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भटक रहे किसान, नहीं हो पा रही सम्मान निधि योजना में नाम की फीडिंग

Tue, 09 Jul 2019 11:30 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Tue, 09 Jul 2019 11:30 PM IST
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persons can't got kisan samman nidhi plan
अंबेडकरनगर। कृषि विभाग कर्मचारियों व लेखपालों की मनमानी से किसानों को सम्मान निधि योजना का लाभ मिल पाना मुश्किल दिख रहा है। किसान अपना नाम योजना के तहत फीड कराने के लिए कृषि विभाग कार्यालय पहुंच रहे हैं, लेकिन उनकी कोई सुनवाई नहीं हो रही है।
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लेखपाल कहते हैं कि सूची कृषि विभाग कार्यालय को उपलब्ध करा दी गई है, तो कृषि विभाग कर्मचारी यह कहकर किसानों को वापस कर देते हैं उनके गांव की सूची अभी तक लेखपाल द्वारा नहीं दी गई है। ऐसे में किसान चक्कर काटने को विवश हैं।
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केंद्र्र सरकार किसान सम्मान निधि योजना के तहत किसानों को तिमाही 2 हजार रुपए देने का निर्णय लिया है। पहले सरकार काफी संख्या में किसानों को 2-2 हजार रुपए की दो किस्त दे चुकी है। नई सरकार बनने के बाद एक बार फिर इस योजना पर काम शुरु हुआ हुआ। सरकार ने 5 एकड़ सेे कम जोत वाले किसानों को इस योजना का लाभ देने का निर्णय लिया है। इस योजना का लाभ दिलाने के लिए किसानों के नाम की फीडिंग का कार्य कृषि विभाग कार्यालय द्वारा किया जा रहा है। लेखपालों द्वारा उपलब्ध सूची के आधार पर फीडिंग किया जा रहा है। परन्तु जिले में अभी बड़ी संख्या में ऐसे किसान हैं, जिनके नाम की फीडिंग नहीं हो सकी है। ऐसे में किसान लेखपाल व कृषि विभाग कार्यालय का चक्कर काटने को विवश हैं।
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अकबरपुर तहसील क्षेत्र के तहिरापुर निवासी रोहित, जमुनीपुर निवासी सुरेश कुमार, अकबरपुर निवासी योगेन्द्र प्रसाद का कहना है कि वह एक पखवारे से नाम फीड कराने के लिए चक्कर काट रहे हैं। कृषि विभाग कार्यालय पहुंचने पर कहा जाता है कि लेखपाल द्वारा सूची नहीं दी गई है। लेखपाल से जब वार्ता की जाती है, वह कहता है कि सूची भेज दी गई है। उधर शासन द्वारा नाम फीडिंग की अन्तिम तिथि 10 जुलाई रखी गई है। जिले में 30 प्रतिशत से अधिक किसान ऐसे हैं, जिनके नाम की फीडिंग नहीं हो पाया है।
डाटा संशोधन को लेकर भी विभागीय कर्मचारी किसानों का सहयोग नहीं कर रहे हैं। कहा जाता है कि पोर्टल लॉक है। ऐसे में वह कुछ नहीं कर सकते। जबकि किसानों का आरोप है कि जो किसान पैसा उपलब्ध करा देता है, उसकी समस्याओं को तत्परता से दूर कर दिया जाता है।

उपकृषि निदेशक आरडी बागला ने बताया कि किसान सम्मान निधि योजना में किसानों के नाम की फीडिंग लेखपालों द्वारा उपलब्ध करायी जा रही सूची के आधार पर हो रही है। कर्मचारियों को यह कार्य गंभीरता से करने का निर्देश है। यदि फीडिंग में मनमानी को लेकर यदि कोई शिकायत मिली तो कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
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