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Ambedkar Nagar News: एक करोड़ हड़पने में संस्था पर एफआईआर की तैयारी
Sat, 04 Apr 2026 11:06 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अम्बेडकरनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, अम्बेडकरनगर
Updated Sat, 04 Apr 2026 11:06 PM IST
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अंबेडकरनगर। स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए अनुबंध पर रखे गए कर्मचारियों के मानदेय में गड़बड़ी का मामला अब तूल पकड़ने लगा है। विभागीय जांच में करीब एक करोड़ रुपये की वित्तीय अनियमितता सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने संबंधित संस्था के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने की तैयारी शुरू कर दी है।
फरवरी 2023 में सफाई कर्मचारी, चौकीदार और स्टाफ नर्स समेत कुल 170 दैनिक कर्मियों की नियुक्ति टेंडर प्रक्रिया के तहत एक निजी संस्था फ्रीडम के माध्यम से की गई थी। नियुक्ति के समय कर्मियों को 12 हजार रुपये मानदेय देने का आश्वासन दिया गया था लेकिन भुगतान सिर्फ 10,500 रुपये का ही किया जा रहा था।
मानदेय में कटौती के अलावा ईपीएफ का पैसा भी कंपनी की ओर से जमा नहीं कराया जा रहा था। अगस्त 2023 में किसी भी कर्मचारी को मानदेय का भुगतान नहीं किए जाने पर मामले की शिकायत विभागीय अफसरों से की गई। मामला तूल पकड़ने पर विभागीय स्तर पर जांच कराई गई तो बड़ी वित्तीय गड़बड़ी उजागर हुई। शिकायतों के बाद सीएमओ कार्यालय की ओर से संस्था के अधिकारियों को कई बार पत्र भेजकर पक्ष जानने की कोशिश की गई लेकिन संस्था की तरफ से अभी तक कोई संतोषजनक जवाब नहीं दिया गया है।
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इस संबंंध में सीएमओ डॉ. संजय कुमार शैवाल ने बताया कि संस्था के निदेशक को कई बार नोटिस भेजने के बाद भी इस मामले में अपना पक्ष प्रस्तुत करने के लिए कोई जवाब नहीं दिया गया है। ऐसे में अब संस्था के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने की तैयारी की जा रही है।
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फरवरी 2023 में सफाई कर्मचारी, चौकीदार और स्टाफ नर्स समेत कुल 170 दैनिक कर्मियों की नियुक्ति टेंडर प्रक्रिया के तहत एक निजी संस्था फ्रीडम के माध्यम से की गई थी। नियुक्ति के समय कर्मियों को 12 हजार रुपये मानदेय देने का आश्वासन दिया गया था लेकिन भुगतान सिर्फ 10,500 रुपये का ही किया जा रहा था।
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मानदेय में कटौती के अलावा ईपीएफ का पैसा भी कंपनी की ओर से जमा नहीं कराया जा रहा था। अगस्त 2023 में किसी भी कर्मचारी को मानदेय का भुगतान नहीं किए जाने पर मामले की शिकायत विभागीय अफसरों से की गई। मामला तूल पकड़ने पर विभागीय स्तर पर जांच कराई गई तो बड़ी वित्तीय गड़बड़ी उजागर हुई। शिकायतों के बाद सीएमओ कार्यालय की ओर से संस्था के अधिकारियों को कई बार पत्र भेजकर पक्ष जानने की कोशिश की गई लेकिन संस्था की तरफ से अभी तक कोई संतोषजनक जवाब नहीं दिया गया है।
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इस संबंंध में सीएमओ डॉ. संजय कुमार शैवाल ने बताया कि संस्था के निदेशक को कई बार नोटिस भेजने के बाद भी इस मामले में अपना पक्ष प्रस्तुत करने के लिए कोई जवाब नहीं दिया गया है। ऐसे में अब संस्था के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने की तैयारी की जा रही है।