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Ambedkar Nagar News: इलाज के दौरान गर्भवती की मौत, शव किया रेफर
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बसखारी (अंबेडकरनगर) इलाज कराने बुधवार को सीएचसी पहुंची गर्भवती की मौत हो गई। इसे लेकर हंगामा हुआ। घरवालों का आरोप है कि ड्रिप के साथ आयरन का इंजेक्शन देने से उसकी तबीयत बिगड़ गई और मौत हो गई। वहीं अस्पताल प्रशासन ने इससे इंकार किया है।
हंसवर थाना क्षेत्र रामपुर बेनीपुर गांव निवासी मिठाई लाल की पत्नी अरुणा (28) अपने मायके फिदाई गणेशपुर से इलाज कराने तीन दिन पहले बसखारी सीएचसी गई थी। इस दौरान गर्भवती की जांच में खून की कमी निकली। बुधवार को वह फिर से इलाज के लिए भाई के साथ बसखारी सीएचसी पहुंची। आरोप है कि वहां डॉक्टर मौजूद नहीं था, उपस्थित कर्मचारियों ने उसको ड्रिप के साथ आयरन आदि के इंजेक्शन दिए जिसके साथ ही तबीयत बिगड़ने लगी। गर्भवती की तबीयत बिगड़ते देख कर्मचारी परेशान हो गए, इसी दौरान महिला की मौत हो गई।
घरवालों का आरोप है कि मौत के बावजूद अस्पताल के कर्मचारी आनन-फानन महिला को रेफर करने का कागज बनाकर ले जाने का दबाव बनाने लगे। इसे लेकर कहासुनी भी हुई। हालांकि बाद में महिला की मौत के बाद परिजन उसका शव घर लेकर चले गए। उधर प्रभारी डा. मार्कंडेय प्रसाद ने बताया कि महिला का उपचार किया गया। सुधार न होने पर रेफर कर दिया गया। उपचार चिकित्सक ने ही किया। यहां वह ठीक थी, यहां से जाने के बाद क्या हुआ, यह नहीं पता है। (संवाद)
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हंसवर थाना क्षेत्र रामपुर बेनीपुर गांव निवासी मिठाई लाल की पत्नी अरुणा (28) अपने मायके फिदाई गणेशपुर से इलाज कराने तीन दिन पहले बसखारी सीएचसी गई थी। इस दौरान गर्भवती की जांच में खून की कमी निकली। बुधवार को वह फिर से इलाज के लिए भाई के साथ बसखारी सीएचसी पहुंची। आरोप है कि वहां डॉक्टर मौजूद नहीं था, उपस्थित कर्मचारियों ने उसको ड्रिप के साथ आयरन आदि के इंजेक्शन दिए जिसके साथ ही तबीयत बिगड़ने लगी। गर्भवती की तबीयत बिगड़ते देख कर्मचारी परेशान हो गए, इसी दौरान महिला की मौत हो गई।
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घरवालों का आरोप है कि मौत के बावजूद अस्पताल के कर्मचारी आनन-फानन महिला को रेफर करने का कागज बनाकर ले जाने का दबाव बनाने लगे। इसे लेकर कहासुनी भी हुई। हालांकि बाद में महिला की मौत के बाद परिजन उसका शव घर लेकर चले गए। उधर प्रभारी डा. मार्कंडेय प्रसाद ने बताया कि महिला का उपचार किया गया। सुधार न होने पर रेफर कर दिया गया। उपचार चिकित्सक ने ही किया। यहां वह ठीक थी, यहां से जाने के बाद क्या हुआ, यह नहीं पता है। (संवाद)
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