{"_id":"5fe77ac88ebc3e410458af8b","slug":"pradhan-ambedkar-nagar-news-lko5568019116","type":"story","status":"publish","title_hn":"922 ग्राम पंचायतों में प्रशासकों ने संभाला कार्यभार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
922 ग्राम पंचायतों में प्रशासकों ने संभाला कार्यभार
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अंबेडकरनगर। जिले की सभी 922 ग्राम पंचायतों में प्रशासकों ने कार्यभार संभाल लिया है। इससे पहले सभी ग्राम प्रधानों का कार्यकाल 25 दिसंबर की मध्यरात्रि समाप्त हो गया। ग्राम पंचायतों में इसके साथ ही प्रशासक के तौर पर एडीओ पंचायत को जिम्मा सौंपा गया है। विकास कार्य में किसी भी प्रकार की समस्या न हो, इसके लिए एडीओ पंचायत व सचिव का डोगल प्रभावी हो गया। प्रशासक के तौर पर तैनात किए गए एडीओ पंचायत को निर्देशित किया गया कि गांव में विभिन्न योजनाओं के संचालन में किसी भी प्रकार की समस्या नहीं होनी चाहिए।
गौरतलब है कि ग्राम प्रधानों का कार्यकाल 25 दिसंबर की मध्यरात्रि 12 बजे समाप्त हो गया था। इसके साथ ही उनका डोगल भी निष्क्रिय हो गया । ग्रामीण क्षेत्रों में विकास कार्य किसी भी तरह से प्रभावित न हो, इसके लिए बीते दिनों ही अपर मुख्य सचिव पंचायतीराज मनोज कुमार सिंह ने सभी जिलाधिकारी व डीपीआरओ को पत्र भेजकर निर्देशित किया था कि ग्राम प्रधानों का कार्यकाल समाप्त होने के बाद विकास कार्य किसी भी प्रकार से प्रभावित न हो, ऐसे में तत्काल प्रशासक की तैनाती कर दी है। जो भी प्रशासक तैनात किया जाए, वह सहायक विकास अधिकारी के पद से नीचे न हो।
अपर मुख्य सचिव के निर्देश के बाद से ही यह तय हो गया था कि ग्राम प्रधानों का कार्यकाल समाप्त होने के बाद एडीओ पंचायत को ही प्रशासक के तौर पर तैनात किया जाएगा।
विज्ञापन
ऐसे में प्रधानों का कार्यकाल समाप्त होते ही 922 ग्राम पंचायतों में प्रशासकों को कार्यभार सौंप दिया गया। बताते चलें कि जिले में पूर्व में कुल 930 ग्राम पंचायतें थीं। इनमें नगर पंचायत अशरफपुर किछौछा के विस्तारीकरण के बाद तीन ग्राम पंचायतें इसमें शामिल हो गई, जबकि पांच ग्राम पंचायतें नगर पालिका परिषद जलालपुर के विस्तारीकरण में चली गईं। ऐसे में मौजूदा समय में 922 ग्राम पंचायतें हैं। 25 दिसंबर की मध्यरात्रि के बाद तत्काल ही एडीओ पंचायत को प्रशासक के तौर पर तैनात कर दिया गया। अब ग्राम पंचायत निधि की पूरी जिम्मेदारी संबंधित सचिव व सहायक विकास अधिकारी पर होगी।
बीते दिनों ही शासन ने जहांगीरगंज व राजेसुल्तानपुर को नगर पंचायत घोषित किया था। इन नगर पंचायतों में लगभग 38 गांव शामिल हुए थे। ऐसे में उहापोह की स्थिति थी कि जो गांव इन दोनों नगर पंचायतों में शामिल हुए हैं, वहां प्रशासक तैनात होंगे या फिर किसी अन्य प्रकार से विकास कार्यों का संचालन किया जाएगा। हालांकि बाद में ऊहापोह की स्थिति समाप्त हो गई और वहां भी एडीओ पंचायत को ही प्रशासक के तार पर तैनात कर दिया गया। डीपीआरओ शेषदेव पाण्डेय ने इस संबंध में बताया कि जब तक इन दोनों नगर पंचायतों का गजट नहीं हो जाता तब तक विकास कार्यों की जिम्मेदारी एडीओ पंचायत व सचिव पर ही होगी।
922 ग्राम पंचायतों में प्रधानों का कार्यकाल 25 दिसंबर की मध्यरात्रि समाप्त होने के बाद प्रशासक के तौर पर एडीएमओ पंचायत की तैनाती की गई है। एडीओ पंचायत व सचिव के डोगल भी सक्रिय हो गए हैं। ऐसे में ग्राम पंचायतों में विकास कार्य की जिम्मेदारी अब एडीओ पंचायत निभाएंगे।
शेषदेव पाण्डेय, डीपीआरओ
विज्ञापन
गौरतलब है कि ग्राम प्रधानों का कार्यकाल 25 दिसंबर की मध्यरात्रि 12 बजे समाप्त हो गया था। इसके साथ ही उनका डोगल भी निष्क्रिय हो गया । ग्रामीण क्षेत्रों में विकास कार्य किसी भी तरह से प्रभावित न हो, इसके लिए बीते दिनों ही अपर मुख्य सचिव पंचायतीराज मनोज कुमार सिंह ने सभी जिलाधिकारी व डीपीआरओ को पत्र भेजकर निर्देशित किया था कि ग्राम प्रधानों का कार्यकाल समाप्त होने के बाद विकास कार्य किसी भी प्रकार से प्रभावित न हो, ऐसे में तत्काल प्रशासक की तैनाती कर दी है। जो भी प्रशासक तैनात किया जाए, वह सहायक विकास अधिकारी के पद से नीचे न हो।
विज्ञापन
अपर मुख्य सचिव के निर्देश के बाद से ही यह तय हो गया था कि ग्राम प्रधानों का कार्यकाल समाप्त होने के बाद एडीओ पंचायत को ही प्रशासक के तौर पर तैनात किया जाएगा।
विज्ञापन
ऐसे में प्रधानों का कार्यकाल समाप्त होते ही 922 ग्राम पंचायतों में प्रशासकों को कार्यभार सौंप दिया गया। बताते चलें कि जिले में पूर्व में कुल 930 ग्राम पंचायतें थीं। इनमें नगर पंचायत अशरफपुर किछौछा के विस्तारीकरण के बाद तीन ग्राम पंचायतें इसमें शामिल हो गई, जबकि पांच ग्राम पंचायतें नगर पालिका परिषद जलालपुर के विस्तारीकरण में चली गईं। ऐसे में मौजूदा समय में 922 ग्राम पंचायतें हैं। 25 दिसंबर की मध्यरात्रि के बाद तत्काल ही एडीओ पंचायत को प्रशासक के तौर पर तैनात कर दिया गया। अब ग्राम पंचायत निधि की पूरी जिम्मेदारी संबंधित सचिव व सहायक विकास अधिकारी पर होगी।
बीते दिनों ही शासन ने जहांगीरगंज व राजेसुल्तानपुर को नगर पंचायत घोषित किया था। इन नगर पंचायतों में लगभग 38 गांव शामिल हुए थे। ऐसे में उहापोह की स्थिति थी कि जो गांव इन दोनों नगर पंचायतों में शामिल हुए हैं, वहां प्रशासक तैनात होंगे या फिर किसी अन्य प्रकार से विकास कार्यों का संचालन किया जाएगा। हालांकि बाद में ऊहापोह की स्थिति समाप्त हो गई और वहां भी एडीओ पंचायत को ही प्रशासक के तार पर तैनात कर दिया गया। डीपीआरओ शेषदेव पाण्डेय ने इस संबंध में बताया कि जब तक इन दोनों नगर पंचायतों का गजट नहीं हो जाता तब तक विकास कार्यों की जिम्मेदारी एडीओ पंचायत व सचिव पर ही होगी।
922 ग्राम पंचायतों में प्रधानों का कार्यकाल 25 दिसंबर की मध्यरात्रि समाप्त होने के बाद प्रशासक के तौर पर एडीएमओ पंचायत की तैनाती की गई है। एडीओ पंचायत व सचिव के डोगल भी सक्रिय हो गए हैं। ऐसे में ग्राम पंचायतों में विकास कार्य की जिम्मेदारी अब एडीओ पंचायत निभाएंगे।
शेषदेव पाण्डेय, डीपीआरओ