीकांत शर्मा को भेजे एक पत्र में अस्पताल में तत्काल एक चिकित्सक की तैनाती के साथ अन्य जरूरी संसाधन उपलब्ध करवाने की मांग भी की है।
विज्ञापन
वर्ष 1986 में रुकुनपुर कासिमपुर सहित आस पास के दर्जनों गांवों की लगभग 25 हजार आबादी को इलाज की मूलभूत सुविधा मुहैया कराने के लिए प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र की स्थापना हुई थी। इससे ग्रामीणों को सामान्य बीमारियों के इलाज के लिए किसी दूर दराज के अस्पताल का चक्कर भी नहीं काटना पड़ता था। लेकिन जिम्मेदारों की उदासीनता के चलते मौजूदा समय में यह पीएचसी संसाधनों के साथ ही स्टाफ के संकट से जूझ रही है।
विज्ञापन
यहां तैनात चिकित्सक का पद पिछले छह माह से खाली चल रहा है। ऐसे में पूरी पीएचसी का संचालन फार्मासिस्ट सुरेश कुमार के जिम्मे है। डॉक्टर न होने के कारण हाल चाल पूछने के बाद फार्मासिस्ट द्वारा ही मरीजों को स्टॉक में मौजूद दवा दी जाती है। इलाज की बेहतर व्यवस्था न होने के कारण ही मरीजों को अब मजबूरी में जलालपुर सीएचसी या फिर जिला अस्पताल तक की दौड़ लगाकर परेशानी उठानी पड़ती है।
विज्ञापन
पीएचसी में तैनात लैब टेक्नीशियन अजय पांडेय ने बताया कि यहां जांच के नाम पर सिर्फ शुगर, हीमोग्लोबिन व मलेरिया के टेस्ट की ही सुविधा है। खून से जुड़ी अन्य जांचों के लिए सीएचसी अथवा जिला अस्पताल भेजना पड़ता है। क्षेत्रीय नागरिक विवेक कुमार, महेंद्र तिवारी, मोनू व प्रमोद इत्यादि ने सीएमओ डॉ. श्रीकांत शर्मा को भेजे एक पत्र में अस्पताल में तत्काल एक चिकित्सक की तैनाती के साथ अन्य जरूरी संसाधन उपलब्ध करवाने की मांग भी की है।