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झमाझम बारिश होने से बिजली आपूर्ति बाधित
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अंबेडकरनगर। हवा के साथ झमाझम बरसात होने से जिले की विद्युत आपूर्ति व्यवस्था चरमराई गई। इससे न सिर्फ ग्रामीण क्षेत्र, बल्कि जिला मुख्यालय के उपभोक्ताओं को भी बिजली से वंचित रहना पड़ा। हालांकि जिला मुख्यालय पर तो शाम तक गड़बड़ी दूर कर आपूर्ति बहाल कर दी गई, लेकिन ज्यादातर ग्रामीण क्षेत्रों में देर शाम तक उपभोक्ताओं को बिजली उपलब्ध नहीं हो सकी थी। इस बीच बारिश होने से धान व गन्ना किसानों के चेहरे खिल उठे। हालांकि बारिश से जिला मुख्यालय के अलावा कई अन्य नगरीय क्षेत्रों में जलभराव की भी समस्या उत्पन्न हो गई। इससे नागरिकों को आवागमन में दिक्कतें हुईं।
वैसे तो शनिवार देर शाम से ही बादल उमड़-घुमड़ रहे थे। उम्मीद थी कि शनिवार रात ही बारिश होगी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। रविवार को सुबह लगभग एक घंटे तक हुई झमाझम बारिश ने सबसे अधिक प्रतिकूल प्रभाव विद्युत आपूर्ति पर डाला। हवा के साथ हुई बरसात से कहीं जर्जर तार टूट गए, तो कहीं ओवरलोडेड ट्रांसफार्मर ने जवाब दे दिया। इससे जलालपुर, बसखारी, किछौछा, टांडा, राजेसुल्तानपुर, जहांगीरगंज, आलापुर, रामनगर, हजपुरा, मछलीगांव, कटेहरी, महरुआ, भीटी, अकबरपुर समेत जिले के कई अन्य क्षेत्रों में लगभग एक लाख आबादी की विद्युत आपूर्ति बाधित रही।
जलालपुर तहसील मुख्यालय के निकट स्थित विद्युत खंभे के चारों तरफ झाड़ झंखाड़ होने से संबंधित क्षेत्र की विद्युत आपूर्ति ठप हो गई। इससे संबंधित क्षेत्र के उपभोक्ताओं को मुश्किलों की सामना करना पड़ा। हालांकि जिला मुख्यालय पर शाम तक गड़बड़ी दूर कर आपूर्ति बहाल कर दी गई, लेकिन ज्यादातर ग्रामीण क्षेत्रों में देर शाम विद्युत आपूर्ति बहाल नहीं हो सकी थी। उधर, अधिशाषी अभियंता विद्युत अकबरपुर वीके पटेल ने बताया कि कुछ क्षेत्रों में गड़बड़ी हुई थी, जिसे समय रहते दूर कर आपूर्ति बहाल कर दी गई।
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धान व गन्ना किसानों के खिले चेहरे
रविवार को हुई बारिश से धान व गन्ना किसानों ने खुशी का इजहार किया। कहा कि मौजूदा समय में गन्ना व धान की सिंचाई की सख्त जरूरत थी। साधन संपन्न किसान तो वैकल्पिक व्यवस्था कर सिंचाई कर लेते हैं, लेकिन आर्थिक रूप से कमजोर किसान बारिश के पानी पर ही निर्भर रहते हैं। रविवार को हुई बारिश ने ऐसे किसानों को काफी राहत दी। भीटी के धान किसान रामबख्श सिंह व महरुआ के रामबदन ने खुशी का इजहार करते हुए कहा कि बारिश से धान व गन्ने की उपज को व्यापक लाभ मिलेगा। यदि इसी प्रकार से समय समय पर बारिश होती रहे, तो इससे बेहतर उपज की संभावना है। जलालपुर के गयादीन वर्मा व टांडा के महेश शर्मा ने कहा कि धान की सिंचाई की सख्त जरूरत थी। बारिश ने सिंचाई संबंधित समस्या को दूर कर दिया।
जलभराव से आवागमन में हुई परेशानी
रविवार को हुई बारिश से जिला मुख्यालय के साथ-साथ जिले के कई अन्य क्षेत्रों में जलभराव की समस्या उत्पन्न हो गई। नाले व नाली का पानी सड़क पर बहने लगा। इससे नागरिकों को आवागमन में मुश्किलों का सामना करना पड़ा। जिला मुख्यालय पर अकबरपुर अयोध्या मार्ग पर शीतला आश्रम के निकट से बनगांव मोड़ तक, शहजादपुर सब्जी मंडी, कृषि भवन के निकट, कोतवाली के निकट, बस स्टेशन क्षेत्र के अलावा केदारनगर बाजार, भीटी बाजार, जहांगीरगंज समेत कई प्रमुख मार्गों पर जलभराव हो गया। इससे नाराज नागरिकों ने कहा कि यदि समय रहते नाले व नालियों की समुचित सफाई कर दी गई होती, तो इस प्रकार की मुश्किलों का सामना न करना पड़ा।
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वैसे तो शनिवार देर शाम से ही बादल उमड़-घुमड़ रहे थे। उम्मीद थी कि शनिवार रात ही बारिश होगी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। रविवार को सुबह लगभग एक घंटे तक हुई झमाझम बारिश ने सबसे अधिक प्रतिकूल प्रभाव विद्युत आपूर्ति पर डाला। हवा के साथ हुई बरसात से कहीं जर्जर तार टूट गए, तो कहीं ओवरलोडेड ट्रांसफार्मर ने जवाब दे दिया। इससे जलालपुर, बसखारी, किछौछा, टांडा, राजेसुल्तानपुर, जहांगीरगंज, आलापुर, रामनगर, हजपुरा, मछलीगांव, कटेहरी, महरुआ, भीटी, अकबरपुर समेत जिले के कई अन्य क्षेत्रों में लगभग एक लाख आबादी की विद्युत आपूर्ति बाधित रही।
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जलालपुर तहसील मुख्यालय के निकट स्थित विद्युत खंभे के चारों तरफ झाड़ झंखाड़ होने से संबंधित क्षेत्र की विद्युत आपूर्ति ठप हो गई। इससे संबंधित क्षेत्र के उपभोक्ताओं को मुश्किलों की सामना करना पड़ा। हालांकि जिला मुख्यालय पर शाम तक गड़बड़ी दूर कर आपूर्ति बहाल कर दी गई, लेकिन ज्यादातर ग्रामीण क्षेत्रों में देर शाम विद्युत आपूर्ति बहाल नहीं हो सकी थी। उधर, अधिशाषी अभियंता विद्युत अकबरपुर वीके पटेल ने बताया कि कुछ क्षेत्रों में गड़बड़ी हुई थी, जिसे समय रहते दूर कर आपूर्ति बहाल कर दी गई।
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धान व गन्ना किसानों के खिले चेहरे
रविवार को हुई बारिश से धान व गन्ना किसानों ने खुशी का इजहार किया। कहा कि मौजूदा समय में गन्ना व धान की सिंचाई की सख्त जरूरत थी। साधन संपन्न किसान तो वैकल्पिक व्यवस्था कर सिंचाई कर लेते हैं, लेकिन आर्थिक रूप से कमजोर किसान बारिश के पानी पर ही निर्भर रहते हैं। रविवार को हुई बारिश ने ऐसे किसानों को काफी राहत दी। भीटी के धान किसान रामबख्श सिंह व महरुआ के रामबदन ने खुशी का इजहार करते हुए कहा कि बारिश से धान व गन्ने की उपज को व्यापक लाभ मिलेगा। यदि इसी प्रकार से समय समय पर बारिश होती रहे, तो इससे बेहतर उपज की संभावना है। जलालपुर के गयादीन वर्मा व टांडा के महेश शर्मा ने कहा कि धान की सिंचाई की सख्त जरूरत थी। बारिश ने सिंचाई संबंधित समस्या को दूर कर दिया।
जलभराव से आवागमन में हुई परेशानी
रविवार को हुई बारिश से जिला मुख्यालय के साथ-साथ जिले के कई अन्य क्षेत्रों में जलभराव की समस्या उत्पन्न हो गई। नाले व नाली का पानी सड़क पर बहने लगा। इससे नागरिकों को आवागमन में मुश्किलों का सामना करना पड़ा। जिला मुख्यालय पर अकबरपुर अयोध्या मार्ग पर शीतला आश्रम के निकट से बनगांव मोड़ तक, शहजादपुर सब्जी मंडी, कृषि भवन के निकट, कोतवाली के निकट, बस स्टेशन क्षेत्र के अलावा केदारनगर बाजार, भीटी बाजार, जहांगीरगंज समेत कई प्रमुख मार्गों पर जलभराव हो गया। इससे नाराज नागरिकों ने कहा कि यदि समय रहते नाले व नालियों की समुचित सफाई कर दी गई होती, तो इस प्रकार की मुश्किलों का सामना न करना पड़ा।