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सीएम के पास पहुंची पुलिस की करतूत
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अंबेडकरनगर। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जनपद पुलिस की करतूतों पर जल्द कार्रवाई का भरोसा दिलाया है। यह जानकारी मंगलवार की शाम सपा विधायक सुभाष राय ने दी। दरअसल जनपद पुलिस के उत्पीड़न समेत विभिन्न करतूतों को लेकर विधायक ने शाम को सीएम से उनके लखनऊ स्थित सरकारी आवास पर मुलाकात की। उनसे जलालपुर में युवक के पास से शराब की फर्जी बरामदगी दिखाने और शिकायत के बाद भी अधिकारियों की ओर से मौन साधे रखने की शिकायत की। सीएम ने अमर उजाला समाचार पत्र की कटिंग को विस्तार से पढ़ा। विधायक के अनुसार इसके बाद सीएम ने आश्वासन दिया कि जल्द ही जरूरी कार्रवाई तय करेंगे। सीएम से मिलकर लौटे विधायक ने कहा कि मुख्यमंत्री ने गंभीरता से मामले का संज्ञान लिया।
युवक को शराब के साथ फर्जी ढंग से फंसाए जाने को लेकर सीएम से मिलने सोमवार को लखनऊ पहुंचे सपा विधायक सुभाष राय की मुलाकात नहीं हो पाई थी। हालांकि अपर मुख्य सचिव गृह अवनीश अवस्थी से मिलकर संपूर्ण प्रकरण से अवगत करा दिया था। इस बीच मंगलवार की शाम सरकारी आवास पर सीएम से मिलने का समय मिलते ही विधायक सुभाष राय पहुंचे।
उन्होंने पूर्व जिला महासचिव राजितराम यादव और प्रधान सत्यप्रकाश यादव के साथ सीएम योगी आदित्यनाथ से मुलाकात कर जनपद पुलिस की कई करतूत बताईं। उन्होंने जलालपुर में प्रतियोगी युवक को पकड़ कर फर्जी ढंग से शराब की बरामदगी दिखा देने का जिक्र किया तो सीएम ने उस दौरान उनकी बात सुनते हुए शिकायती पत्र के साथ लगी सिर्फ अमर उजाला समाचार पत्र की कटिंग को पढ़ना शुरू कर दिया।
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विधायक ने सीएम से कहा कि न्याय की इस लड़ाई में अमर उजाला ने अत्यंत प्रमुखता से लगातार समाचार प्रकाशित किया। इस पर कोतवाल को अंडर ट्रांसफर होने के चलते गैर जनपद के लिए कार्यमुक्त कर दिया, लेकिन उसकी जिम्मेदारी तय करते हुए कोई कार्रवाई एसपी ने नहीं की। रिलीव करने की इतनी जल्दी क्या थी। क्यों नहीं कोतवाल को सस्पेंड किया गया। सीएम को यह भी बताया कि दोषी सिपाहियों को सस्पेंड कर उनके विरुद्ध मुकदमा दर्ज कराने की जरूरत नहीं महसूस की गई।
विधायक ने सीएम को बताया कि मैंने एसपी को सुबह ही निर्दोष युवक को फंसाए जाने की जानकारी दी थी, लेकिन उन्हें शाम तक थाने में फोन कर जानकारी हासिल करने की सुध नहीं रही। ऐसा लगता है कि थानों में जो कुछ गड़बड़ी हो रही है, वह अधिकारियों के लिए कोई मायने नहीं रखती। विधायक ने बताया कि सीएम ने जल्द ही प्रकरण में कार्रवाई करने का भरोसा दिलाया है।
थाना प्रभारियों को है मनमानी की छूट
विधायक ने सीएम को बताया कि माहौल ऐसा हो गया है, जिले में जिससे लगता है कि अधिकारियों ने सभी एसओ को मनमानी करने की छूट दे रखी हो। आए दिन वसूली और उत्पीड़न की शिकायत आने, केस दर्ज करने की बजाय डांट कर भगा देने आदि मामले सामने आते रहते हैं, लेकिन लंबे समय से ऐसी कोई कार्रवाई नहीं की गई, जिससे पुलिसकर्मी मनमानी बंद कर सकें। कुछ खास बाहरी लोग अधिकारियों से नजदीकी का फायदा उठाकर थानों पर हुकुम चलाते रहते हैं। तमाम अनुचित काम उनके दबाव में हो जा रहे हैं। इन परिस्थितियों का शिकार आम आदमी हो रहा है। पुलिस से ही न्याय की उम्मीद रहती है, जबकि पुलिस ही अन्याय करने में जुट गई है। विधायक ने सीएम से कहा कि जिले में कहीं भी पता कर लिया जाए तो यही मिलेगा कि सिर्फ लूट का माहौल बना हुआ है।
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युवक को शराब के साथ फर्जी ढंग से फंसाए जाने को लेकर सीएम से मिलने सोमवार को लखनऊ पहुंचे सपा विधायक सुभाष राय की मुलाकात नहीं हो पाई थी। हालांकि अपर मुख्य सचिव गृह अवनीश अवस्थी से मिलकर संपूर्ण प्रकरण से अवगत करा दिया था। इस बीच मंगलवार की शाम सरकारी आवास पर सीएम से मिलने का समय मिलते ही विधायक सुभाष राय पहुंचे।
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उन्होंने पूर्व जिला महासचिव राजितराम यादव और प्रधान सत्यप्रकाश यादव के साथ सीएम योगी आदित्यनाथ से मुलाकात कर जनपद पुलिस की कई करतूत बताईं। उन्होंने जलालपुर में प्रतियोगी युवक को पकड़ कर फर्जी ढंग से शराब की बरामदगी दिखा देने का जिक्र किया तो सीएम ने उस दौरान उनकी बात सुनते हुए शिकायती पत्र के साथ लगी सिर्फ अमर उजाला समाचार पत्र की कटिंग को पढ़ना शुरू कर दिया।
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विधायक ने सीएम से कहा कि न्याय की इस लड़ाई में अमर उजाला ने अत्यंत प्रमुखता से लगातार समाचार प्रकाशित किया। इस पर कोतवाल को अंडर ट्रांसफर होने के चलते गैर जनपद के लिए कार्यमुक्त कर दिया, लेकिन उसकी जिम्मेदारी तय करते हुए कोई कार्रवाई एसपी ने नहीं की। रिलीव करने की इतनी जल्दी क्या थी। क्यों नहीं कोतवाल को सस्पेंड किया गया। सीएम को यह भी बताया कि दोषी सिपाहियों को सस्पेंड कर उनके विरुद्ध मुकदमा दर्ज कराने की जरूरत नहीं महसूस की गई।
विधायक ने सीएम को बताया कि मैंने एसपी को सुबह ही निर्दोष युवक को फंसाए जाने की जानकारी दी थी, लेकिन उन्हें शाम तक थाने में फोन कर जानकारी हासिल करने की सुध नहीं रही। ऐसा लगता है कि थानों में जो कुछ गड़बड़ी हो रही है, वह अधिकारियों के लिए कोई मायने नहीं रखती। विधायक ने बताया कि सीएम ने जल्द ही प्रकरण में कार्रवाई करने का भरोसा दिलाया है।
थाना प्रभारियों को है मनमानी की छूट
विधायक ने सीएम को बताया कि माहौल ऐसा हो गया है, जिले में जिससे लगता है कि अधिकारियों ने सभी एसओ को मनमानी करने की छूट दे रखी हो। आए दिन वसूली और उत्पीड़न की शिकायत आने, केस दर्ज करने की बजाय डांट कर भगा देने आदि मामले सामने आते रहते हैं, लेकिन लंबे समय से ऐसी कोई कार्रवाई नहीं की गई, जिससे पुलिसकर्मी मनमानी बंद कर सकें। कुछ खास बाहरी लोग अधिकारियों से नजदीकी का फायदा उठाकर थानों पर हुकुम चलाते रहते हैं। तमाम अनुचित काम उनके दबाव में हो जा रहे हैं। इन परिस्थितियों का शिकार आम आदमी हो रहा है। पुलिस से ही न्याय की उम्मीद रहती है, जबकि पुलिस ही अन्याय करने में जुट गई है। विधायक ने सीएम से कहा कि जिले में कहीं भी पता कर लिया जाए तो यही मिलेगा कि सिर्फ लूट का माहौल बना हुआ है।