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Ambedkar Nagar News: 230 विद्यालयों के समायोजन की तैयारी, आज शिक्षक करेंगे विरोध
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अंबेडकरनगर। जिले में लगभग 230 ऐसे परिषदीय स्कूल हैं, जहां पर छात्र व शिक्षक का अनुपात ठीक नहीं बैठ रहा हैं। कहीं दस बच्चे तो कहीं 20 छात्र पंजीकृत हैं, जबकि वहां पर मानक से अधिक शिक्षक तैनात हैं। ऐसे स्कूलों के बच्चों को अब शासन के निर्देश पर एक किलोमीटर के दायरे में दूसरे स्कूलों में समायोजित किया जाएगा। विलय के बाद खाली स्कूलों को सुसज्जित कर उनमें प्री-प्राइमरी कक्षाएं चलाने की तैयारी है।
जिले में 1583 परिषदीय विद्यालय संचालित हैं। पिछले काफी समय से कई स्कूलों में बच्चों के कम नामांकन से छात्र व शिक्षकों का अनुपात बिगड़ गया है। इससे लगातार स्कूलों में बच्चों की संख्या घट रही है, लेकिन वहां पर छात्रों की अपेक्षा शिक्षक अधिक हैं। इसे देखते हुए सरकार ने कम नामांकन वाले स्कूलों को मर्ज करने की नीति तैयार की है।
शासन के निर्देश के बाद विभाग की ओर से इसकी तैयारी पूरी कर ली गई है। नई नीति के तहत कम नामांकन वाले स्कूलों के बच्चे नजदीकी स्कूल में समायोजित किए जाएंगे। इसके लिए विभाग तैयारी में भी जुट गया है, लेकिन शिक्षक संगठनों समेत शिक्षक-अभिभावक समितियां स्कूल मर्ज करने की नीति के विरोध में हैं। उनका तर्क है कि अधिकतर ग्रामीण क्षेत्रों में आज भी स्कूलों की कमी है। यदि स्कूलों को एक में मिला दिया गया तो बच्चों और शिक्षक के लिए स्कूल दूर हो जाएंगे।
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सुरक्षा के लिहाज से ग्रामीण क्षेत्र में लोग अपनी बेटियों को दूर के स्कूलों में भेजने से हिचकते हैं। बताया जा रहा है कि जिन स्कूलों का विलय कराया जाएगा, उसके बाद खाली उन स्कूलों का इस्तेमाल को-लोकेटेड आंगनबाड़ी केंद्र के लिए जाएगा। समायोजन के विरोध में उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ की ओर से शुक्रवार को अंबेडकर पार्क में एकत्रित होकर विरोध जताया जाएगा जिसके बाद मुख्यमंत्री से संबंधित ज्ञापन सौंपा जाएगा।
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जिले में 1583 परिषदीय विद्यालय संचालित हैं। पिछले काफी समय से कई स्कूलों में बच्चों के कम नामांकन से छात्र व शिक्षकों का अनुपात बिगड़ गया है। इससे लगातार स्कूलों में बच्चों की संख्या घट रही है, लेकिन वहां पर छात्रों की अपेक्षा शिक्षक अधिक हैं। इसे देखते हुए सरकार ने कम नामांकन वाले स्कूलों को मर्ज करने की नीति तैयार की है।
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शासन के निर्देश के बाद विभाग की ओर से इसकी तैयारी पूरी कर ली गई है। नई नीति के तहत कम नामांकन वाले स्कूलों के बच्चे नजदीकी स्कूल में समायोजित किए जाएंगे। इसके लिए विभाग तैयारी में भी जुट गया है, लेकिन शिक्षक संगठनों समेत शिक्षक-अभिभावक समितियां स्कूल मर्ज करने की नीति के विरोध में हैं। उनका तर्क है कि अधिकतर ग्रामीण क्षेत्रों में आज भी स्कूलों की कमी है। यदि स्कूलों को एक में मिला दिया गया तो बच्चों और शिक्षक के लिए स्कूल दूर हो जाएंगे।
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सुरक्षा के लिहाज से ग्रामीण क्षेत्र में लोग अपनी बेटियों को दूर के स्कूलों में भेजने से हिचकते हैं। बताया जा रहा है कि जिन स्कूलों का विलय कराया जाएगा, उसके बाद खाली उन स्कूलों का इस्तेमाल को-लोकेटेड आंगनबाड़ी केंद्र के लिए जाएगा। समायोजन के विरोध में उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ की ओर से शुक्रवार को अंबेडकर पार्क में एकत्रित होकर विरोध जताया जाएगा जिसके बाद मुख्यमंत्री से संबंधित ज्ञापन सौंपा जाएगा।