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Ambedkar Nagar News: मरीजों की सेहत से खिलवाड़, 31 अल्ट्रासाउंड केंद्रों के लाइसेंस रद्द
Mon, 08 Sep 2025 12:37 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अम्बेडकरनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, अम्बेडकरनगर
Updated Mon, 08 Sep 2025 12:37 AM IST
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अकबरपुर स्थित सीएमओ कार्यालय।
अंबेडकरनगर। जिले में फर्जीवाड़े, लापरवाही और नियमों की धज्जियां उड़ाते हुए संचालित हो रहे 31 अल्ट्रासाउंड सेंटरों पर जिला प्रशासन ने शिकंजा कस दिया है। मरीजों की सेहत से खिलवाड़ कर रहे इन केंद्रों की जांच में गंभीर खामियां सामने आईं हैं। इसके बाद प्रशासन ने 31 केंद्रों के लाइसेंस तत्काल प्रभाव से रद्द कर दिए हैं।
जिन केंद्रों पर कार्रवाई की गई है, वहां या तो कोई योग्य चिकित्सक ही नहीं था या फिर तकनीकी व चिकित्सा सुविधाएं पूरी तरह फर्जी या अधूरी पाई गईं। इससे न सिर्फ पीसीपीएनडीटी एक्ट का खुला उल्लंघन हो रहा था, बल्कि मरीजों की जिंदगी के साथ भी खिलवाड़ किया जा रहा था। स्वास्थ्य विभाग ने आदेश जारी करते हुए सभी अल्ट्रासाउंड मशीनें सीएमओ कार्यालय में जमा कराने के सख्त निर्देश दिए हैं, लेकिन कई संचालकों ने अब तक आदेश का पालन नहीं किया है। इसके बाद सीएमओ कार्यालय ने सभी एसडीएम, सीओ और सीएचसी अधीक्षकों को पत्र जारी कर मशीनें जब्त कर कार्यालय में जमा कराने के निर्देश दिए हैं।
जांच में सामने आई गड़बड़ियों की परतें
जिले में कुल 69 अल्ट्रासाउंड केंद्रों के लाइसेंस जारी थे। इनमें से पहले ही 40 केंद्रों को संदिग्ध मानते हुए उनके नवीनीकरण पर रोक लगा दी गई थी। डीएम के आदेश पर गठित टीमों ने जब केंद्रों की फील्ड जांच की, तो 31 सेंटर पूरी तरह मानक विहीन, अपात्र स्टाफ और बिना जरूरी दस्तावेजों के चलते पाए गए। कई सेंटरों में तकनीकी स्टाफ का नामोनिशान नहीं था, कई जगहों पर अनुचित उपकरण लगे थे, और कुछ सेंटर तो कागजों पर ही संचालित हो रहे थे। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के मुताबिक, यह केवल कानून का उल्लंघन नहीं बल्कि एक आपराधिक लापरवाही है।
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तीन स्तर पर दिया गया मौका
कार्रवाई से पहले विभाग ने सेंटर संचालकों को तीन अलग-अलग स्तरों पर अपना पक्ष रखने का पूरा मौका दिया था, लेकिन तीनों स्तर पर कोई भी संचालक कोई ठोस दस्तावेज या योग्य डॉक्टर उपलब्ध नहीं करा सका। इसके बाद प्रशासन ने कठोर कदम उठाते हुए लाइसेंस रद्द करने का आदेश जारी कर दिया।
टांडा क्षेत्र के इन सेंटरों पर हुई कार्रवाई
आइका डायग्नोस्टिक सेंटर, बसखारी रोड, अकबरपुर
सरिता अल्ट्रासाउंड सेंटर, महानगर कॉलोनी
ईशू डायग्नोस्टिक सेंटर, कटेहरी
आयुष अल्ट्रासाउंड क्लीनिक, शहजादपुर
शिफा डायग्नोस्टिक, जहांगीरगंज
फातिमा डायग्नोस्टिक सेंटर, रामगढ़ रोड जलालपुर
वंदना डायग्नोस्टिक एंड हेल्थ सेंटर, टांडा
एनटीपीसी हॉस्पिटल, विद्युतनगर टांडा
मानक पूरा नहीं कर सके संचालक
पीसीपीएनडीटी एक्ट के तहत 31 सेंटरों पर कार्रवाई की गई है। उन्हें पर्याप्त अवसर दिया गया, लेकिन कोई भी मानकों को पूरा नहीं कर सका। संचालकों को मशीनें जमा कराने के निर्देश दिए गए हैं।
डॉ. संजय कुमार शैवाल, मुख्य चिकित्सा अधिकारी
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जिन केंद्रों पर कार्रवाई की गई है, वहां या तो कोई योग्य चिकित्सक ही नहीं था या फिर तकनीकी व चिकित्सा सुविधाएं पूरी तरह फर्जी या अधूरी पाई गईं। इससे न सिर्फ पीसीपीएनडीटी एक्ट का खुला उल्लंघन हो रहा था, बल्कि मरीजों की जिंदगी के साथ भी खिलवाड़ किया जा रहा था। स्वास्थ्य विभाग ने आदेश जारी करते हुए सभी अल्ट्रासाउंड मशीनें सीएमओ कार्यालय में जमा कराने के सख्त निर्देश दिए हैं, लेकिन कई संचालकों ने अब तक आदेश का पालन नहीं किया है। इसके बाद सीएमओ कार्यालय ने सभी एसडीएम, सीओ और सीएचसी अधीक्षकों को पत्र जारी कर मशीनें जब्त कर कार्यालय में जमा कराने के निर्देश दिए हैं।
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जांच में सामने आई गड़बड़ियों की परतें
जिले में कुल 69 अल्ट्रासाउंड केंद्रों के लाइसेंस जारी थे। इनमें से पहले ही 40 केंद्रों को संदिग्ध मानते हुए उनके नवीनीकरण पर रोक लगा दी गई थी। डीएम के आदेश पर गठित टीमों ने जब केंद्रों की फील्ड जांच की, तो 31 सेंटर पूरी तरह मानक विहीन, अपात्र स्टाफ और बिना जरूरी दस्तावेजों के चलते पाए गए। कई सेंटरों में तकनीकी स्टाफ का नामोनिशान नहीं था, कई जगहों पर अनुचित उपकरण लगे थे, और कुछ सेंटर तो कागजों पर ही संचालित हो रहे थे। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के मुताबिक, यह केवल कानून का उल्लंघन नहीं बल्कि एक आपराधिक लापरवाही है।
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तीन स्तर पर दिया गया मौका
कार्रवाई से पहले विभाग ने सेंटर संचालकों को तीन अलग-अलग स्तरों पर अपना पक्ष रखने का पूरा मौका दिया था, लेकिन तीनों स्तर पर कोई भी संचालक कोई ठोस दस्तावेज या योग्य डॉक्टर उपलब्ध नहीं करा सका। इसके बाद प्रशासन ने कठोर कदम उठाते हुए लाइसेंस रद्द करने का आदेश जारी कर दिया।
टांडा क्षेत्र के इन सेंटरों पर हुई कार्रवाई
आइका डायग्नोस्टिक सेंटर, बसखारी रोड, अकबरपुर
सरिता अल्ट्रासाउंड सेंटर, महानगर कॉलोनी
ईशू डायग्नोस्टिक सेंटर, कटेहरी
आयुष अल्ट्रासाउंड क्लीनिक, शहजादपुर
शिफा डायग्नोस्टिक, जहांगीरगंज
फातिमा डायग्नोस्टिक सेंटर, रामगढ़ रोड जलालपुर
वंदना डायग्नोस्टिक एंड हेल्थ सेंटर, टांडा
एनटीपीसी हॉस्पिटल, विद्युतनगर टांडा
मानक पूरा नहीं कर सके संचालक
पीसीपीएनडीटी एक्ट के तहत 31 सेंटरों पर कार्रवाई की गई है। उन्हें पर्याप्त अवसर दिया गया, लेकिन कोई भी मानकों को पूरा नहीं कर सका। संचालकों को मशीनें जमा कराने के निर्देश दिए गए हैं।
डॉ. संजय कुमार शैवाल, मुख्य चिकित्सा अधिकारी